ओरल कैंसर से लड़ने के लिए नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर ओरल हेल्थ एंड टोबैको सिसेशन

 ओरल कैंसर से लड़ने के लिए नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर ओरल हेल्थ एंड टोबैको सिसेशन
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नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। ओरल कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए दिल्ली के मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज में नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर ओरल हेल्थ एंड टोबैको सिसेशन (एनआरसी-ओएच-टीसी) शुरू किया गया है। यह देश के कुल 315 डेंटल कॉलेज में पहला नेशनल रिसोर्स सेंटर है। दांतों की सेहत को लेकर अधिकतर लोग आज भी जागरूक नहीं हैं। यही वजह है कि युवाओं में भी ओरल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह नेशनल रिसोर्स सेंटर ज्यादा से ज्यादा लोगों में तंबाकू व मादक पदार्थो के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाने मददगार होगा। साथ ही देश के दंत चिकित्सकों को बेहतर प्रशिक्षण देने और डेंटल हेल्थ को लेकर रिसर्च कंडक्ट करने के उद्देश्य से यह नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर ओरल हेल्थ एंड टोबैको सिसेशन स्थापित किया गया है। तंबाकू चाहे चबा कर खाया जाए या फिर सिगरेट के रूप में लिया जाए, नुकसान पहुंचाता ही है। यह शरीर के लिए धीमा जहर है। धीरे-धीरे व्यक्ति इसका आदि हो जाता है। उसके बाद चाहते हुए भी इस लत से छुटकारा पाने में दिक्कत होती है। आज के दौर में तंबाकू को बढ़ावा देने वाली फिल्में, ओटीटी प्लेटफॉर्म और विज्ञापनों की वजह से युवा इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसका फायदा उठाते हुए तंबाकू उत्पादों से जुड़ी कंपनियां इसे प्रमोट करने में लगी है। दुनिया भर में हर साल 7 मिलियन से अधिक मौतें केवल तंबाकू के सेवन से होती हैं। यह लोगों के लिए अलामिर्ंग सिग्नल है। तंबाकू में पाया जाने वाला निकोटिन सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाता है। इसके सेवन से कैंसर, डिप्रेशन, नपुंसकता जैसी खतरनाक बीमारियां होने की संभावना होती है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा कि देश व राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दंत चिकित्सकों को इस नेशनल रिसोर्स सेंटर में बेहतर ट्रेनिंग दी जाएगी। यहां अलग-अलग तरह के ट्रेनिंग प्रोग्राम व सेशन कराए जाएंगे। साथ ही रिसर्च कंडक्ट करने, सरकार के लिए पॉलिसी डेवलप करने और सपोर्ट करने में यह सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज की ओर से दी जा रही सेवाओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों से तंबाकू निवारण व निषेध के लिए यहां 10 हजार पेशेंट्स का इलाज किया जा चुका है। मौलाना आजाद दंत विज्ञान संस्थान की निदेशक डॉक्टर संगीता तलवार ने बताया कि यह 2011 के बाद से एनएबीएच द्वारा मान्यता प्राप्त पहला डेंटल हॉस्पिटल है। नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर ओरल हेल्थ एंड टोबैको सिसेशन अब पेशेंट केयर, शोध और तंबाकू समाप्ति में दंत स्वास्थ्य पेशेवरों के दायरे को विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा। तंबाकू सिसेशन से बहुत से असहाय और उन जरूरतमंदों को मदद मिलेगी, जो तंबाकू के सेवन के प्रभाव से अनजान हैं। एनआरसी-ओएच-टीसी का लक्ष्य 1. जागरूकता फैलाना- ज्यादा से ज्यादा लोगों को तंबाकू व मादक पदार्थो के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का प्रयास करना। 2. सशक्तिकरण- सामाज के हर तबके के लोगों को तंबाकू का सेवन करने से रोकने के प्रति सशक्त बनाना। 3.रिसर्च में भागीदारी- इस सेंटर में रिसर्च होगी। हेल्थ एजुकेशन के लिए अलग अलग भाषा में रिसर्च पेपर बनाएं जाएंगे। जोकि देश के अलग-अलग जगहों पर सकुर्लेट किए जाएंगे। 4. पॉलिसीज में योगदान- सेंटर द्वारा सरकार की पॉलिसीज को डेवेलप करने और सपोर्ट करने में अहम योगदान रहेगा। जिससे सरकार की पॉलीसीज सभी लोगों को ध्यान में रखते हुए बनाई जाए। 5. डेंटिस्ट ट्रेनिंग- देश के दंत चिकित्सकों को प्रशिक्षण देना, ताकि वो दूसरे लोगों को बेहतर उपचार दे सकें। 6. रणनीति बनाना और सहायता प्रदान करना- लोगों को शिक्षित करने के अलावा ये लोगों को तंबाकू की आदत छोड़ने में सहयोग देना। --आईएएनएस जीसीबी/एएनएम

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