एनईपी सबसे व्यापक, समावेशी, सर्वांगीण और भविष्य की नीति : पोखरियाल

एनईपी सबसे व्यापक, समावेशी, सर्वांगीण और भविष्य की नीति : पोखरियाल
nep-most-comprehensive-inclusive-all-round-and-future-policy-pokhriyal

नई दिल्ली,18 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को भविष्य की नीति बताते हुए गुरुवार को कहा कि एनईपी सबसे व्यापक, समावेशी, सर्वांगीण और भविष्य की नीति है जो शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव लाने का प्रयास करेगी। पोखरियाल ने एसोचैम द्वारा आयोजित 14वें नेशनल एजुकेशन समिट को संबोधित करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति को ढाई लाख ग्राम पंचायतों, 6600 ब्लॉक, 6000 अर्बन लोकल बॉडी, 676 जिले और लगभग दो लाख सुझावों के बाद तैयार किया गया है। उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस नीति के बारे में कहा है कि यह भारतीय छात्रों को ग्लोबल सिटीजन बनाने और उन्हें 21वीं सदी के लिए तैयार करने का काम करेगी। इसके अलावा यह नीति "पहुंच, इक्विटी, गुणवत्ता, सामर्थ्य, जवाबदेही" के ठोस सिद्धांतों पर आधारित है और भारत को "विश्व गुरु" बनाने की रूपरेखा तैयार करती है। पोखरियाल ने सभी को इस नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि यह "क्या सोचें के बजाय कैसे सोचें" पर केंद्रित है। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर भी विस्तारपूर्वक बताया और एसोचैम जैसी संस्था को इसके क्रियान्वयन एवं इस नीति के महत्वपूर्ण हिस्से - छात्रों की इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और नौकरी में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, "एसोचैम जैसे संगठन जिनके पास क्षमता का एक मजबूत नेटवर्क है, को छात्रों की इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के सबसे आवश्यक पहलू के लिए विश्वविद्यालयों और नेटवर्क के निर्माण के लिए आगे आने चाहिए।" निशंक ने कहा कि भारत का भविष्य उज्ज्वल है और हमारी नीति इसे उज्ज्वल बनाने का वादा करती है। इसके लिए सभी को एकजुट होकर श्रेष्ठ प्रयास करने होंगे। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील/सुनीत-hindusthansamachar.in