ऑक्सीजन के औद्योगिक उपयोग पर छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र को लिखा पत्र

ऑक्सीजन के औद्योगिक उपयोग पर छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र को लिखा पत्र
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- ऑक्सीजन की कमी के कारण राज्य की सभी स्टील निर्माता इकाईयां बंद, लाखों मजदूर बेरोजगार रायपुर, 17 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को केन्द्रीय मंत्री गोयल को पत्र लिखकर स्टील उद्योगों को छत्तीसगढ़ में उत्पादित आक्सीजन की 20 प्रतिशत मात्रा के उपयोग की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कल 16 मई को दूरभाष पर हुई चर्चा और इसके पहले भी स्टील उद्योगों को 20 फीसदी आक्सीजन के उपयोग की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया था।प्रधानमंत्री ने इस पर विचार का आश्वासन दिया था। इसके बाद बघेल से फोन पर हुई चर्चा में केन्द्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर भेजने को कहा था। मुख्यमंत्री बघेल ने केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भेेजे पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य की विभिन्न इकाईयों की कुल दैनिक ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता 462 मीट्रिक टन है। सामान्य परिस्तिथियों में राज्य की स्टील निर्माता कम्पनियों को ऑक्सीजन निर्माताओं द्वारा ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है। कोरोना महामारी के कारण केंद्र सरकार ने देश में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्पादित ऑक्सीजन के औद्योगिक उपयोग पर रोक लगा दी थी। पत्र में लिखा गया है कि 15 मई को राज्य में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए 114.93 मीट्रिक टन तथा अन्य राज्यों को 175.27 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गयी। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया है कि कोरोना महामारी की स्थिति में निरन्तर सुधार हो रहा है। ऑक्सीजन उत्पादक इकाईयों को ऑक्सीजन की मांग के अभाव में क्षति हो रही है तथा ऑक्सीजन की कमी के कारण राज्य की सभी स्टील निर्माता इकाईयां बंद पड़ी है, जिसके कारण लाखों मजदूर बेरोजगार हो गये है। पत्र में इन परिस्थितियों को देखते हुए राज्य की स्टील निर्माता इकाईयों को राज्य में उत्पादित 20 प्रतिशत मात्रा (92 मीट्रिक टन) के उपयोग की अनुमति दिए जाने की मांग की गई है। उन्होंने यह भी कहा है कि भविष्य में किसी भी समय अतिरिक्त मेडिकल ऑक्सीजन की मांग होने पर स्टील निर्माता इकाईयों को ऑक्सीजन की आपूर्ति रोकी जा सकती है। हिन्दुस्थान समाचार/गेवेन्द्र/सुनीत