मुख्यमंत्री योगी का प्रवासी भारतीयों से उप्र के विकास में रचनात्मक योगदान का आह्वान
मुख्यमंत्री योगी का प्रवासी भारतीयों से उप्र के विकास में रचनात्मक योगदान का आह्वान

मुख्यमंत्री योगी का प्रवासी भारतीयों से उप्र के विकास में रचनात्मक योगदान का आह्वान

-वर्चुअल संवाद ‘इण्डिया ग्लोबल वीक 2020’ को किया सम्बोधित -कहा-उप्र में विकास की अनन्त सम्भावनाएं, प्रवासी भारतीयों की मदद से किया जा सकता है साकार लखनऊ, 11 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास की अनन्त सम्भावनाएं हैं। प्रवासी भारतीयों की विशेषज्ञता और अनुभव के माध्यम से इन्हें साकार किया जा सकता है। प्रवासी भारतीयों से प्रदेश के विकास में रचनात्मक योगदान का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी प्रतिभा, परिश्रम व उद्यमिता से प्रवासी भारतीयों ने उनके निवास के देशों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाया है। भारतीयता के आदर्शों के प्रति प्रवासी भारतीयों की प्रतिबद्धता ने भारतीय जीवन मूल्यों को विश्व में एक अनुपम ब्राण्ड के रूप में स्थापित किया है। सरकार कोरोना के चलते बाधित आर्थिक गतिविधियों के पुनर्संचालन के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री शनिवार को यहां अपने सरकारी आवास पर वर्चुअल संवाद ‘इण्डिया ग्लोबल वीक 2020’ में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इण्डिया इंक0 द्वारा इस अभूतपूर्व समय में वर्चुअल संवाद का आयोजन एक सराहनीय पहल है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह संवाद विभिन्न देशों से आर्थिक सम्बन्ध सुदृढ़ करने में उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 से प्रभावित हुईं आर्थिक गतिविधियों की तेजी से बहाली के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में उद्यमिता के लिए सक्षम और अनुकूल वातावरण सृजित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आत्मनिर्भर भारत अभियान देश को ग्लोबली काॅम्पीटेटिव बनाने की रूपरेखा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समय से लिए गए निर्णयों के परिणामस्वरूप भारत वैश्विक महामारी कोरोना के इस दौर में सुरक्षित स्थिति में है। प्रधानमंत्री ने पांच स्तम्भों अर्थव्यवस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, डिमाण्ड और वाइब्रेंट डेमोग्राफी पर आधारित आत्मनिर्भर भारत की बात की थी। आत्मनिर्भर भारत अभियान देश को आत्मनिर्भर और ग्लोबली काॅम्पीटेटिव बनाने की रूपरेखा है। इससे स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग के सुदृढ़ीकरण, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थापना और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक ब्राण्ड्स में परिवर्तित करने में सहायता मिलेगी। इस अभियान में सम्मिलित होकर बहुराष्ट्रीय कम्पनियां इस अवसर का लाभ उठाते हुए टेक्नोलाॅजी ट्रांसफर के माध्यम से प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने में योगदान दे सकती हैं। भारत की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्य है उप्र मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्य है। राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में प्रदेश का योगदान लगभग 08 प्रतिशत है। यहां देश की लगभग 17 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है। 23 करोड़ से अधिक की जनसंख्या एवं सबसे विशाल जनशक्ति के आधार के साथ प्रदेश, भारत का सबसे बड़ा बाजार है। राज्य की 56 प्रतिशत जनसंख्या कामकाजी आयु वर्ग में है। प्रदेश सरकार इस विशाल डेमोग्राफिक डिविडेन्ड का कौशल विकास करते हुए, इसका उपयोग प्रदेश के औद्योगिक विकास में करने के लिए कदम उठा रही है। अनलाॅक में प्रदेश में 08 लाख औद्योगिक इकाइयां संचालित मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना की चुनौतियों के समय में आपदा को अवसर में बदलने का कार्य किया है। श्रमिकों व कामगारों के लिए राज्य व जनपद स्तर पर श्रमिक आयोग का गठन किया गया है। श्रमिकों व कामगारों के लाभकारी रोजगार के लिए आयोग की स्थापना करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है। प्रदेश वापस आये 11 लाख श्रमिकों व कामगारों को आयोग के माध्यम से विभिन्न उद्यमों में समायोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन के 04 चरणों को सफलतापूर्वक लागू करने के पश्चात 01 जून से लागू अनलाॅक के दौर में प्रदेश में लगभग 08 लाख औद्योगिक इकाइयां संचालित करायी गयी हैं। इनमें लगभग 50 लाख श्रमिक व कामगार कार्यरत हैं। 43 से अधिक इकाइयां पीपीई किट निर्माण व एक्सपोर्ट में जुटी मुख्यमंत्री ने कहा कि लाॅकडाउन की शुरुआत में प्रदेश में पीपीई किट व मास्क निर्माण करने वाली कोई भी इकाई नहीं थी। वर्तमान में 43 से अधिक इकाइयां पीपीई किट निर्माण एवं एक्सपोर्ट कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महामारी के प्रकोप से देश के आर्थिक ढांचे को बचाने के लिए भारत सरकार द्वारा घोषित ‘आत्मनिर्भर भारत पैकेज’ के अन्तर्गत अब तक प्रदेश में 2.40 लाख औद्योगिक इकाइयों को लगभग 5,900 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। श्रम कानूनों में किया सुधार,उद्यम स्थापना को बनाया सुगम उन्होंने कहा कि इसी तरह श्रम कानूनों में आवश्यक सुधार करते हुए प्रदेश में उद्यम स्थापना को सुगम बनाया गया है। उद्यम प्रारम्भ करने के 03 वर्ष तक श्रम कानूनों के अन्तर्गत अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। इसी प्रकार उद्यम स्थापना हेतु नया एमएसएमई एक्ट लाया जा रहा है। इससे प्रदेश में उद्यम स्थापना के लिए इच्छुक उद्यमियों को सरलता होगी। एक्सप्रेस-वे का नेटवर्क उपलब्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वेज का नेटवर्क उपलब्ध है। इसका निरन्तर विस्तार किया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे तथा मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे आदि के निर्माण की कार्यवाही की जा रही है। राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के माध्यम से प्रयागराज और वाराणसी को हल्दिया बंदरगाह से जोड़कर अब दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों तक उत्पाद पहुंचना आसान हो जाएगा। 11 हवाई अड्डों के निर्माण की कार्यवाही प्रगति पर प्रदेश में 07 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। 11 हवाई अड्डों के निर्माण की कार्यवाही प्रगति पर है। जनपद गौतमबुद्धनगर के जेवर में एक अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण कराया जा रहा है। इस एयरपोर्ट में 1.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने की सम्भावना है। यह हवाई अड्डा पूरे क्षेत्र के लिए ग्रोथ इंजन के रूप में कार्य करते हुए एमआरओ एयरोट्रोपोलिस, कार्गो हब आदि क्षेत्रों में नये अवसर सृजित करेगा। इसी प्रकार प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में भी एक अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थापना की जा रही है।प्रदेश के दादरी में ईस्टर्न एवं वेस्टर्न फ्रीट काॅरिडोर का जंक्शन है। राज्य सरकार यहां वृहद लाॅजिस्टिक हब विकसित करने की कार्यवाही कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य को एक उत्तम निवेश गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। फरवरी, 2018 में सम्पन्न उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट के अवसर पर सिंगल विण्डो पोर्टल, ‘निवेश मित्र’ लॉन्च किया गया था, जिसके माध्यम से आज हम 20 विभागों की 146 विभिन्न उद्योग केन्द्रित सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। राज्य की नियामक व्यवस्था को और अधिक उदार बनाया जा रहा है। हाल ही में कृषि मण्डी सुधारों और श्रम सुधारों को निवेश अनुकूल बनाया गया है। स्टार्टअप फण्ड स्थापित, सिडबी को दिए गए 15 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्षम नीतिगत वातावरण बनाने में प्रदेश में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। प्रदेश में स्टार्टअप फण्ड स्थापित किया गया है। इसके लिए सिडबी को 15 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। विभिन्न सेक्टर्स को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्टअप नीति लागू की गई है। इसके तहत प्रदेश के हर जिले में इन्क्यूबेटर्स स्थापित किए जा रहे हैं। ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना को प्रभावी ढंग से लागू किए जाने से एमएसएमई क्षेत्र को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि फरवरी, 2018 में सम्पन्न उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट के अवसर पर हस्ताक्षरित एमओयू में से 25 प्रतिशत सहमति पत्रों को 01 वर्ष के अन्दर धरातल पर उतार कर प्रदेश को निवेशकों के लिए उत्कृष्ट गंतव्य के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुका है। देश की मोबाइल कम्पोनेण्ट निर्माताओं में 55 प्रतिशत इकाइयां उप्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सॉफ्टवेयर का एक अग्रणी निर्यातक है। भारत में सक्रिय मोबाइल कम्पोनेण्ट निर्माताओं में से 55 प्रतिशत की इकाइयां प्रदेश में ही स्थित हैं। प्रधानमंत्री द्वारा घोषित भारत के दो डिफेंस कॉरिडोर्स में से एक प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहा है। अनुकूल नीतिगत प्रोत्साहनों के साथ यह कॉरिडोर एमएसएमई, रिसर्च एण्ड डेवलपमेण्ट के क्षेत्र में असीम अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि गन्ना, खाद्यान्न, आलू एवं दूध के उत्पादन में प्रदेश अग्रणी है। यहां खाद्य-प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश हेतु अपार सम्भावनाएं उपलब्ध हैं। दक्षिण एशिया में पर्यटन के आकर्षक गन्तव्य के रूप में उभर रहा उप्र मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश दक्षिण एशिया में पर्यटन के आकर्षक गन्तव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। स्प्रिचुअल टूरिज्म, हेरिटेज टूरिज्म तथा ईको टूरिज्म की जो सम्भावनाएं उत्तर प्रदेश में मौजूद हैं, वैसी अन्य जगह पर मिलना दुर्लभ है। राज्य सरकार केन्द्र के सहयोग से रामायण सर्किट, कृष्ण सर्किट, बौद्ध सर्किट आदि का पर्यटन विकास करा रही है। प्रदेश की जनता को मल्टी मोडल, साझा, स्वच्छ, सुरक्षित तथा सस्ती परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार एक आकर्षक इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग नीति लायी है, जिससे एक मजबूत ईवी इको-सिस्टम विकसित होगा। वर्चुअल संवाद के अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/राजेश-hindusthansamachar.in

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