मप्र: 'अपनों के लिए-अपना कोविड केयर सेंटर' को अमेरिका से आई मदद

मप्र: 'अपनों के लिए-अपना कोविड केयर सेंटर' को अमेरिका से आई मदद
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-अपनी बचत पूंजी से रिटायर्ड दंपति ने एक हजार डॉलर का सहयोग दिया भोपाल, 13 मई (हि.स.)। 'अपि स्वर्णमयी लङ्का न मे लक्ष्मण रोचते। जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ॥' कहा जाता है कि श्लोक पुरानी संस्कृत रामायणों में लिखा हुआ पाया गया है, जिसका कि सीधा अर्थ है भगवान श्रीराम द्वारा भाई लक्ष्मण को सम्बोधित करते हुए! यद्यपि यह लंका सोने की बनी है, फिर भी इसमें मेरी कोई रुचि नहीं है। (क्योंकि) जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान हैं। वास्तव में आज कोविड के महासंकट के समय में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम द्वारा लक्ष्मण को कहे गए ये वचन अमेरिका में रह रहे शाजापुर निवासी सक्सेना दंपति ने सच कर दिखाए हैं। दरअसल, नि:स्वार्थ समर्पण का भाव लिए आर.सी. सक्सेना (दद्दा) और इंदु सक्सेना ने कोरोना संकट के दौरान अमेरिका से एक हज़ार डॉलर (लगभग 73 हजार रुपये) की मदद शुजालपुर में 'अपनों के लिए-अपना कोविड केयर सेंटर' को देकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। सक्सेना दंपति ने यह राशि शुजालपुर के वरिष्ठ शिक्षक दिनेश भारद्वाज के माध्यम से स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) और सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार को भेंट की है। उद्देश्य यह है कि यह राशि काविड में समाज सहयोग से चल रहे चिकित्सालय पर खर्च हो । उल्लेखनीय है कि शुजालपुर निवासी सक्सेना सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं सक्सेना सेवानिवृत्त प्राचार्य हैं, जो कि वर्तमान में अपने बेटों के साथ अमेरिका में रहते हैं। सक्सेना दंपति ने शुजालपुर के कई लोगों को मार्गदर्शन दिया है और शिक्षा का पाठ पढ़ाया है। विदेश में रहने के बाद भी अपनी मिट्टी अपने वतन से उनका आत्मीय स्नेह इस समर्पण से साफ झलगता है। ऑनलाइन वीडियो कॉल पर चर्चा कें दौरान सक्सेना दंपति ने स्कूल शिक्षा और सामान्य प्रशासन मंत्री इंदर सिंह परमार को बताया है कि वे शुजालपुर में कोरोना वायरस के प्रकोप से वह चिंतित रहते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से जब उन्हें समाज के सहयोग से संचालित 'अपनो के लिए-अपना कोविड केयर सेंटर' की जानकारी मिली तो उन्होंने इसे काफी सराहा और अपनी बचत पूंजी में से यथा-शक्ति मदद करने का निर्णय लिया। सक्सेना दंपति ने अपने समय के शुजालपुर की याद को ताजा करते हुए राज्यमंत्री परमार की पहल की प्रशंसा करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया है। जिस पर शुजालपुरवासियों की ओर से श्री परमार ने सक्सेना दंपति के इस अनुकरणीय योगदान के लिए आभार और धन्यवाद माना। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि आपके द्वारा पहले हम सभी को जीवन का सच्चा मार्गदर्शन शुजालपुर में रहते हुए मिला, अब हमें शिक्षा के साथ जो मानवता का पाठ विदेश में रहते हुए आपने पढ़ाया है वो भविष्य में हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा। हिन्दुस्थान समाचार/डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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