मराठा आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री से मिलेगा महाराष्ट्र का शिष्टमंडल : अजीत पवार

मराठा आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री से मिलेगा महाराष्ट्र का शिष्टमंडल : अजीत पवार
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मुंबई, 07 मई (हि.स.)। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने बताया कि कोरोना संकट कम होने पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों का एक शिष्टमंडल मराठा आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेगा। अजीत पवार ने शुक्रवार को मीडियाकर्मियों से कहा कि मराठा समाज को शिक्षा और नौकरी में आरक्षण देने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट का आया फैसला चौंकाने वाला है। किसी भी परिस्थिति में मराठा समाज को आरक्षण मिलना ही चाहिए। यह महाविकास आघाड़ी सरकार की भूमिका है। आवश्यकता पड़ी तो इसके लिए एक दिन का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। आरक्षण के संबंध में राज्य सरकार ने कोई गलती नहीं की है, जिस समय कानून बनाया गया था, उस समय महाराष्ट्र विधानमंडल में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया था। सभी राजनीतिक दलों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव का समर्थन किया था। हाईकोर्ट ने विधानमंडल के प्रस्ताव को मंजूर भी किया था। सुप्रीम कोर्ट में यह मामला जाने के बाद तत्कालीन देवेंद्र फडणवीस सरकार के समय जो वकील थे, वही वकील सुप्रीम कोर्ट में भी रखे गए थे। इसके अलावा भी अन्य वकील भी दिए गए थे। उप मुख्यमंत्री पवार के अनुसार तमिलनाडु सहित कई राज्यों में किसी भी अन्य आरक्षण को ठेस न पहुंचाते हुए 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री ठाकरे ने जनता से आह्वान किया है कि किसी भी परिस्थिति में मराठा समाज को आरक्षण देने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। अब कुछ लोग एक अलग राजनीति कर रहे हैं। महाविकास आघाड़ी सरकार कानूनी लड़ाई में कमजोर पड़ी, ऐसी गलत सूचना फैलाई जा रही है। इसमें कोई तथ्य नहीं है। इस मामले में न केवल सरकार बल्कि अन्य संगठनों के वकीलों को भी अपना पक्ष रखने का अधिकार था। सभी ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की लेकिन अंत में सुप्रीम कोर्ट का फैसला चौंकानेवाला आया है। हिन्दुस्थान समाचार/ विनय