मिशन गंगा पूरी तरह सफल रहा, 23,000 छात्रों को सुरक्षित निकाला गया : हरदीप सिंह पुरी

 मिशन गंगा पूरी तरह सफल रहा, 23,000 छात्रों को सुरक्षित निकाला गया : हरदीप सिंह पुरी
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नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन से भारतीयों की निकासी के लिए चलाया गया मिशन गंगा अभियान पूरी तरह से सफल रहा। केंद्रित मंत्री हरदीप सिंह पूरी लोकसभा में यूक्रेन के हालात पर चर्चा के दौरान सरकार की उपलब्धि पर गर्व करते हुए कहा कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से फंसे भारतीयों को निकालने के लिए चलाया गया ऑपरेशन गंगा दुनिया में कहीं भी सबसे अच्छी तरह से समन्वित और सफल निकासी मिशनों में से एक था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से लेकर विदेश मंत्री तक के स्तर तक ऑपरेशन में सरकार की भागीदारी के बारे में बात की, हम अपने प्रत्येक नागरिक के कल्याण के बारे में चिंतित थे। वहीं इस मसले पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में कहा, युक्रेन में जब युद्ध शुरू हुआ, तो हमने बहुत सारी टिप्पणियां सुनीं- एडवाइजरी समय पर क्यों नहीं जारी की गई? भारत उन अग्रणी देशों में से एक है, जिसने सबसे पहले एडवाइजरी जारी की थी। हमने 15, 18, 20 और 21 फरवरी को एडवाइजरी जारी की। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक भारतीय नागरिक के रक्षक के रूप में प्रधान सेवक के रूप में कमान अपने हाथों में ली। बैठकें दिन-रात होती थीं। जैसा कि हरदीप पुरी ने कहा कि वह गुवाहाटी में थे, मैं मध्य प्रदेश में था। हमें रात 11.30 बजे एक फोन आया, हमें दिल्ली वापस बुलाया गया, रोमानिया और मोल्दोवा भेजा गया। सिंधिया ने कहा कि कई देशों ने अपने मिशन (यूक्रेन में) बंद कर दिए थे। वे देश छोड़कर चले गए। यह केवल भारत है जिसका मिशन अंतिम भारतीय नागरिक को वापस लाने तक काम कर रहा था। इंडिगो ने 35 उड़ानें संचालित कीं, एयर इंडिया ने 14 उड़ानें संचालित कीं, गो फस्र्ट ने 6 उड़ानें संचालित कीं, एयर एशिया ने 3 उड़ानें संचालित कीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 9, स्पाइसजेट ने 9 और 4 सी-17 भारतीय वायुसेना के ग्लोबमास्टरों ने उड़ानें भरीं और 23,000 छात्रों को सुरक्षित निकाला। हरदीप सिंह पुरी, किरण रिजिजू, ज्योतिरादित्य सिंधिया और वीके सिंह वो चार कैबिनेट मंत्री थे, जिन्हें यूक्रेन के पड़ोसी देशों में निकासी के प्रयासों का समन्वय करने के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था। लोकसभा में नियम 193 के तहत यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सरकार से यह आग्रह भी किया कि उसे मौजूदा समय में गुटनिरपेक्षता से जुड़े नेहरूवादी सिद्धांत का अनुसरण करना चाहिए, जो समय की कसौटी पर खरा उतरा है। उन्होंने रूस के साथ भारत के संबंधों एवं 1971 के भारत-पाक युद्ध के समय का उल्लेख करते हुए कहा कि रूस भारत का विश्वसनीय मित्र रहा है और बहुत मुश्किल समय में उसने हमारी मदद की। उन्होंने कहा, यूक्रेन की स्थिति के लिए क्या रूस अकेले जिम्मेदार है? मुझे लगता है कि अमेरिका और उसके साथी इसके लिए समान रूप से जिम्मेदार हैं। मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता है, श्रीलंका में आर्थिक बदहाली है। अब तक सरकार बहुत सतर्क रही है, इसके लिए इसकी सराहना होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गुटनिरपेक्षता के नेहरूवादी सिद्धांत की तरफ जाने का समय है। किसी देश में फंसे भारतीय नागरिकों को बाहर निकालने का सफल अभियान पहले भी चलाया गया, लेकिन इस तरह से कभी पीठ नहीं थपथपाई गई। --आईएएनएस पीटीके/एएनएम

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