विदेश नीति पर राहुल को जयशंकर का जवाब कहा, सार्क देशों में भारत का प्रभाव बढ़ा
विदेश नीति पर राहुल को जयशंकर का जवाब कहा, सार्क देशों में भारत का प्रभाव बढ़ा
देश

विदेश नीति पर राहुल को जयशंकर का जवाब कहा, सार्क देशों में भारत का प्रभाव बढ़ा

news

नई दिल्ली, 17 जुलाई (हि.स.)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विदेश नीति के बारे में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना का करारा जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार की तुलना में नरेन्द्र मोदी सरकार के पिछले 6 वर्षों के दौरान दुनिया के बड़े देशों और पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों का विकास हुआ है। जयशंकर ने राहुल की आलोचना का बिन्दुवार उत्तर देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता यह भूल गए कि उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक तथा पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयरस्ट्राइक के जरिए भारत ने कैसा करारा जवाब दिया था। जयशंकर ने राहुल को शर्म-अल-शेख में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उस विवादस्पद रवैये की याद दिलाई जब उन्होंने आतंकवाद के संदर्भ में भारत-पाकिस्तान को एक तराजू पर तोलने की कोशिश की थी। विदेश मंत्री ने राहुल को वर्ष 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमले की भी याद दिलाई जब तात्कालीन सरकार ने पाकिस्तानी के आतंकवादी अड्डों पर हमला करने की वायुसेना को इजाजद नहीं दी थी। विदेश मंत्री ने कहा, “पाकिस्तान का राहुल ने जिक्र नहीं किया लेकिन उन्हें अपने आप से पूछना चाहिए। एक तरफ बालाकोट और उरी सर्जिकल स्ट्राइक है और दूसरी तरफ (कांग्रेस कार्यकाल में) शर्म-अल-शेख, हवाना और 26/11 है।” राहुल गांधी ने आज सुबह एक वीडियो संदेश में कहा था कि अर्थव्यवस्था और विदेश नीति के मामले में भारत पिछले छह वर्षों के दौरान बहुत कमजोर हुआ है। भारत के पड़ोसी देशों सहित दुनिया अन्य देशों के साथ संबंध बिगड़ गए हैं। भारत की कमजोर स्थिति के कारण ही चीन ने भारत पर हमला करने का दुसाहस किया। कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद विदेश मंत्री ने ट्वीटर के जरिए इसका बिन्दुवार जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रमुख देशों के साथ भागीदारी मजबूत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट दिखाई देती है। अमेरिका, रूस, यूरोप और जापान के साथ नियमित रूप से शिखरवार्ता और अनौपचारिक बैठकें हो रही हैं। भारत राजनीतिक रूप से आज अधिक समान शर्तों पर चीन के साथ बातचीत कर रहे हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान में अब भारत की परियोजनाएं पूरी हो रही हैं। इसमें संसद भवन और सलमा बांध शामिल है। भारत वहां प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है और संपर्क सुविधायें बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भूटान आज भारत का सुरक्षा और विकास दोनों क्षेत्रों में भागीदार है। उन्हें अब 2013 की तरह खाना पकाने वाली रसोई गैस की चिंता नहीं करनी पड़ती। नेपाल में 17 साल बाद भारत के प्रधानमंत्री ने यात्रा की है। बिजली, ईंधन, आवास, अस्पताल और सड़क निर्माण में भारत परियोजनाओं का संचालन कर रहा है। बांग्लादेश के साथ हमने सीमा मुद्दे का समाधान किया है। अब विकास और परागमन का रास्ता और सुगम हो गया है। अब बांग्लादेश में आतंकियों को शरण नहीं मिलती। हिन्दुस्थान समाचार/अनूप-hindusthansamachar.in