सोमनाथ मंदिर के बाद अब राम मंदिर, 15 पीढ़ियों से मंदिर डिजाइन कर रहा है गुजरात का ये परिवार
सोमनाथ मंदिर के बाद अब राम मंदिर, 15 पीढ़ियों से मंदिर डिजाइन कर रहा है गुजरात का ये परिवार
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सोमनाथ मंदिर के बाद अब राम मंदिर, 15 पीढ़ियों से मंदिर डिजाइन कर रहा है गुजरात का ये परिवार

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सोमनाथ मंदिर के बाद अब राम मंदिर, 15 पीढ़ियों से मंदिर डिजाइन कर रहा है गुजरात का ये परिवार अहमदाबाद। अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर के लिए भूमि पूजन से एक नए अध्याय की शुरुआत होगी। लंबी प्रतीक्षा के बाद ये घड़ी आने जा रही है। ये घड़ी देखने के लिए अहमदाबाद का एक परिवार भी बहुत उत्साहित है। ये परिवार और कोई नहीं बल्कि राम मंदिर के डिजाइन से जुड़ा सोमपुरा परिवार है। इस आर्किटेक्ट परिवार की मंदिरों के डिजाइन तैयार करने के लिए देश-विदेश में ख्याति है। 15 पीढ़ियों से ये परिवार यही काम करता आ रहा है। परिवार का दावा है कि वे अब तक 131 मंदिरों के डिजाइन तैयार कर चुके हैं। अयोध्या में राम मंदिर के डिजाइन पर सबसे पहले इस परिवार के चंद्रकांत सोमपुरा ने तीन दशक से भी ज्यादा पहले काम करना शुरू किया। चंद्रकात अब 77 वर्ष के हैं. परिवार की मंदिर डिजाइन की पंरपरा को अब चंद्रकांत के दो बेटे निखिल (55) और आशीष (49) आगे बढ़ा रहे हैं. निखिल के मुताबिक अब इसी कड़ी में उनकी अगली पीढ़ी भी जुड़ गई है। गले में फंसी चॉकलेट से बच्चे की तड़प-तड़पकर मौत, परिजनों ने लगाया ये बड़ा आरोप निखिल बताते हैं कि गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के रि-कंस्ट्रक्शन का डिजाइन उनके दादा प्रभाशंकर सोमपुरा ने तैयार किया था। पद्मश्री से सम्मानित प्रभाशंकर सोमपुरा ने शिल्प-शास्त्र पर 14 किताबें भी लिखीं। नागर शैली में मंदिरों के डिजाइन के माहिर इस परिवार को वास्तुकला का यह गुण पीढ़ी दर पीढ़ी मिलता आया है। चंद्रकांत सोमपुरा अब अधिक उम्र की वजह से घर से बाहर नहीं जाते हैं। लेकिन उनके बेटों को जब भी मंदिर डिजाइन के लिए सलाह की जरूरत होती है तो वो घर से ही दिशानिर्देश देते हैं। सोमपुरा परिवार ने अक्षरधाम मंदिर के अलावा अमेरिका और ब्रिटेन में स्वामीनारायण मंदिर के डिजाइन भी तैयार किए हैं। सोमपुरा परिवार का कहना है कि सबसे पहले 1989 में उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर डिजाइन पर काम करना शुरू किया। उस वक्त ये जिम्मा चंद्रकांत सोमपुरा ने लिया। तब विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने उनसे इसके लिए संपर्क किया था। निखिल और आशीष का कहना है कि तभी से डिजाइन को लेकर उनका परिवार लगातार विश्व हिन्दू परिषद से विमर्श करता आया है। भूमि पूजन : 11 थालियों में सजाकर लगेगा रामलला को 1.11 लाख लड्डुओं का भोग अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर को खास नागर शैली में बनाया जाएगा। सोमपुरा परिवार ने मंदिर की डिजाइन को वास्तुकला को ध्यान में रखकर तैयार किया है। मंदिर दो की जगह अब तीन मंजिला होगा। निखिल सोमपुरा का कहना है कि राम मंदिर का मुख्य ढांचा वैसा रखा गया है जैसा प्रस्तावित मॉडल में था। मूल डिजाइन में बदलाव के बाद अब मंदिर में 318 खंभे बनेंगे। नए डिजाइन के हिसाब से मंदिर की चौड़ाई 235 फीट, लंबाई 360 फीट और ऊंचाई 161 फीट होगी। मंदिर के गर्भगृह से पहले तीन शिखर वाले स्थान होंगे। सबसे पहले भजन-कीर्तन का स्थान, दूसरे में ध्यान और तीसरे में राम लला के दर्शन की व्यवस्था होगी। मंदिर के गर्भगृह में पुजारी के अलावा और किसी को जाने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर के दूसरे तल पर राम दरबार होगा, जहां भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के साथ हनुमान भी विराजमान होंगे। निखिल सोमपुरा भारतीय मंदिरों के स्थापत्य की तीन शैलियां बताते हैं- नागर, द्रविड़ और वेसर. राम मंदिर को नागर शैली में डिजाइन किया गया है जो उत्तर भारत में प्रचलित है। इस शैली की खास बात है कि इसका गर्भगृह अष्टकोणीय आकार में होता है और मंदिर की परिधि वृत्ताकार बनाई जाती है। गुजरात में सोमनाथ मंदिर भी इसी शैली में बना है। सोमपुरा परिवार भी उन लम्हों का इंतजार कर रहा है जब 5 अगस्त को भूमि पूजन के साथ उनके डिजाइन पर भव्य राम मंदिर निर्माण की ओर बढ़ना शुरू होगा। Thank You, Like our Facebook Page - @24GhanteUpdate 24 Ghante Online | Latest Hindi News-24ghanteonline.com