एमसीडी सफाई कर्मचारियों को नहीं मिले मास्क व बचाव के अन्य साधन : आप

 एमसीडी सफाई कर्मचारियों को नहीं मिले मास्क व बचाव के अन्य साधन : आप
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नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी ने भाजपा शासित एमसीडी पर अपने सफाई कर्मचारियों, डीबीसी के कर्मचारियों को मास्क, फेस शिल्ड, पीपी किट और ग्लव्स न देने का आरोप लगाया है। आम आदमी पार्टी ने कहा जब डॉक्टर और नर्स कोरोना में काम करते हैं तो 14 दिनों के बाद उन्हें किसी होटल में रखा जाता है। जहां पर वह खुद को ठीक कर के फिर से लोगों की सेवा में वापस आ सकें। एमसीडी के अस्पतालों में काम करने वाले कुछ डाक्टरों को जब ऐसे होटल में रखा गया तो एमसीडी ने वहां का बिल तक नहीं भरा। आम आदमी पार्टी के एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने सोमवार को कहा कि ये सभी कर्मचारी अपनी जान की बाजी लगाकर दिल्ली निवासियों की रक्षा करते हैं। लेकिन यह कहते हुए बहुत दुख हो रहा है कि भाजपा कि एमसीडी उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं दे रही है। मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने के कारण हमारे कोरोना वॉरियर कोरोना से ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने भाजपा की एमसीडी से सभी कोरोना वॉरियर और डीबीसी के सभी कर्मचारियों के लिए जल्द से जल्द मास्क, पीपी किट, ग्लव्स, फेस शिल्ड आदि सभी जरूरी चीजें उपलब्ध कराने की मांग की है। दुर्गेश पाठक ने कहा कि आप जानते हैं कि दिल्ली में चाहे सैनिटाइजेशन हो या साफ सफाई, यह सभी काम दिल्ली के सफाई कर्मचारी करते हैं। यह सफाई कर्मचारी एमसीडी के अंदर आते हैं जिसपर भारतीय जनता पार्टी पिछले 15 सालों से काबिज है। इन सफाई कर्मचारियों को एक मास्क, एक फेस शिल्ड, पीपी किट और एक-एक ग्लव्स दिया जा सकता है। लेकिन एमसीडी सफाई कर्मचारियों को न तो एक मास्क दे पा रही है, न पीपी किट, न ग्लव्स और न ही एक फेस शिल्ड दे रही है। दुर्गेश पाठक ने कहा, डीबीसी जो कि मलेरिया-डेंगू के कीटाणु, मच्छर के लिए घरों में जाकर छिड़काव करते हैं, उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है और हॉर्टिकल्चर के अंदर जो भी काम करते हैं, एमसीडी के अंदर जो भी कर्मचारी इस कोरोना काल में काम कर रहे हैं उनको मास्क, पीपी किट आदि जो भी मूल सुविधाएं देने की जरूरत है। दुर्गेश पाठक ने भाजपा की एमसीडी में उपलब्ध ऑक्सीजन बेड का हवाला देते हुए कहा, मैंने बताया था कि इनके पास लगभग 3200 बेड हैं लेकिन उन्होंने दिल्ली वालों को 100-200 बेड दिए होंगे लेकिन उसके ऊपर इन्होंने एक भी बेड दिल्ली वालों को नहीं दिया है। --आईएएनएस जीसीबी/एएनएम