डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को स्थगित करने का दिया सुझाव
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डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को स्थगित करने का दिया सुझाव

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डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को स्थगित करने का दिया सुझाव वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को स्थगित करने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि मतदान के लिए पोस्टल प्रक्रिया से धोखाधड़ी बढ़ सकती है और परिणाम में ऊंच-नीच हो सकती है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने चुनाव को तब तक स्थगित करने की बात कही, जब तक लोग ‘ठीक से, सुरक्षित रूप से’ वोट देने की हालत में नहीं आ जाते। हालांकि ट्रंप के दावों का समर्थन करने के लिए बहुत कम सबूत हैं, लेकिन वह लंबे समय से मेल के माध्यम से वोटिंग करने के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी की लगातार बदहाली के लिए UPA जिम्मेदार? मनीष तिवारी ने किए ये 4 सवाल ट्रंप का मानना है कि इसमें धोखाधड़ी होने की संभावना है और यह अतिसंवेदनशील प्रक्रिया है। बता दें कि अमेरिकी राज्य कोरोनो वायरस महामारी के दौरान लोगों के स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण पोस्टल वोटिंग की प्रक्रिया अपनाना चाहते हैं, जिससे लोगों को मतदान करने में आसानी होगी। वहीं ट्रंप के इस सुझाव को चीन ने इसे उनकी एक राजनीतिक चाल बताया है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, “जैसा कि ट्रंप ने अपना सबसे मजबूत सेलिंग प्वाइंट ‘अर्थव्यवस्था’ को अब खो दिया है इसलिए अमेरिकी चुनावों से ठीक तीन महीने पहले, वह अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए चीन पर अपने हमलों को आगे बढ़ा सकता है, चीनी विशेषज्ञों ने ऐसी चेतावनी दी है।” हालांकि अमेरिकी संविधान के तहत ट्रंप के पास चुनाव स्थगित करने का अधिकार नहीं है। किसी भी तरह का स्थगन या विलंब के लिए कांग्रेस की अनुमति आवश्यक है। राष्ट्रपति के पास कांग्रेस के दो सदनों से परे प्रत्यक्ष शक्ति नहीं है। कई ट्वीट्स में ट्रंप ने कहा, यूनिवर्सल मेल-इन वोटिंग ‘नवंबर के मतदान को’ इतिहास का सबसे गलत और फर्जी चुनाव और संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक बड़ी शमिर्ंदगी की वजह बनेगी। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के कांग्रेस विधायकों को जैसलमेर किया शिफ्ट उन्होंने सुझाव देते हुए कहा, “बिना सबूत उपलब्ध कराए, अमेरिका में मेल-इन वोटिंग विदेशी हस्तक्षेप के लिए अतिसंवेदनशील होगा।” उन्होंने कहा, “मतदान में विदेशी प्रभाव की बात की जाती हैं, लेकिन वे यह भी जानते हैं कि मेल-इन वोटिंग के माध्यमस से विदेशी देश इस दौड़ में आसानी से प्रवेश कर सकते हैं।” Thank You, Like our Facebook Page - @24GhanteUpdate 24 Ghante Online | Latest Hindi News-24ghanteonline.com