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मप्र बजट सत्र: राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित

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भोपाल, 22 फरवरी (हि.स.)। मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को सुबह 11.00 बजे शुरू हुआ। शुरुआत में सबसे पहले विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन हुआ। भाजपा विधायक गिरीश गौतम निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। इसके बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार की पिछले एक साल की उपलब्धियों का उल्लेख किया। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार, 23 फरवरी सुबह 11.00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। मप्र विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत में सबसे पहले प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कराई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहन ने भाजपा विधायक गिरीश गौतम को विधानसभा अध्यक्ष बनाने जाने का प्रस्ताव रखा। इसका समर्थन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया। कांग्रेस की तरफ से इस पद के लिए किसी भी विधायक ने नामांकन दाखिल नहीं किया। ऐसे में गौतम विधानसभा के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हो गए। नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि मैं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. सीतासरन शर्मा और एनपी प्रजापति को अपना मार्गदर्शक मानूंगा। इसके बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण हुआ। उन्होंने अभिभाषण में कहा कि मेरी राज्य सरकार ने कोरोना काल में बेहतर काम किया है। इस चुनौती का बेहतर तरीके से सामना किया। पीपीई किट, टेस्टिंग किट और अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों के लिए बेड का प्रबंधन समय रहते किया। फ्रंट लाइन वर्कर्स और कोरोना योद्धाओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर जी-जान से काम किया। मजदूर सहायता योजना शुरू की गई। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का रोडमैप लागू किया। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने सीएम हेल्प लाइन योजना का विस्तार किया गया। कोरोना काल में रेहड़ी पटरी वालों का रोजगार खत्म हो गया था। सरकार ने स्ट्रीट वेंडर्स योजना लागू कर 10-10 हजार रुपये बिना ब्याज के लोन उपलब्ध कराकर उन्हें फिर से जीवन यापन का रास्ता खोला। उन्होंने कहा कि सरकार ने भू-माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की। इसमें 384 केस भूमाफिया के खिलाफ केस दर्ज किए गए। चिटफंड कपंनियों से 700 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए। सरकार ने अभियान चलाकर करीब 8 हजार करोड़ रुपये की अवैध कब्जे की जमीन मुक्त कराई है। धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम लागू किया गया। भू स्वामित्व योजना लागू की गई, जिसमें ग्रामीणों को जमीन मालिक बनाने का काम सरकार ने किया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी का निर्माण प्राथमिकता से किया गया। 2 हजार किलोमीटर लंबी सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई है। मुख्यमंत्री कल्याण योजना शुरू कर प्रदेश के किसानों के 4-4 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। अब तक 35 लाख किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं। किसानों के खातों में विभिन्न योजनाओं के तहत 83 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। किसानों के लिए बिजली की उपलब्धता को लेकर काम किया जा रहा है 300 मेगावाट की उपलब्धता को बढ़ाया गया है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। 11 महीने पहले शुरू हुए कोरोना काल मे मेरी सरकार में आर्थिक परेशानी के बाद भी तेजी से काम किया। कोरोना होने के बाद भी सरकार ने जनहित में तेजी से काम किए। राज्य सरकार ने 1 लाख 85 हजार प्रवासी मजदूर की मदद के लिए उनके खाते में पैसे डाले गए। 51 हजार से ज्यादा लोगों का राजमिस्त्री के ट्रेनिंग दी गई है। सहकारी बैंकों को लगभग 800 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। ओंकारेश्वर में विश्व की सबसे बड़ी बिजली योजना को लेकर विश्व बैंक के द्वारा सर्वे किया रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025 तक प्रदेश में 65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश के 20 जिलों में स्वामित्व योजना के तहत काम शुरू हो चुका है। प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा में 10 गुना वृद्धि हुई है। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम में सदन की कार्यवाही मंगलवार को सुबह 11.00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। हिन्दुस्थान समाचार/ मुकेश/रामानुज

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