आज भारत वापस आएगी 1998 में चोरी हुई नटराज शिव की मूर्ति, 2005 में लंदन से हुई थी बरामद
आज भारत वापस आएगी 1998 में चोरी हुई नटराज शिव की मूर्ति, 2005 में लंदन से हुई थी बरामद
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आज भारत वापस आएगी 1998 में चोरी हुई नटराज शिव की मूर्ति, 2005 में लंदन से हुई थी बरामद

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राजस्थान (Rajasthan) के चित्तौड़गढ़ (Chhitorgarh) जिले में है घाटेश्वर मंदिर (Ghateshwar Temple). घाटेश्वर मंदिर से फरवरी 1998 में चुराई गई नटराज या नटेश शिव (Nataraja or Natesh Shiva) की मूर्ति 2005 में लंदन से बरामद हुई थी. अब यह 9वीं शताब्दी की मर्ति गुरुवार यानि आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पास पहुंचेगी. 2005 में भारतीय उच्चायोग को लौटाई गई प्रतिमा भारतीय अधिकारियों ने कहा कि जब नटराज की प्रतिमा को यूनाइटेड किंगडम में तस्करी कर लाया गया था, तो ब्रिटिश अधिकारियों को 2003 में सतर्क किया गया था. उन्होंने एक निजी कलेक्टर के साथ बातचीत की, जिसने इसे अपने अधिकार में कर लिया था और बाद में इसे अपनी इच्छा से 2005 में भारतीय उच्चायोग को लौटा दिया था. 2005 से यह नटराज की यह मूर्ति इंडिया हाउस में प्रमुखता से प्रदर्शित की गई. अगस्त 2017 में एएसआई एक्सपर्ट्स की एक टीम ने मूर्ति की जांच की और पुष्टि की कि यह वही मूर्ति है जिसे बरोली गांव के घाटेश्वर मंदिर से चुराया गया था. 1998 से पहले भी हुआ था चुराने का प्रयास ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 1998 से पहले भी इस मूर्ति को चुराने का प्रयास किया गया था. हालांकि उस समय यह चोरी होने से बच गई थी, पर मूर्ति का एक पैर टूट गया था. 1998 में इसे जब चोरी किया गया तो लंदन के एक प्राइवेट म्यूजियम को इसे बेच दिया गया था. भारत द्वारा हाल ही में बरामद की गई वस्तुओं में 17 वीं शताब्दी की कृष्ण की कांस्य मूर्ति और दूसरी शताब्दी का चूना पत्थर का नक्काशीदार स्तंभ की आकृति शामिल है, जिसे 15 अगस्त, 2019 को अमेरिकी दूतावास द्वारा लौटाया गया. इसके अलावा 15 अगस्त, 2018 को स्कॉटलैंड यार्ड द्वारा सौंपी गई 12वीं शताब्दी की बुद्ध की कांस्य प्रतिमा और एक ब्रम्हा-ब्राह्मणी मूर्ति, जो गुजरता की वर्ल्ड हेरिटेज साइट रानी की वाव से चुराई गई थी. यह सभी एएसआई को वापस मिल गई हैं.-newsindialive.in