केन्द्रीय गृह विभाग की टीम के सदस्यों ने राज्यपाल से वार्ता के बाद पीड़ितों का भी दर्द सुना

केन्द्रीय गृह विभाग की टीम के सदस्यों ने राज्यपाल से वार्ता के बाद पीड़ितों का भी दर्द सुना
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कोलकाता, 07 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा का जायजा लेने पहुंची केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम ने शुक्रवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ के साथ करीब डेढ़ घंटे तक वार्ता की। केन्द्रीय टीम ने दक्षिण 24 परगना जिले के सतगछिया क्षेत्र में घूम घूम कर हिंसा प्रभावित लोगों के परिजनों से वार्ता की। केन्द्रीय गृह विभाग की टीम ने शुक्रवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। लगभग डेढ़ घंटे तक चली वार्ता में राज्य में हिंसा और कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की। राज्यपाल के साथ बैठक के बाद केन्द्रीय टीम दक्षिण 24 परगना पहुंची। यहां बजबज और सतगछिया के पूरे क्षेत्र में घूम घूम कर हिंसा प्रभावित लोगों के परिजनों से मुलाकात की है।टीम ने कई जगहों पर क्षतिग्रस्त दुकानों और घरों की तस्वीरें लीं। पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ था। कई महिलाओं ने केन्द्रीय टीम के सदस्यों को अपना दर्द बयान किया। मुलाकात के दौरान उन्होंने बताया कि वह डर की वजह से अपने घर नहीं जा पा रही हैं। इन महिलाओं ने पुलिस की भूमिका को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। केन्द्रीय टीम के कहने पर पीड़ित परिवारों और इलाके के लोगों ने उन सदस्यों के नाम लिख कर दिये है, जिन्हें पुलिस और तृणमूल कांग्रेस के लोग घरों से उठाकर ले गए हैं और अभी तक उनकी कोई खोज खबर नहीं है। भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने नाराजगी भी जाहिर की और कहा कि तीन दिन बाद आप लोग आए हैं। आखिर भाजपा का समर्थन करके हमने क्या अपराध क्या है। गृह मंत्रालय की टीम ने सभी शिकायतों को नोट किया है और इसकी रिपोर्ट सौंपने की तैयारी की जा रही है। दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव गौतम मोहन के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गुरुवार को ही कोलकाता पहुंची थी। बीएसएफ मुख्यालय में ठहरी इस टीम के सदस्यों ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल के अलावा राज्य सचिवालय में जाकर राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ बैठक की थी। जिसके बाद उत्तर 24 परगना में हिंसा प्रभावित भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवार से मुलाकात की थी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी स्वीकार कर चुकी हैं कि चुनाव परिणाम आने के बाद अब तक बंगाल में 16 लोगों की हत्या हो चुकी है। हालांकि उन्होंने दावा किया है कि इनमें से आधे उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस और आधे भाजपा के कार्यकर्ता थे। हिन्दुस्थान समाचार / ओम प्रकाश