श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन में सुल्तानपुर के धोपाप धाम की मिट्टी होगी समाहित
श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन में सुल्तानपुर के धोपाप धाम की मिट्टी होगी समाहित
देश

श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन में सुल्तानपुर के धोपाप धाम की मिट्टी होगी समाहित

news

श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन में सुल्तानपुर के धोपाप धाम की मिट्टी होगी समाहित सुलतानपुर। श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में पांच अगस्त को प्रस्तावित श्री राम मंदिर के भूमि पूजन में अब जिले के प्रसिद्ध तीर्थ राज धोपाप धाम की मिट्टी भी समाहित की जाएगी, जिसे लेकर आज क्षेत्रीय विधायक देवमणि दुबे भव्य रथयात्रा के साथ अयोध्या रवाना हुए जिनका रास्ते भर में जगह-जगह फूल मालाओं से स्वागत किया गया। बहुप्रतीक्षित श्री राम मंदिर के भूमि पूजन को लेकर जिले के लोगों में भी खासा उत्साह है। मान्यता है कि त्रेता युग मे रावण वध के उपरांत ब्रह्म दोष से मुक्ति पाने के लिए भगवान श्रीराम ने धोपाप में आदि गंगा गोमती के घाट पर स्नान किया था। जिले के इस पौराणिक महत्व वाले तीर्थ स्थान पर करीब चार सौ साल पहले रानी स्वरूप कुँवरि ने श्रीराम जानकी मंदिर का निर्माण कराया था। प्रत्येक गंगा दशहरा को काफी संख्या में लोग पुण्य अर्जित करने के लिए धोपाप में डुबकी लगाते हैं। केजीएमयू कैंटीन के खाने में मिले कीड़े, 25 हजार रुपये लगाया जुर्माना विधायक देवमणि द्विवेदी प्रसिद्ध तीर्थ स्थल धोपाप से मिट्टी और आदि गंगा गोमती का जल लेकर अयोध्या चले गये हैं। इसके लिए एक गाड़ी को रथनुमा सजाया गया हैं, जिस पर विधायक अपनी पत्नी व समर्थको के साथ लोगो का अभिवादन और स्वागत लेते हुए अयोध्या को रवाना हो गए। इस बीच श्रीराम भक्तो व विधायक समर्थको ने उनका रास्ते भर स्वागत किया। यह यात्रा क्षेत्र के प्रसिद्ध स्थल धोपाप से चलकर श्रीगौरी शंकर धाम शाहपुर जंगल पहुँची। वहाँ से भी विधायक ने कलश में जल व मिटटी लिया व भगवान भोलेनाथ का दर्शन किया। मुस्लिम धर्मगुरु ने कोरोना के चलते बकरीद को घरों में रहकर मनाने की अपील जनश्रुतियो के अनुसार लंका विजय व रावण वध के उपरांत ब्रह्महत्या से मुक्ति पाने के लिए भगवान राम ने इसी स्थल पर स्नान किया था। ऋषियो की सलाह पर ब्रह्महत्या से मुक्ति पाने के लिए पत्तो से बने बर्तन में एक काला कौआ बैठाकर छोड़ा गया, इसी स्थल पर पहुँचते ही कौए का रंग सफेद हो गया, तब इसी स्थल का चयन कर स्नानोपरांत भगवान राम ब्रह्महत्या से मुक्त हो गए। भगवान राम ने यहाँ दीपदान किया। तभी से पापो से मुक्ति पाने के लिए श्रद्धालु यहाँ प्रत्येक गंगा दशहरा के पर्व पर स्नान के लिए उमड़ पड़ते है। Thank You, Like our Facebook Page - @24GhanteUpdate 24 Ghante Online | Latest Hindi News-24ghanteonline.com