कोरोना को किल करने का मप्र में सबसे बड़ा अभियान, 19 दिनों में चार करोड़ लोगों से होगा सीधा संपर्क

कोरोना को किल करने का मप्र में सबसे बड़ा अभियान, 19 दिनों में चार करोड़ लोगों से होगा सीधा संपर्क
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भोपाल, 07 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में शुक्रवार से कोविड संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने राज्य के सभी 52 जिलों में समस्त ग्रामों तक जाना शुरू कर दिया है। प्रदेश की 70 प्रतिशत जनसंख्या जो गांवों में रहती है, उद्देश्य यही है कि यहां एक-एक व्यक्ति से सीधा संवाद करते हुए उन्हें कोरोना वायरस से कैसे बचा जा सकता है उसके प्रति जागरुक किया जा सके। सरकार अपने इस महाअभियान से प्रदेश के चार करोड़ लोगों से सीधा संपर्क करेगी। दरअसल, अधिकाधिक जनसंख्या तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिये 'किल कोरोना-3'' अभियान का संचालन ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू कर दिया गया है। इस अभियान की अवधारणा सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षणयुक्त रोगियों के प्राथमिक उपचार एवं कोविड-19 के सर्वेलेन्स के लिये की गई है। अभियान सात से 25 मई तक लगातार 19 दिनों तक चलेगा । प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास उमाकांत उमराव ने शुक्रवार को कहा कि किल कोरोना अभियान में प्राथमिक दल अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन ठीक से कर सके, इसलिये ग्रामवासियों को जागरूक करने, उनका सहयोग प्राप्त करने तथा दल एवं समुदाय के बीच बेहतर समन्वय एवं संवाद स्थापित करने के लिये ग्राम पंचायतों के पदाधिकारियों, स्व-सहायता समूह के पदाधिकारियों, सदस्य, कोरोना वॉलेंटिंयर्स, सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता तथा अन्य स्थानीय स्वैच्छिक संस्थाओं के व्यक्तियों को भी इस दल के साथ जोड़ने की कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि जनपद, जिला पंचायत में पूरा अभियान प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हो सके, इसके लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद, जिला पंचायत दिन-प्रतिदिन में परिवीक्षण समन्वय एवं मॉनीटरिंग की भूमिका प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करें। ग्राम पंचायतों को प्रेरित किया जाये कि वे जानबूझकर जनता कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध एवं होम आइसोलेशन में रहने वाले व्यक्तियों द्वारा कोरोना गाइड-लाइन का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जुर्माने की राशि के रूप में समुचित दण्ड अधिरोपित करने का संकल्प लें। उनका कहना है कि उल्लंघनकर्ता से राशि की वसूली करें। इस प्रकार वसूल की गई राशि का उपयोग कोरोना प्रबंधन (यथा फेस मास्क, सेनेटाइजर, क्वारेंटाइन सेंटर की व्यवस्था आदि) में किया जाये। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अपने क्षेत्रांतर्गत सभी व्यवस्थाओं का नियमित पर्यवेक्षण, समीक्षा एवं अनुश्रवण (मॉनीटरिंग) करेंगे। वे 'किल कोरोना-3'' अभियान में समस्त आवश्यक व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिये जिम्मेदार होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत अपने जिला अंतर्गत सभी व्यवस्थाओं का नियमित पर्यवेक्षण, समीक्षा व अनुश्रवण (मॉनीटरिंग) करेंगे। वे 'किल कोरोना-3'' अभियान में समस्त आवश्यक व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिये जिम्मेदार होंगे। उमराव ने कहा कि 'किल कोरोना-3'' अभियान का उद्देश्य प्रत्येक ग्राम तथा समस्त जनपद एवं जिलों को कोरोना मुक्त करा है। अत: इस संबंध में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा जारी निर्देशों का पूर्णत: पालन सुनिश्चित किया जाये। हिन्दुस्थान समाचार/डॉ. मयंक चतुर्वेदी