केरल भाजपा अध्यक्ष की मुसीबत बढ़ी, कोर्ट ने चुनावी मामला दायर करने की अनुमति दी

 केरल भाजपा अध्यक्ष की मुसीबत बढ़ी, कोर्ट ने चुनावी मामला दायर करने की अनुमति दी
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तिरुवनंतपुरम, 7 जून (आईएएनएस)। केरल के कासरगोड जिले की एक अदालत ने सोमवार को पुलिस को राज्य भाजपा प्रमुख के. सुरेंद्रन और पार्टी के दो अन्य नेताओं के खिलाफ एक शिकायत पर चुनाव कानूनों के तहत मामला दर्ज करने की अनुमति दी, जब एक उम्मीदवार ने आरोप लगाया कि उन्हें 6 अप्रैल की विधानसभा चुनाव में अपना नामांकन वापस लेने के लिए पैसे दिए गए थे। बसपा उम्मीदवार के. सुंदरा ने पिछले हफ्ते मीडिया के सामने स्वीकार किया कि उन्हें मंजेश्वरम सीट से चुनाव लड़ने के लिए 2.5 लाख रुपये और एक स्मार्टफोन दिया गया था। जहां से सुरेंद्रन चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि सुरेंद्रन के जीतने पर उन्हें कर्नाटक में 15 लाख रुपये, एक घर और एक वाइन पार्लर की पेशकश की गई थी। जब 2 मई को वोटों की गिनती हुई, तो कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ उम्मीदवार ए.के.एम. अशरफ ने सुरेंद्रन को 745 मतों के अंतर से हराया। मंजेश्वरम से माकपा उम्मीदवार वी.वी. रामेसन, जो तीसरे स्थान पर रहे, शिकायतकर्ता हैं। कासरगोड के प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट ने सुरेंद्रन और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति दी है। हालांकि, उसने फिलहाल किसी भी गिरफ्तारी से इनकार किया है। बसपा प्रत्याशी के खुलासे के बाद से सत्तारूढ़ माकपा के नेतृत्व वाला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट हाथ में था, लेकिन सुरेंद्रन और उनकी पार्टी ने इस आरोप का तुरंत खंडन किया। 2016 के विधानसभा चुनावों में, सुरेंद्रन 89 मतों के मामूली अंतर से हार गए थे और उस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने वाले सुंदरा को 467 वोट मिले थे। भाजपा को लगा कि इस बार सुंदरा के बसपा के उम्मीदवार के रूप में आने से उनका नाम इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में सुरेंद्रन के नाम के ठीक पहले आएगा और यह सुरेंद्रन की किस्मत को खराब कर सकता है। हालांकि सुंदरा ने नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन अपने पद से इस्तीफा दे दिया। --आईएएनएस एमएसबी/एसजीके