एनजीटी ने पानीपत रिफाइनरी पर किया 25 करोड़ का हर्जाना

एनजीटी ने पानीपत रिफाइनरी पर किया 25 करोड़ का हर्जाना
एनजीटी ने पानीपत रिफाइनरी पर किया 25 करोड़ का हर्जाना

पानीपत, 25 जुलाई (हि.स.)। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनसीटी) ने इंडियन आयल की पानीपत स्थित रिफाइनर पर प्रदूषण फैलाने व स्वास्थ को नुकसान पहुंचाने के आरोपित साबित होने पर एक बार फिर 25 करोड़ का हर्जाना किया है। यह हर्जाना पानीपत रिफाइनरी प्रशासन को एक माह के अंदर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में जमा कराना होगा। हर्जाने की यह राशि पर्यावरण को मजबूत करने के लिए कहां व किन मदों में खर्च की जाएगी, इसका खाका हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पानीपत प्रशासन तैयार करेगा और मंजूरी के लिए एनजीटी को भेजेगा। प्रदूषण फैलाने व स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने का दोष साबित होने पर पानीपत रिफाइनरी पर एनजीटी पहले भी 17.31 करोड़ रुपये का हर्जाना लगा चुका है और इसकी वसूली भी हो गई है। जांच करने वाली संयुक्त कमेटी पानीपत रिफाइनरी पर 642.18 करोड़ रुपये के हर्जाने की अनुशंसा कर चुकी है। 25 करोड़ का हर्जाना वसूली के एनजीटी के आदेश इसी अनुशंसा का हिस्सा है। पानीपत रिफाइनरी के खिलाफ प्रदूषण फैलाने व स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के मामले में चल रहे केस की सुनवाई अब एनजीटी में 17 फरवरी सन् 2021 को होगी। ट्रिब्यूनल ने पानीपत रिफाइनरी की कार्यप्रणाली की जांच के लिए ज्वाइंट एक्शन कमेटी का गठन किया था जिसकी जांच में गांव सिंहपुरा, न्यू बोहली, ददलाना, रेर कलां, फरीदपुर आदि क्षेत्रों में रिफाइनरी के कारण भूजल के खराब होने, रिफाइनरी से निकलने वाली विभिन्न प्रकार की गैस से नागरिकों का स्वास्थ्य खराब होने की सच्चाई सामने आई थी। हालांकि ज्वाइंट एक्शन कमेटी के गठन के दौरान पानीपत की तत्कालीन उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने रिफाइनरी को अप्रत्यक्ष तरीके से बचाने के लिए अपनी शक्तियों का गलत प्रयोग कर जांच को बाधित करने की चेष्टा की थी, लेकिन एनजीटी के सख्त रूख के चलते ज्वांइट एक्शन कमेटी ने जांच करके 642.18 करोड़ रुपये हर्जाना की वसूली की अनुशंसा की थी। हिन्दुस्थान समाचार/विकास/वेदपाल/सुनीत-hindusthansamachar.in

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