मियां अब्दुल कय्युम की हिरासत पर 27 को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
मियां अब्दुल कय्युम की हिरासत पर 27 को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
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मियां अब्दुल कय्युम की हिरासत पर 27 को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

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नई दिल्ली, 23 जुलाई (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील मियां अब्दुल कय्युम की पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में रखे जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को सुनवाई टाल दी। जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले पर अगली सुनवाई 27 जुलाई को करने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अब्दुल कय्युम के मामले पर विचार हो रहा है। संबंधित प्राधिकार इस पर जल्द की जवाब देगा। इसलिए इस मामले पर आज सुनवाई टाल दी जाए। इसका विरोध करते हुए वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल 24 घंटे में निर्देश प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए मामले की सुनवाई कल होनी चाहिए। हम मेरिट पर दलीलें पेश करना चाहते हैं। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर इस तरह से देरी नहीं की जानी चाहिए। उसके बाद कोर्ट ने 27 जुलाई को मामले पर सुनवाई का आदेश दिया। पिछली 15 जुलाई को कोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान तुषार मेहता ने कहा था कि उन्हें याचिका की प्रति नहीं मिली है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा था कि अब्दुल कय्युम की हिरासत एक साल के लिए थी जो पूरी हो चुकी है। इस पर कोर्ट ने कहा कि तभी हमने नोटिस जारी किया था। दवे ने कहा कि इसीलिए सॉलिसिटर जनरल खुश नहीं हैं। कोर्ट ने तुषार मेहता से कहा था कि एक साल का समय बीतने के बावजूद आपने हिरासत में क्यों रखा है। याचिकाकर्ता की विचारधारा इस दौरान बदली नहीं है। एफआईआर 2010 की है। दुष्यंत दवे ने कहा था कि कय्युम 73 साल के हैं। कोर्ट ने मेहता से कहा कि कोरोना के संकट में 73 साल के व्यक्ति को हिरासत में रखा गया है, इसे देखिए। मेहता ने कहा था कि उनकी विचारधारा राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है। कोर्ट ने पिछली 26 जून को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने कय्युम को हिरासत के दौरान गर्मी के दिनों के कपड़े और रोजाना की जरूरत की चीजें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। कय्युम की ओर से वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे और वृंदा ग्रोवर ने कहा था कि कय्युम को 7 अगस्त 2019 से हिरासत में रखा गया है। इस हिरासत के खिलाफ कय्युम ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा था कि कय्युम को हिरासत में रखने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। याचिका में कहा गया है कि कय्युम एक वरिष्ठ वकील हैं और 40 वर्षों से ज्यादा समय से वकालत कर रहे हैं। उनकी उम्र 70 वर्ष से ज्यादा हो गई है और उनका स्वास्थ्य खराब रहता है। उन्हें हार्ट की बीमारी और शुगर की समस्या है। उन्हें वर्तमान संकट में कोरोना के संक्रमण का भी खतरा है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/सुनीत/बच्चन-hindusthansamachar.in