हरियाणा बोर्ड में शत-प्रतिशत रहा दसवीं का परीक्षा परिणाम

हरियाणा बोर्ड में शत-प्रतिशत रहा दसवीं का परीक्षा परिणाम
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--तीन लाख विद्यार्थी बिना परीक्षा दिए प्रमोट --परीक्षा देने वालों के लिए विकल्प खुलेभिवानी, 11 जून (हि. स.)। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा का परिणाम घोषित किया गया। पहली बार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कर परिणाम शत प्रतिशत रहा। बोर्ड चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह एवं सचिव राजीव प्रसाद ने शुक्रवार को दसवीं कक्षा का परिणाम घोषित किया। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा दसवीं कक्षा की परीक्षा 20 अप्रैल से ली जानी थी, लेकिन कोरोना के चलते ये परीक्षाएं 15 अप्रैल को रद्द कर दी गई थी। केंद्र की तर्ज पर हरियाणा बोर्ड ने भी विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया। बोर्ड चेयरमैन डाक्टर जगबीर सिंह बताया कि सैकेण्डरी परीक्षार्थियों का परिणाम विद्यालयों द्वारा भेजे गए आंतरिक मूल्यांकन अंक एवं प्रायोगिक परीक्षा के अंकों को आधार मानकर अंक अनुपातिक तौर पर लगाते हुए तथा कम्पार्टमैंट परीक्षार्थियों का परिणाम परीक्षार्थी द्वारा प्राप्त अन्य उत्तीर्ण विषयों के अंको का औसत निकालते हुए कम्पार्टमैंट के अंक मानकर घोषित किया गया है। दसवीं कक्षा में कुल तीन लाख 13 हजार 345 परीक्षार्थियों का परिणाम घोषित किया गया है, जिनमें एक लाख 72 हजार 59 छात्र तथा एक लाख 41 हजार 286 छात्राएं शामिल हैं। वहीं कंपार्टमेंट परीक्षा के 11 हजार 278 परीक्षार्थियों का परिणाम घोषित किया गया, जिनमें पांच हजार 884 छात्र एवं पांच हजार 394 छात्राएं शामिल हैं। परीक्षा में राजकीय विद्यालयों तथा प्राईवेट विद्यालयों की पास प्रतिशतता शत-प्रतिशत रही है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों व शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों की पास प्रतिशतता भी शत-प्रतिशत रही है। बोर्ड चेयरमैन व सचिव ने बताया कि पहली बार ऐसा हुआ है कि शिक्षा बोर्ड का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। उन्होंने बताया कि जिन परीक्षार्थियों द्वारा आंशिक अंक सुधार एवं अतिरिक्त विषय के लिए आवेदन किया गया था, उसी आवेदन के आधार पर बिना शुल्क के बोर्ड की आगामी परीक्षा में प्रविष्ठ होने की अनुमति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कोरोना महामारी के कारण परीक्षा के लिए स्थिति अनुकूल नहीं है, लेकिन फिर भी यदि कोई छात्र परिणाम से संतुष्ट नहीं है और परीक्षा देना चाहता है, तो परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद भविष्य में ऐसे छात्रों के लिए परीक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं। हिन्दुस्थान समाचार/इंद्रवेश/संजीव