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आईओसीएल के बॉटलिंग प्लांट में मॉक ड्रिल, एनडीआरएफ ने लिया हिस्सा

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गुवाहाटी, 23 फरवरी (हि.स.)। राजधानी के पाटगांव स्थित प्रथम वाहिनी एनडीआरएफ के कमांडेंट रणधीर सिंह गिल के नेतृत्व में बेतकुची स्थित इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लि. (आईओसीएल) के साथ संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया । ड्रिल में प्रथम एनडीआरएफ ने प्रारंभिक चरण में योजना एवं समन्वय में सक्रिय भागीदारी और सहायता प्रदान कर मॉक ड्रिल का आयोजन किया। साथ ही ड्रिल के दौरान मुख्य भूमिका निभाई। एनडीआरएफ के 43 रेसकुअर्स ने सभी आवश्यक प्रतिक्रिया उपकरणों के साथ मॉक ड्रिल में भाग लिया। अभ्यास के दौरान एनडीआरएफ के रेसकुअर्स ने कमांड पोस्ट व मेडिकल बेस की स्थापना की ताकि, स्थिति पर नजर रखी जा सके और पीड़ितों को जल्द से जल्द मेडिकल फर्स्ट एड प्रदान किया जा सके। ड्रिल के दौरान प्रभावी कार्य प्रणाली एवं प्रतिक्रिया और साथ ही प्रतिक्रिया उपकरणों के साथ त्वरित और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए यह अभ्यास किया गया। कमांडेंट गिल के अनुसार अग्नि निकासी मॉक ड्रिल समाज के सभी वर्गों में जन जागरूकता उत्पन्न करता है। इस तरह के मॉक ड्रिल बेहतर समन्वय विकसित करते हैं जो, वास्तविक आपदा स्थितियों पर प्रतिक्रिया करने के लिए आवश्यक है। आपदा प्रतिक्रिया न केवल विशेष समूहों का कार्य है बल्कि, सामुदायिक समूहों, युवाओं, गैर सरकारी संगठनों, अधिकारियों और प्रशासन भी आपदा प्रबंधन के लिए जवाब देह और महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अग्नि दुर्घटना में चेतावनी बहुत कम है और नुकसान ज्यादा है। इस दुर्घटना में जीवन संपत्ति आजीविका और पर्यावरण में बहुत बड़ा नुकसान होता है एवं संपत्तियों का नुकसान हो सकता है। औद्योगिक एवं प्रतिष्ठानों को अग्नि दुर्घटना से बचाव का तरीका आना चाहिए ताकि, अचानक हुए दुर्घटना से निपटा जा सके। इसके लिए जरूरी है कि समय-समय पर इस तरह का आयोजन किया जाए। दुर्घटना के समय स्थानीय समुदाय को प्रतिक्रिया के रूप में उठाए जाने वाले कदम के बारे में सूचित किया जाना चाहिए। स्थानीय समुदायों को प्रदूषण के स्तर की निगरानी और दुर्घटना स्थल से पीड़ित लोगों को बाहर निकालने के लिए ड्रिल में भाग लेना चाहिए। अभ्यास पूरा होने के बाद एनडीआरएफ की टीम द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। टर्मिनल के चारों ओर विभिन्न किस्मों के लगभग 100 पौधे लगाए गए। औद्योगिक एवं प्रतिष्ठानों के लगभग 250 लोगों के साथ ही अन्य लोगों ने संयुक्त अभ्यास को देखा। ड्रिल के बाद द्वितीय सत्र का आयोजन किया गया। एनडीआरएफ की भूमिका को स्थानीय जनता, अधिकारियों, प्रशासन ने सराहना की। हिन्दुस्थान समाचार/ अरविंद