देवी-देवताओं का अपमान करने पर शार्ली हेब्दो के प्रति मुस्लिम संगठनों ने नाराजगी जताई

देवी-देवताओं का अपमान करने पर शार्ली हेब्दो के प्रति मुस्लिम संगठनों ने नाराजगी जताई
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- करोड़ों भारतीयों की आस्था को ठेस पहुंचाने के लिए फ्रांसीसी पत्रिका से माफी मांगने की मांग नई दिल्ली, 17 मई (हि.स.)। फ्रांस से प्रकाशित होने वाली विवादास्पद पत्रिका शार्ली हेब्दो के ताजा अंक में भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों पर छापे गए ताजा कार्टून में देवी-देवताओं का अपमान किया गया है। इससे नाराज मुस्लिम संगठनों ने पत्रिका की कड़ी आलोचना की है। मुस्लिम संगठनों का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी को भी किसी की भी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। मुस्लिम संगठनों ने कहा है कि पत्रिका ने अपने ताजा अंक में एक कार्टून बनाकर देवी-देवताओं का यह कहते हुए अपमान किया है कि करोड़ों देवती-देवता के मौजूद होने के बावजूद भारत में ऑक्सीजन की कमी कैसे हो गई है। मुस्लिम संगठनों ने पत्रिका के इस कृत्य पर नाराजगी का इजहार करते हुए पत्रिका के जिम्मेदारों से माफी मांगने की मांग की है। ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव अल्लामा बुनई हसनी ने कहा है कि भारत में हिन्दू देवी-देवताओं का आदर सम्मान और उनकी पूजा की जाती है। पत्रिका ने उन्हीं का अपमानित किया है। उनका कहना है कि पत्रिका के इस कृत्य से करोड़ों भारतीयों की आस्थाओं को ठेंस पहुंची है। उनका कहना है कि पत्रिका की तरफ से हमेशा इस तरह का कृत्य करके सस्ती ख्याति प्राप्त करने की कोशिश की जाती रहती है जो किसी भी तरह से उचित नहीं है। उनका कहना है कि पत्रिका ने इससे पहले हजरत मोहम्मद साहब का कार्टून प्रकाशित किया था जिसको लेकर दुनिया भर में इसका विरोध किया गया था। अब उसने कोरोना वायरस का बहाना बनाकर और ऑक्सीजन की कमी को सामने रखकर देवी देवताओं को निशाना बनाया है। इसे कोई भी भारतीय किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकता है। उनका कहना है कि भारत सरकार को इस संदर्भ में पत्रिका के खिलाफ विरोध दर्ज कराना चाहिए और पत्रिका के मालिकों से माफी की मांग करनी चाहिए। गरीब नवाज फाउंडेशन के अध्यक्ष मौलाना अंसार रजा ने इस घटना पर कड़ा विरोध व्यक्त करते हुए कहा है कि शार्ली हेब्दो के मालिक हमेशा से ही धार्मिक आस्था से जुडे़ मामलों को प्रकाशित करके सस्ती शोहरत पाने की कोशिश में लगे रहते हैं। उन्होंने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदुत्ववादी संगठनों ने इस मामले पर चुप्पी क्यों साध रखी है? उनका कहना है कि हिंदुत्व की अलमबरदार भारतीय जनता पार्टी की केंद्र में सरकार है। उसे कम से कम इस बात पर फ्रांस सरकार और पत्रिका के मालिकों से सवाल-जवाब तो करना ही चाहिए। पत्रिका ने इस कार्टून का प्रकाशन करके करोड़ों भारतीयों की आस्थाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है। इस्लामिक यूथ फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष फैजान देहलवी ने पत्रिका पर आस्थाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि किसी भी पत्रिका या समाचार पत्र को लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति बिल्कुल भी नहीं दी जा सकती है। उनका कहना है कि पत्रिका ने जिस कार्टून का प्रकाशन किया है, वह हिंदू देवी-देवताओं का अपमान है। उन्होंने पत्रिका के संदर्भ में कहा है कि हम मुसलमान देश के हिंदू भाइयों के साथ पत्रिका के इस कृत्य के खिलाफ साथ में खड़े हैं। उनका कहना है कि पत्रिका को देवी-देवताओं के अपमान की करने की इजाजत बिल्कुल भी नहीं दे सकती हैं। उसके मालिकों को फौरन अपने ताजा अंक को लेकर माफी मांगनी चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/एम. ओवैस/मोहम्मद शहजाद