आईएनएस सह्याद्री को मिली ​पूर्वी बेड़े के ​'सर्वश्रेष्ठ जहाज' की ​ट्रॉफी

आईएनएस सह्याद्री को मिली ​पूर्वी बेड़े के ​'सर्वश्रेष्ठ जहाज' की ​ट्रॉफी
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- आईएन शिप किल्टन और खुकरी संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ कार्वेट घोषित - आईएनएस कमोर्ता को सबसे उत्साही जहाज के रूप में चुना गया नई दिल्ली, 20 जून (हि.स.)। विशाखापत्तनम में आयोजित फ्लीट अवार्ड्स फंक्शन-2021 के दौरान आईएनएस सह्याद्री को 'सर्वश्रेष्ठ जहाज', आईएन शिप किल्टन और खुकरी को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ कार्वेट और आईएनएस कमोर्ता को मोस्ट स्पिरिटेड शिप के रूप में चुना गया है। पिछले वर्ष परिचालन के दौरान पूर्वी बेड़े की कामयाबी का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया यह समारोह ईएनसी के 'स्वॉर्ड आर्म' की उपलब्धियों को मान्यता देता है। नौसेना के पूर्वी बेड़े की परिचालन उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए हर साल फ्लीट अवार्ड्स फंक्शन आयोजित किया जाता है जो पूर्वी बेड़े का परिचालन चक्र पूरा होने का प्रतीक है। नौसेना कमान (ईएनसी) के कमांडिंग-इन-चीफ फ्लैग ऑफिसर वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह, ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल तरुण सोबती कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे।पिछले वर्षों की तुलना में फ्लीट अवार्ड्स समारोह को कोविड प्रोटोकॉल के पूर्ण पालन के साथ एक मामूली कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया। समारोह का समापन समुद्री संचालन के समग्र स्पेक्ट्रम को कवर करते हुए सोलह प्रतिष्ठित ट्राफियों के वितरण के साथ हुआ। आईएनएस सह्याद्री को कैपिटल जहाजों में पूर्वी बेड़े के सर्वश्रेष्ठ जहाज के रूप में पुरस्कृत किया गया। अनेक चुनौतीपूर्ण मिशनों को पूरा करते हुए अदम्य भावना और धैर्य प्रदर्शित करने के लिए आईएनएस कमोर्टा सबसे उत्साही जहाज के रूप में चुना गया। जहाजों के समान वर्ग में नौसेना के जहाज किल्टन और खुकरी को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ कार्वेट ट्रॉफी दी गई। बीता साल सनराइज फ्लीट के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। कोरोना महामारी के दौरान पूर्वी बेड़े ने अपनी परिचालन जिम्मेदारियों का पालन करते सक्रिय भूमिका निभाई। पूर्वी बेड़े के जहाजों ने उच्च परिचालन गति बनाए रखते हुए कई संचालन, अभ्यास और मानवीय सहायता मिशनों में भाग लिया। इसके अलावा कई प्रमुख द्विपक्षीय और बहुपक्षीय अभ्यासों मालाबार-20, ला पेरोस, पासेक्स में विभिन्न नौसेनाओं के साथ भाग लिया। मिशन सागर और विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन समुद्र सेतु का संचालन किया। कोरोना की दूसरी लहर में ऑपरेशन समुद्र सेतु-II के रूप में पूर्वी बेड़े के जहाजों ने एक पेशेवर और विश्वसनीय बल के रूप में अपनी भूमिका निभाई। इसके अलावा पूर्वी समुद्री तट पर ऑक्सीजन वितरण को बढ़ाने के लिए मुख्य आधार के रूप में काम किया। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत

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