कमजोर शरीर पर फंगस इनफेक्शन का अधिक खतरा : डॉक्टर मल्ही

कमजोर शरीर पर फंगस इनफेक्शन का अधिक खतरा : डॉक्टर मल्ही
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नई दिल्ली, 22 मई (हि.स.)।देश में अभी कोरोना का कहर जारी है। इसी बीच तेजी से ब्लैक और वाइट फंगस भी पांव पसार रहा है। ये दोनों संक्रमण कोरोना संक्रमण के बाद मरीजों में देखे जा रहे हैं और कोरोना से भी अधिक खतरनाक हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लैक फंगस के मरीजों की मृत्यु दर 30 से 50 फीसदी है। शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (दिल्ली एम्स) के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अमरिंदर सिंह मल्ही ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत करते हुए कहा कि चाहे ब्लैक फंगस हो या वाइट ये दोनों हमारे प्रर्यावरण में मौजूद हैं। जैसे ही हमारी शरीर कमजोर होती है ये फंगस शरीर पर हमला कर देते हैं। मल्ही ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बाद शरीर बेहद कमजोर हो जाती है यानी शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी हो जाती इसी कारण ये फंगस शरीर में प्रवेश कर पाते हैं। स्टेरॉयड से बचें कोरोना मरीज डॉक्टर मल्ही ने कहा कि ऐसा देखा जा रहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान मरीज धड़ल्ले से स्टेरॉयड के टैबलेट व इंजेक्शन ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के एक सप्ताह के अंदर यह इंजेक्शन या दवा देने का कोई मतलब नहीं। इस दवा का केवल तभी उपयोग किया जाए जब ऑक्सीजन का स्तर गिरने लगे। मल्ली ने कहा कि बिना डॉक्टर से परामर्श लिए इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और कम हो जाती है। जिसके कारण ब्लैक और वाइट फंगस के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। मल्ही ने कहा कि यूके और यूएस जैसे देशों में यह दवा प्रतिबंधित है। इसी कारण उन देशों में कोरोना संक्रमण के बाद ब्लैक फंगस और वाइट का संक्रमण न के बराबर देखा गया। फंगस इनफेक्शन से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान डॉक्टर मल्ही ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान मरीजों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए जैसे स्टेरॉयड का उपयोग बिना डॉक्टर की अनुमति के न करें। इम्यून सिस्टम को कमजोर न होने दें।मधुमेह को अनियंत्रित न होने दें। रोगी को दिए गए ऑक्सीजन सपोर्ट को दूषित न होने दें। ऑक्सीजन मास्क को साफ-सुथरा रखें साथ ही मास्क को भी साफ-सुथरा रखें। उन्होंने कहा कि अगर आंख या उसके आसपास दर्द है, आंखो का लाल रहना और कम दिखना साथ ही एक वस्तु दो दिखना, नाक बहना, धुंधला दिखना, आंखों का बाहर निकल आना, सिर दर्द आदि। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को संपर्क करें। हिन्दुस्थान समाचार/आशुतोष