Unlock 2 के 30वें दिन स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- जल्द ही रोजाना 10 लाख जाँच होगी
Unlock 2 के 30वें दिन स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- जल्द ही रोजाना 10 लाख जाँच होगी
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Unlock 2 के 30वें दिन स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- जल्द ही रोजाना 10 लाख जाँच होगी

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स्वास्थ्य एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में हर दिन कोविड-19 की करीब पांच लाख जांच की जा रही है और अगले एक-दो महीने में यह दोगुनी हो जाएगी। कोविड-19 से मुकाबले के लिए वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की प्रौद्योगिकी पर एक संग्रह को जारी करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश में ठीक होने की दर 64 प्रतिशत से अधिक है और मृत्यु दर 2.2 प्रतिशत है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने वायरस से निपटने में चिकित्सा बिरादरी के साथ योगदान दे रहे वैज्ञानिक समुदाय की भी सराहना की। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि भारत में कोविड-19 का पहला मामला 30 जनवरी को आया था और छह महीने हो चुके हैं लेकिन लड़ाई अब भी जारी है। विशाल देश और बड़ी आबादी होने के बावजूद हर मोर्चे पर वायरस के खिलाफ कामयाबी से निपटा गया है। देश में स्वास्थ्य ढांचे को चुस्त-दुरूस्त किए जाने पर मंत्री ने कहा कि छह महीने पहले देश में वेंटिलेटर का आयात होता था लेकिन अब तीन लाख वेंटिलेटर निर्माण की क्षमता तैयार हो गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘अब अधिकतर वेंटिलेटर देश के भीतर ही बनाए जा रहे हैं। भारत करीब 150 देशों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा की आपूर्ति कर रहा है।’’ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘अप्रैल में हम रोजाना 6000 जांच कर पा रहे थे। आज हर दिन पांच लाख से ज्यादा जांच हो रही है। अगले एक-दो महीने में रोजाना 10 लाख जांच करने की हमारी योजना है और हम इस दिशा में काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि एक समय था जब देश के भीतर आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कोविड-19 से संबंधित निर्यात रोक दिया गया। हालांकि, शुक्रवार को मंत्री समूह की बैठक में इस पर प्रस्तुति दी जाएगी कि निर्यात को फिर से खोलने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘महत्वपूर्ण उपकरणों के उत्पादन को तेज करने के लिए देश में उठाए गए कदमों की बदौलत ऐसा हुआ।’’ डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना वायरस का टीका तैयार करने के लिए दुनिया भर में प्रयास हो रहा है और भारत भी इस कवायद में पीछे नहीं है। रणनीतिक विकल्प नहीं हो सकती हर्ड इम्युनिटी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत की आबादी को देखते हुए हर्ड इम्युनिटी (सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता) रणनीतिक विकल्प नहीं हो सकता। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि जब तक कोविड-19 का टीका नहीं बन जाता तब तक इस संबंध में उचित आचार-व्यवहार का पालन करना होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) राजेश भूषण से जब एक प्रेस वार्ता में पूछा गया कि क्या भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ हर्ड इम्युनिटी विकसित हो रही है तो उन्होंने जवाब दिया कि सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता कोविड-19 जैसी संक्रामक बीमारी से परोक्ष बचाव का एक तरीका है। उन्होंने कहा कि यह तभी विकसित होती है जब आबादी के किसी हिस्से में या तो टीकाकरण से या पहले ही हो चुके संक्रमण से रोग प्रतिरक्षा शक्ति विकसित होती है। भूषण ने कहा, ‘‘भारत जैसी जनसंख्या वाले किसी देश में हर्ड इम्युनिटी रणनीतिक विकल्प नहीं हो सकता। यह केवल एक परिणाम हो सकता है और वह भी बड़ी भारी कीमत पर यानी लाखों लोग संक्रमित हों, अस्पताल में भर्ती हों और जब इस प्रक्रिया में कई लोगों की मृत्यु हो जाए।’’ उन्होंने कहा कि हर्ड इम्युनिटी टीकाकरण के माध्यम से हासिल हो सकती है लेकिन यह भविष्य की बात है। ओएसडी ने कहा, ‘‘क्या हम हर्ड इम्युनिटी की ओर बढ़ रहे हैं? स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि यह स्थिति अभी दूर है और भविष्य की बात है। फिलहाल हमें मास्क पहनने, एक जगह अधिक संख्या में जमा होने से बचने, हाथ साफ करने और दो गज की दूरी बनाकर रखने जैसे उचित तौर-तरीकों का पालन करना होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब तक टीका नहीं बन जाता, कोविड-19 से बचने के तौर-तरीकों का पालन ही इस महामारी के खिलाफ सामाजिक टीका है।’’ अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 के लिए स्वदेश निर्मित दो टीकों के मनुष्य पर परीक्षण के पहले और दूसरे चरण शुरू हो गये हैं। भूषण ने यह भी कहा कि सरकार ने अब तक 50 लाख रुपये की कोविड-19 बीमा योजना के तहत 131 दावे प्राप्त किये हैं और 20 मामलों में भुगतान किया भी जा चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘क्लेम आने में देरी हो रही है क्योंकि शुरू में परिवार पहले ही सदमे में हैं और हस्ताक्षर करने और जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी होने में समय लग रहा है।” रोक 31 अगस्त तक के लिए बढ़ायी गयी पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के मामलों में तीव्र वृद्धि के मद्देनजर कोविड-19 के हॉटस्पॉट छह शहरों से कोलकाता के लिए उड़ानों पर प्रतिबंध 15 अगस्त के लिए बढ़ा दिया गया है। हवाई अड्डे के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने ट्वीट किया, ”छह शहरों- दिल्ली, मुम्बई, पुणे, चेन्नई, नागपुर और अहमदाबाद से कोलकाता हवाई अड्डे पर उड़ानों के आगमन पर पाबंदी 15 अगस्त, 2020 तक के लिए बढ़ा दी गयी है।’’ इससे पहले हवाई अड्डे ने कहा था कि 31 जुलाई तक इन शहरों से कोई भी यात्री विमान कोलकाता नहीं पहुंचेगा। दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,093 नए मामले दिल्ली में बृहस्पतिवार को 1,093 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 1.34 लाख से अधिक हो गई। इसके अलावा 29 रोगियों की मौत के साथ ही मृतकों की तादाद 3,936 तक पहुंच गई है। बुलेटिन में कहा गया है कि दिल्ली में अब भी 10,743 लोग उपचाराधीन हैं। बुधवार को रोगियों की संख्या 10,770 थी। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार सोमवार को कुल 613 मामले सामने आए थे, जो बीते दो महीने में सबसे कम थे। दिल्ली में 23 जून को एक दिन में संक्रमण के सबसे अधिक 3,947 मामले सामने आए थे। बुधवार को दिल्ली में कुल मृतकों की संख्या 3,907 थी। बुलेटिन के अनुसार दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,34,403 हो गई है जबकि मृतक संख्या बढ़कर 3,936 पहुंच गई है। महाराष्ट्र में सर्वाधिक 11,147 नये मरीज सामने आए महाराष्ट्र में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के सर्वाधिक 11,147 नए मरीज मिलने के साथ प्रदेश में कोविड-19 मरीजों की संख्या चार लाख के पार यानी 4,11,798 हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग के मुताबिक इस अवधि में 266 लोगों ने अपनी जान संक्रमण की वजह से गंवाई। इसके साथ ही प्रदेश में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 14,729 हो गई है। इस अवधि में संक्रमण मुक्त हुए 8,860 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी गई जिन्हें मिलाकर ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 2,48,615 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में 1,48,454 मरीज उपचाराधीन हैं। वहीं अबतक महाराष्ट्र में 20,70,128 नमूनों की जांच की गई है। राज्य में संक्रमण से ठीक होने की दर 60.37 फीसदी है जबकि मृत्यु दर 3.58 प्रतिशत है। केरल में कोविड-19 के 506 नये मरीज सामने आए केरल में बृहस्पतिवार को 506 और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई और 794 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। राज्य में संक्रमित दो और लोगों की मौत से जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 70 हो गयी। इसके साथ ही प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 22 हजार के पार यानी 22,297 हो गई है। राज्य में आज कुल 37 स्वास्थ्यकर्मियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बताया कि नए मामलों में से 375 मरीज पहले से संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं जबकि 29 मरीजों के संक्रमित होने का स्त्रोत अभी पता नहीं चल पाया है। विजयन ने कहा कि आईसीएमआर पोर्टल पर चल रहे किसी कार्य की वजह से आज राज्य के कोविड-19 के आंकड़ों की पूर्ण जानकारी नहीं हैं। कोझिकोड और एर्नाकुलम जिलों में दो संक्रमित मरीजों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि त्रिशूर में 83, तिरुवनंतपुरम में 70, पथनमथिट्टा में 59, अलप्पुझा में 55, कोझिकोड में 42, कन्नूर में 39, एर्नाकुलम में 34, मलाप्पुरम में 32, कोट्टायम में 29, कासरगोड में 28, कोल्लम में 22, इदुक्की में छह,पलक्कड़ में चार और वायनाड में तीन मामले सामने आए। मुख्यमंत्री के मुताबिक केरल में दिन में 21,533 नमूनों की जांच की गई। आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के 10 हजार से ज्यादा नए मामले आंध्र प्रदेश में लगातार दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी कोविड-19 के 10 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। राज्य में अभी तक 1,30,557 लोग के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। महाराष्ट्र के बाद आंध्र प्रदेश देश का दूसरा ऐसा प्रदेश है जहां एक दिन में कोविड-19 के 10 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। राज्य में बृहस्पतिवार को 10,167 लोग के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। वहीं बुधवार को 10,093 मामले आए थे। सरकार की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में संक्रमण से 68 लोग की मौत हुई है। राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक कुल 1,281 लोग की मौत हुई है। पिछले दो दिन में 1,40,652 नमूनों की जांच की गई है जिनमें से 20,260 के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के 834 नए मामले मध्य प्रदेश में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 834 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाये गये लोगों की कुल संख्या 30,968 तक पहुंच गयी। राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से 13 और व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हुई है जिससे मरने वालों की संख्या 857 हो गयी है। मध्य प्रदेश के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से भोपाल में पांच, इन्दौर में दो, और छतरपुर, बुरहानपुर, विदिशा, सीहोर, दतिया, और सतना में एक-एक मरीज की मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक कोरोना वायरस से सबसे अधिक 310 मौत इन्दौर में हुई हैं। भोपाल में 169, उज्जैन में 74, सागर में 32, बुरहानपुर में 24, खंडवा में 19, जबलपुर में 27, खरगोन में 17, ग्वालियर में 12, मंदसौर में 11, देवास, और धार में 10-10, और रतलाम, मुरैना, नीमच, सीहोर एवं राजगढ़ में नौ-नौ लोगों की मौत हुई है। बाकी मौत अन्य जिलों में हुई हैं। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में बृहस्पतिवार को कोविड—19 के सबसे अधिक 233 नये मामले भोपाल जिले में आये हैं, जबकि इंदौर में 84, बड़वानी में 73, सीहोर में 27, रीवा में 25, रतलाम में 21, सतना में 18, छिंदवाड़ा में 18, बालाघाट, सागर और धार में 16-16 नये मामले आये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 30,968 संक्रमित लोगों में से अब तक 21,657 मरीज स्वस्थ होकर घर चले गये हैं और 8,454 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। बृहस्पतिवार को 723 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में राज्य में कुल 3,261 निषिद्ध क्षेत्र हैं। गुजरात में कोविड-19 के 1,159 नये मामले गुजरात में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के एक दिन में 1,159 नये मामले सामने आये जिससे राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 60,000 से अधिक हो गई। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने दी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य में कोविड-19 के कुल मामले बढ़कर 60,285 हो गए हैं। इसमें कहा गया है कि बुधवार शाम से कोविड-19 के 22 और मरीजों की मौत हो गई जिससे राज्य में मृतक संख्या बढ़कर 2,418 हो गई। इसमें कहा गया है कि 879 मरीजों को पिछले 24 घंटे में ठीक होने के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई जिससे राज्य में ठीक हुए मरीजों की संख्या बढ़कर 44,074 हो गई। इसमें कहा गया है कि राज्य में उपचाराधीन मामलों की संख्या अब 13,793 है। राज्य में अभी तक कुल 7,38,073 जांच हुई हैं। जम्मू-कश्मीर में कोविड-19 के 450 नये मामले जम्मू-कश्मीर में बृहस्पतिवार को कोविड-19 से एक दिन में सबसे अधिक मरीजों की मौत हुई और पिछले 24 घंटे में 17 मरीजों ने संक्रमण से दम तोड़ दिया। वहीं इस केंद्र शासित प्रदेश में कोरोना वायरस के 450 नये मामले सामने आये जिससे यहां संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 19,869 हो गई। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘जम्मू कश्मीर में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 संक्रमित 17 मरीजों की मौत हो गई।’’ अधिकारियों ने बताया कि यह केंद्र शासित प्रदेश में कोविड-19 मृतक संख्या में एक दिन में होने वाली अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू कश्मीर में मृतक संख्या बढ़कर 365 हो गई है जिसमें से 339 मरीजों की मौत घाटी में हुई है जबकि 26 मरीजों की मौत जम्मू क्षेत्र में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू कश्मीर में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 450 नये मामले सामने आये जिससे इस केंद्र शासित प्रदेश में इसके कुल मामले बढ़कर 19,869 हो गए। अधिकारियों ने बताया कि नये मामलों में से 83 मामले जम्मू क्षेत्र में जबकि 367 मामले घाटी में सामने आये हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब केंद्र शासित प्रदेश में कोविड-19 के 7,662 उपचाराधीन मामले हैं जबकि 11,842 मरीज संक्रमण से ठीक हो गए हैं। नये मामलों में 67 मामले उन व्यक्तियों के हैं जो हाल में जम्मू कश्मीर लौटे थे। मध्य कश्मीर के श्रीनगर जिले में सबसे अधिक 183 मामले और उसके बाद 42 मामले बारामूला जिले में सामने आये हैं। तमिलनाडु में कोविड-19 के 5,864 नये मामले तमिलनाडु में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 5,864 नये मामले सामने आये, जिससे राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 2,39,978 हो गई। बुधवार की तुलना में बृहस्पतिवार को संक्रमण के ताजा मामलों में गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा संक्रमण के कारण 97 और मौतें होने के साथ राज्य में बीमारी से मरने वालों की संख्या 3,838 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के एक बुलेटिन में कहा गया कि अस्पतालों से 5,295 लोगों को छुट्टी मिलने के बाद राज्य में ठीक हो चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,78,178 हो गई। राज्य में अब 57,962 मरीजों का इलाज चल रहा है। चेन्नई में आज 1,115 नए मामले सामने आये, जिससे महानगर में संक्रमितों की कुल संख्या 98,767 हो गई। मुख्यमंत्री ने पुणे में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बृहस्पतिवार को पुणे जिले में कोविड-19 महामारी की स्थिति की समीक्षा की। पिछले कुछ हफ्तों में पुणे जिले में संक्रमण के मामलों में बढ़ोत्तरी के कारण अब तक कुल 78,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। उन्होंने सांसदों और विधायकों सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों की एक बैठक की अध्यक्षता की और कोविड-19 की स्थिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा अब तक की महामारी से निपटने को लेकर किए गए प्रयासों का जायजा लिया। करीब चार माह पहले कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद ठाकरे पहली बार पुणे आए। बैठक में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने महामारी को लेकर अपने विचार रखे और जिले में महामारी के प्रसार को रोकने के लिए उपाय सुझाए। बैठक में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, मंत्री दिलीप वाल्से-पाटिल, दत्तात्रय भरणे, पुणे के मेयर मुरलीधर मोहोल, कोथरुड़ के विधायक और राज्य भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल और पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के अन्य निर्वाचित सदस्य उपस्थित थे। भाजपा के पूर्व मंत्री पाटिल ने कहा कि स्थानीय प्रशासन पुणे में कोविड-19 रोगियों के लिए तीन वृहद अस्पताल स्थापित करने की सोच रहा है। मुख्यमंत्री पुणे जिले के अधिकारियों और नगर प्रशासन के साथ एक अलग बैठक करने वाले हैं। गुजरात में दुकानें रात आठ बजे तक खुलेंगी कोविड-19 महामारी के बीच केंद्र सरकार द्वारा ‘अनलॉक-3’ को लेकर जारी किए गए दिशानिर्देशों मद्देनजर गुजरात सरकार ने बृहस्पतिवार को एक अगस्त से रात का कर्फ्यू समाप्त करने तथा दुकानों को रात आठ बजे तक खोलने की इजाजत देने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति के अनुसार जिम (व्यायामशाला) और योग केंद्रों को भी पांच से अगस्त खोलने की इजाजत दी गई है। बयान में कहा गया है, ”एक अगस्त से राज्य में रात का कर्फ्यू पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।’’ इसके मुताबिक सभी दुकानों को रात आठ बजे तक और रेस्तरांओं को दस बजे तक खोलने की अनुमति होगी। केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुसार राज्य सरकार ने विद्यालयों, कोचिंग क्लासों और सिनेमाघरों को अगस्त में खोलने की इजाजत नहीं देने का निर्णय लिया है। विज्ञप्ति में कहा गया है, ”जिन चीजों को खोलने की अनुमति नहीं दी गयी है उनके संदर्भ में राज्य केंद्र के दिशानिर्देशों का पालन करेगा।’’ रूपाणी ने बुधवार को कहा था कि राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक गतिविधियां जारी रहने पर भी जानलेवा संक्रमण नहीं फैले। मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगस्त में धार्मिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं होगी और यदि कोविड-19 की स्थिति बनी रहती है तो नवरात्रि जैसे उत्सव नहीं मनाये जायेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि एक अगस्त से बिना मास्क के बाहर निकलने पर 500 रुपये जुर्माना लगेगा। राज्य में कोरेाना वायरस के अब तक 59000 मामले सामने आ चुके हैं जबकि 2396 मरीजों की मौत हो चुकी है। दिल्ली सरकार ने चार पैनल गठित किए दिल्ली सरकार ने बृहस्पतिवार को चार समितियों का गठन किया, जिनमें चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हैं, जो शहर के उन अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे, जहां अभी भी कोविड-19 से अधिक मौतें हो रही हैं। इस संबंध में जारी एक आदेश के अनुसार यह जानकारी सामने आयी है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट किया गया, जिन्होंने कहा, ये पैनल निरीक्षण करेंगे और मृत्यु दर को कम करने के लिए सुझाव देंगे। आदेश में कहा गया, ‘‘यह देखा गया है कि 11 अस्पतालों में कोविड मौतों का प्रतिशत 1-23 जुलाई, 2020 की अवधि के दौरान अधिक रहा।’’ चार समितियों में से प्रत्येक में चार विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें आंतरिक चिकित्सा से दो विशेषज्ञ हैं। संबंधित आवंटित अस्पतालों का निरीक्षण करने के लिए यह समितियां गठित की गई हैं, जो यह पता लगाएगी कि कोविड-19 रोगियों के उपचार में मानक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है या नहीं। दिल्ली की स्वास्थ्य सचिव पद्मिनी सिंगला द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया कि समितियां इन अस्पतालों में कोविड-19 मौतों के उच्च प्रतिशत के कारण और कोविड-19 रोगियों की मृत्यु के कारण की भी जाँच करेंगी। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोविड-19 की मौतों की संख्या में कमी आई है, लेकिन इसे और नीचे लाया जाना चाहिए। दिल्ली में बुधवार को कोरोना वायरस 1,035 मामले सामने गए, जिससे शहर में संक्रमण के मामले 1.33 लाख से अधिक हो गए, जबकि बीमारी से मरने वालों की संख्या 3,907 हो गई। चिकित्सा विशेषज्ञों ने एलएनजेपी अस्पताल, लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, आरएमएल अस्पताल और मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज सहित कई अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं सुधार की बात कही है। जिन अस्पतालों का निरीक्षण किया जाना है उनमें जीटीबी अस्पताल, सर गंगा राम अस्पताल, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट और मैक्स अस्पताल, साकेत शामिल हैं। समितियां तीन अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सीधे दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को सौंपेंगी। पीपीई किट में नजर आएंगे जिम ट्रेनर कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के कारण करीब चार महीने बंद रहने के बाद दोबारा जिम खोले जाने को लेकर संचालनकर्ता उत्साहित हैं और संक्रमण से बचाव के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी के जिम के संचालनकर्ताओं ने कीटाणुनाशक का इंतजाम करने के साथ ही लगातार सेनेटाइज करने के मकसद से अधिक लोगों को काम पर रखा है। एक तरफ जहां ट्रेनर (प्रशिक्षणदाता) पीपीई किट पहनकर प्रशिक्षण देंगे, वहीं दूसरी ओर आरोग्य सेतू ऐप का उपयोग भी अनिवार्य किया गया है। इतना ही नहीं कुछ जिम वालों ने तो अपने सदस्यों को अनिवार्य रूप से अपनी बीमारियों से संबंधित जानकारी देने को कहा है। साथ ही एक शपथपत्र देना होगा कि वे कोरोना वायरस संक्रमित नहीं हैं। हालांकि, मास्क पहनना अनिवार्य नहीं किया गया है क्योंकि अधिक व्यायाम करने की सूरत में सांस लेने में दिक्कत आ सकती है। केंद्र ने बुधवार को अनलॉक-3 के तहत जारी दिशा-निर्देशों में पांच अगस्त से जिम और योग केंद्रों को दोबारा खोले जाने की अनुमति दी है। ये 25 मार्च से लागू देशव्यापी लॉकडाउन के बाद से ही बंद थे। कई जिम के मालिकों ने कहा कि हर बार इस्तेमाल के बाद उपकरणों को सेनेटाइज करने पर ध्यान देंगे और एक समय पर सीमित संख्या में ही सदस्यों को व्यायाम की अनुमति दी जाएगी। देश की सबसे बड़ी जिम श्रृंखला में से एक ‘ओजोन’ के मालिक नवीन कंधारी ने कहा, ‘हम किसी भी सामूहिक गतिविधि की अनुमति नहीं देंगे। यहां 2,000 वर्ग फुट क्षेत्र में केवल 10 लोग व्यायाम करेंगे। प्रत्येक सदस्य के लिए एक व्यक्तिगत ट्रेनर होगा।’ उन्होंने कहा कि सदस्यों को अपनी सेहत और बीमारियों के संबंध में एक शपथपत्र देना होगा और उन्हें अलग से अपना तौलिया और चप्पल लानी होगी। कंधारी ने कहा कि सदस्यों के लिए आरोग्य सेतू ऐप अनिवार्य रहेगा। मयूर विहार में ‘हिबिस्कस स्पा’ चलाने वाले अनूप नायर ने कहा कि कोरोना वायरस के लक्षण वाले सदस्यों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्य प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनिंग की जाएगी और हर उपकरण के साथ सेनेटाइजर उपलब्ध रहेगा। एमआर फिटनेस जोन के मालिक महेश भाटी ने कहा कि वह एक पारी में केवल आठ सदस्यों को ही अनुमति देंगे ताकि वे सामाजिक दूरी के नियमों का आसानी से पालन कर सकें। उन्होंने कहा कि हर इस्तेमाल के बाद मशीनों को सेनेटाइज करने के लिए तीन सहायकों को तैनात किया गया है। छात्र दे रहे सीईटी की परीक्षा कर्नाटक में कोविड-19 से संक्रमित 40 छात्रों समेत लगभग 1.94 लाख छात्र बृहस्पतिवार से शुरू हुई सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईटी) दे रहे हैं। राज्य के उप मुख्यमंत्री डॉक्टर सीएन अश्वत्थ नारायण ने यह जानकारी दी। जन निर्देश विभाग द्वारा आयोजित एसएसएलसी परीक्षा और विश्वविद्यालय पूर्व परीक्षा की तर्ज पर कर्नाटक सरकार ने पीयूसी छात्रों के लिये सामान्य प्रवेश परीक्षा आयोजित कराने फैसला लिया था। कर्नाटक में 497 केंद्रों पर बृहस्पतिवार और शुक्रवार दो दिन परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री तथा उच्च शिक्षा मंत्री नारायण ने कुछ परीक्षा केंद्रों का दौरा करने के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन परीक्षा के लिये पंजीकृत इन 1.94 लाख छात्रों में बेंगलुरु में 83 केंद्रों पर परीक्षाएं दे रहे 40,200 छात्र भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा दे रहे कोरोना वायरस से संक्रमित 40 छात्रों में बेंगलुरु के 12 छात्र शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा, ‘परीक्षा देने वाले कोरोना वायरस से संक्रमित छात्रों के लिये पर्याप्त प्रबंध किये गए हैं। उन्हें विभाग की एंबुलेंस से परीक्षा केंद्र लाया गया और परीक्षा के बाद वापस उनके संबंधित स्थानों पर छोड़ दिया गया।’ इन छात्रों के बैठने के लिये अलग से प्रबंध किये गए थे। पूछताछ कर रहे कॉरपोरेट घराने दिल्ली-एनसीआर में आर्थिक गतिविधियां धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रही हैं। ऐसे में कॉरपोरेट घराने अपने-अपने कर्मचारियों को कोरोना वायरस से बचाने के लिये उनके रैपिड एंटीजेन और एंटीबॉडी टेस्ट कराने के लिये जांच प्रयोगशालाओं और अस्पतालों से संपर्क कर रहे हैं। दिल्ली में पिछले महीने रैपिड एंटीजेन टेस्ट को मंजूरी दी गई थी, जोकि आरटी-पीसीआर जांच के मुकाबले सस्ता और जल्दी नतीजे देने वाला विकल्प है। साथ ही इसे अधिक विश्वसनीय भी माना जा रहा है। सीड्स ऑफ इनोसेंस एंड जीनस्ट्रिंग्स प्रयोगशाला के सीओओ चेतन कोहली ने कहा, ‘हमसे एंटीजेन टेस्ट के बारे में पूछताछ की जा रही है। अधिकतर सवाल सरकार के जरिये पूछे जा रहे हैं। कर्मचारियों की बड़ी तादाद वाले कॉरपोरेट घरानों की ओर से भी कई सवाल पूछे जा रहे हैं, जो अपने कर्मचारियों का एंटीजन टेस्ट कराना चाहते हैं क्योंकि उनके एक या दो कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा चुके हैं।’ गुड़गांव स्थित ‘कोर डायग्नोस्टिक’ प्रयोगशाला की सीईओ तथा संस्थापक जोया बराड़ ने भी बताया कि निर्माण, सेवा और पर्यटन समेत विभिन्न सेक्टरों के कॉरपोरेट घरानों की ओर से मदद करने के लिए उनके कर्मचारियों के एंटीजेन टेस्ट करने को लेकर पूछताछ की जा रही है। हिमाचल प्रदेश में 11 नये मामले हिमाचल प्रदेश में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 11 नये मामले सामने आये, जिससे प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 2,415 हो गयी है। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान ने बताया कि नये मामलों में से शिमला एवं उना जिले में तीन तीन मामले जबकि कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, बिलासपुर एवं सोलन जिले में एक एक मामला सामने आया है। जिले के एक अधिकारी ने बताया कि शिमला के जाखू क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये हैं। धीमान ने बताया कि प्रदेश में इस वायरस के संक्रमण से 39 मरीज ठीक हुये हैं। इनमें से 23 सोलन से, सात किन्नौर से, पांच उना से और चार बिलासपुर से हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोविड-19 के संक्रमण से 13 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 1371 व्यक्ति इससे ठीक हो चुके हैं और 15 मरीज दूसरे राज्यों में जा चुके हैं। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में अभी 1014 मरीजों का उपचार चल रहा है। उप्र में कोरोना से एक दिन में सबसे अधिक 57 मौत उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 3,765 नए मामले सामने आए, जबकि 57 और मौतों के साथ इस संक्रमण से जान गंवाने वालों का आंकड़ा बृहस्पतिवार को 1,587 हो गया। प्रदेश में मौत के 57 मामले किसी एक दिन में मृतकों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। संक्रमण के 3,765 मामलों का आंकड़ा भी एक दिन में सर्वाधिक है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 3,765 नए मामले सामने आए और 57 लोगों की मौत हो गई। बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटे में जान गंवाने वालों में सात वाराणसी, छह कानपुर, पांच गोरखपुर, जबकि बरेली और रायबरेली में चार-चार रोगियों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक प्रदेश में कोविड-19 से सर्वाधिक 193 मौत कानपुर में हुई हैं। इससे पहले, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि अब तक कुल 46,803 लोग पूरी तरह होकर अस्पतालों से घर जा चुके हैं। संक्रमण के उपचाराधीन मामलों की संख्या 32,649 है जबकि कोरोना संक्रमण की वजह से कुल 1,587 लोगों की जान गयी है। उन्होंने बताया कि पृथक वार्डों में 32,652 लोग हैं, जिनका विभिन्न चिकित्सालयों एवं मेडिकल कालेजों में उपचार किया जा रहा है। पृथकवास केन्द्रों पर 2,938 लोग हैं, जिनके नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि उपचाराधीन मामलों में से 7,198 लोग घर में पृथक-वास में हैं जबकि 1,112 लोग निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब से गृह पृथक-वास की व्यवस्था शुरू की गयी है, तब से बहुत से लक्षणमुक्त रोगी इसका लाभ उठा रहे हैं। प्रसाद ने बताया कि जो समय से संक्रमण की जांच करा लेते हैं और समय से अपनी चिकित्सा शुरू करा लेते हैं, उन्हें इस संक्रमण से कोई परेशानी नहीं देखी जा रही है लेकिन जो बीमारी छिपाते हैं, लक्षण आने के बाद भी जांच नहीं कराते, जो बहुत विलंब से आते हैं, उनमें जटिलताएं उत्पन्न होती हैं और कभी-कभी किसी मरीज की मृत्यु भी हो जाती है। उन्होंने ठीक हो चुके लोगों से अनुरोध किया कि वे अन्य लोगों को इस बीमारी के बारे में समझायें। प्रसाद ने बताया कि बुधवार को प्रदेश में 88,967 नमूने जांचे गए, जिनमें से 51,484 एंटीजन टेस्ट थे। अब तक 22,09,810 नमूनों की जांच की जा चुकी है। जांच शुरू होने से 24 जून तक चार महीने में छह लाख नमूनों की जांच हुई थी। 24 जून से 30 जुलाई के बीच लगभग पांच सप्ताह में 16 लाख नमूनों की जांच हुई है। जांच को निरंतर विस्तारित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूल टेस्टिंग के माध्यम से बुधवार को पांच-पांच नमूनों के 2,963 पूल लगाए गए, जिनमें से 661 लोग संक्रमित पाए गए, जबकि दस-दस नमूनों के 196 पूल लगाए गए, जिनमें से 27 लोग संक्रमित मिले। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सर्विलांस का कार्य निरंतर चल रहा है। कुल 39,578 क्षेत्रों में यह कार्य किया गया और 1,44,87,398 घरों का सर्विलांस हुआ। आरोग्य सेतु ऐप के माध्यम से जिन लोगों को अलर्ट आए, ऐसे 5,19,783 लोगों को फोन कर सावधान किया जा चुका है। ऑल इंडिया बार परीक्षा स्थगित देश में कोविड-19 के मरीजों की बढ़ती संख्या और इस पर काबू पाने के लिये बार-बार हो रहे लॉकडाउन के मद्देनजर बार काउन्सिल ऑफ इंडिया ने 16 अगस्त को प्रस्तावित ऑल इंडिया बार परीक्षा (एआईबीई) स्थगित करने का निर्णय किया है। बार काउन्सिल ऑफ इंडिया की 29 जुलाई को हुयी बैठक में ऑल इंडिया बार परीक्षा के लिये आवेदन स्वीकार करने की तारीख 31 अगस्त तक बढ़ाने का भी प्रस्ताव पारित किया है। ऑल इंडिया बार परीक्षा उन वकीलों को जांचने के लिये राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाती है, जो वकालत करना चाहते हैं। यही नहीं, बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि राज्यों की बार काउन्सिल और उच्च न्यायालय बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों के साथ बार काउन्सिल ऑफ इंडिया की संयुक्त बैठक में कोविड-19 के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे जरूरतमंद वकीलों को तीन लाख रुपए का आसान ऋण और वित्तीय सहायता दिलाने के लिये उच्चतम न्यायालय में लंबित याचिका में वकीलों का प्रतिनिधित्व करने के लिये बार काउन्सिल ऑफ इंडिया को अधिकृत किया है। वकीलों के लिये वित्तीय सहायता के बारे में दायर याचिका पर शीर्ष अदालत ने 22 जुलाई को केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया था। ब्रिटेन में पृथकवास अवधि सात से बढ़ाकर 10 दिन ब्रिटेन में जो लोग कोविड-19 से संक्रमित हैं या जिनमें इसके कुछ लक्षण दिखायी देते हैं, उनके लिये पृथक-वास की अवधि एक सप्ताह से बढ़ाकर 10 दिन कर दी गई है। यह बात ब्रिटेन के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की ओर से बृहस्पतिवार को जारी अद्धतन दिशानिर्देश में कही गई है। अभी तक जिन लोगों में लगातार खांसी, तापमान में बढ़ोतरी, गंध या स्वाद नहीं आने जैसे लक्षण दिखायी देते थे उन्हें खुद ही सात दिन के लिए पृथक-वास में चले जाने के लिए कहा जाता था। इस अवधि को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लयूएचओ) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 10 दिन कर दिया गया है। इंग्लैंड, उत्तरी आयरलैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘लक्षण वाले व्यक्तियों में लक्षण दिखने शुरू होने से पहले और शुरूआती कुछ दिनों के दौरान कोविड-19 अधिक संक्रामक होता है। लक्षण वाले लोगों के लिये स्वयं ही पृथकवास में जाना और जांच कराना बहुत जरूरी है जिससे उनके सम्पर्क में आये लोगों का पता लगाने में मदद मिलेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसको लेकर साक्ष्य, हालांकि अभी भी सीमित हैं, लेकिन ये दिखाते हैं कि हल्के लक्षण वाले कोविड-19 मरीज जो अधिक बीमार नहीं हैं और ठीक हो रहे हैं, उनसे संक्रमण फैलने की गुंजाइश कम होती है, लेकिन बीमारी की शुरुआत के बाद सात और नौ दिनों के बीच संक्रमण फैलने की असल में संभावना होती है।’’ इंग्लैंड के सीएमओ प्रोफेसर क्रिस व्हिट्टी, उत्तरी आयरलैंड के सीएमओ डॉ. माइकल मैकब्राइड, स्कॉटलैंड के सीएमओ डॉ. ग्रेगोर स्मिथ और वेल्स के सीएमओ डा. फ्रैंक अथर्टन ने कहा कि उन्होंने सामान्य आबादी के लिए जोखिम को कम करने के वास्ते व्यक्तियों द्वारा स्वयं ही पृथकवास में जाने की समय-सीमा की समीक्षा की।-newsindialive.in