मप्र में सरकारी दफ्तर और मंत्रियों के बंगले सौर ऊर्जा से रौशन होंगे

 मप्र में सरकारी दफ्तर और मंत्रियों के बंगले सौर ऊर्जा से रौशन होंगे
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भोपाल, 4 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में ऊर्जा के वैकल्पिक स्त्रोतों पर सरकार जोर दे रही है, आने वाले दिनों में सरकारी दफ्तरों की इमारतों से लेकर मंत्रियों के आवास तक सौर ऊर्जा से रौशन होंगे। राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि, वैकल्पिक बिजली की व्यवस्था को लेकर ऊर्जा विभाग और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के मंत्रियों और प्रमुख सचिव ऊर्जा विभाग के साथ एक समिति बनाई है, जिसमें बिजली उत्पादन के साथ सौर ऊर्जा और दूसरे ऊर्जा के स्त्रोतों को लागू करने पर कार्य करेंगे। उन्होंने आगे बताया कि, मुख्यमंत्री ने यह भी निर्णय लिया है कि शासकीय दफ्तरों में बहुतायत तौर पर सौर ऊर्जा के प्रावधानों को स्थापित किया जाएगा। उसके साथ ही शासकीय निवास है, जिनमें सौर ऊर्जा के स्त्रोत नहीं है, वहां पर भी किया जाएगा। सरकारी बंगलों, मंत्रियों के बंगलों पर सौर ऊर्जा के प्रावधानों को स्थापित करने को निर्देश दिया है। साथ ही राज्य में 1250 मेगावाट के सोलर प्लांट की स्थापना की मंजूरी दी गई है। बताया गया है कि, बैठक में 572 करोड़ 76 लाख रुपए की तीन सिंचाई परियोजनाओं की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें सोनपुर मध्यम सिंचाई परियोजना सिंचाई क्षमता सात हजार हेक्टेयर क्षेत्र के लिये लागत राशि 181 करोड़ 80 लाख रुपए, भाम (राजगढ़) मध्यम सिंचाई परियोजना सिंचाई क्षमता 7,900 हेक्टर रबी के लिये लागत राशि 301 करोड़ 41 लाख रुपए और सूरजपुरा मध्यम सिंचाई परियोजना लागत राशि 89 करोड़ 55 लाख रुपए वार्षिक सिंचाई क्षमता 4205 हेक्टेयर की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद ने ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर की 108 फुट ऊंची बहु धातु प्रतिमा और पेडेस्टल कार्य के लिये 148 करोड़ 43 लाख दो हजार रुपए की स्वीकृति दी। --आईएएनएस एसएनपी/एएनएम

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