झुग्गीवासियों, बेघर लोगों की मदद को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब

झुग्गीवासियों, बेघर लोगों की मदद को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब
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- मानवाधिकार आयोग और दिल्ली पुलिस को भी जारी किया नोटिस नई दिल्ली, 17 मई (हि.स.)। दिल्ली हाईकोर्ट ने झुग्गियों में रहने वालों और बेघर लोगों को भोजन, आश्रय एवं वित्तीय मदद देने की मांग करनेवाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार के अलावा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच ने 4 जून तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। यह याचिका झुग्गियों में रहनेवाले छह लोगों ने दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने दो लॉ स्टूडेंट्स श्रीकांत प्रसाद और विनीता महामना की मदद से ये याचिका दायर की है। याचिका में झुग्गियों में रहनेवाले सभी लोगों के लिए खाने, पीने, रहने की सुविधाओं के साथ-साथ आर्थिक सहायता, रोजगार के लिए हुनर सिखाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि झुग्गियों में रहने वाले सभी लोगों को राशनकार्ड उपलब्ध करवाया जाए। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार झुग्गी में रहनेवाले लोगों, बेघरों और भीख मांगने वालों की देखभाल के लिए एक स्थायी कमेटी का गठन करे। याचिका में झुग्गीवालों और बेघर लोगों को तीन समय का खाना उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक किचन का निर्माण करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि झुग्गियों में रहनेवालों और बेघर लोगों के बच्चों की पढ़ाई बिल्कुल नहीं हो पाती है क्योंकि वे स्कूल नहीं जा पाते हैं। उन बच्चों के लिए शिक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण खाना होता है। याचिका में कहा गया है कि झुग्गियों में रहनेवाले और बेघर लोगों के बच्चों को संविधान के अनुच्छेद 21ए के तहत शिक्षा पाने के अधिकार का उल्लंघन होता है। हिन्दुस्थान समाचार/ संजय/पवन