नोएडा के बाद गोरखपुर सबसे पसंदीदा औद्योगिक गंतव्य
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नोएडा के बाद गोरखपुर सबसे पसंदीदा औद्योगिक गंतव्य

लखनऊ, 22 जुलाई (आईएएनएस)। गोरखपुर अब नोएडा के बाद उद्योगपतियोंके लिए उत्तर प्रदेश में सबसे पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। गोरखपुर, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का घर है, उन्होंने देश के 259 छोटे और बड़े उद्योगपतियों को जिले में अपने कारखाने स्थापित करने के लिए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीआईडीए) से भूमि दी है। सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, गोरखपुर में पिछले चार वर्षों में उद्योगपतियों द्वारा किया गया कुल निवेश 1,000 करोड़ रुपये है, जबकि वर्ष के अंत तक शहर में उद्यमियों द्वारा अतिरिक्त 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की संभावना है। निवेशकों में प्रमुख हैं आदित्य बिड़ला समूह और कोका-कोला कंपनी जिन्होंने अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए जमीन के लिए जीआईडीए से संपर्क किया है। उद्योगपतियों को अपने कारखाने स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने के अलावा, जीआईडीए के अधिकारी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए गोरखपुर में एक प्लास्टिक और एक कपड़ा पार्क के साथ-साथ एक फ्लैट फैक्ट्री स्थापित करने जैसी कई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई टेक्सटाइल पार्क परियोजना सहित 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं शहर के औद्योगिक विकास में उत्प्रेरक का काम कर रही हैं। गोरखपुर में पर्यटन स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए तारामंडल क्षेत्र का विकास किया जा रहा है और रामगढ़ ताल को भी एक नया रूप दिया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि गोरखपुर में शुरू की गई विकास योजनाओं से पूर्वांचल के करीब डेढ़ दर्जन जिले सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। गोरखपुर में खाद्य प्रोसेसिंग इकाइयों सहित विभिन्न प्रकार के उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। पिछले चार वर्षों में, गैलेंट इस्पात लिमिटेड, शुद्ध प्लस हाइजीन, क्रेजी बेकरी उद्योग, अंकुर उद्योग लिमिटेड, स्पाइस लैमिनेट्स प्राइवेट लिमिटेड, आदित्य मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडिया ग्लाइकोल प्राइवेट लिमिटेड, आरके ऑक्सीजन प्राइवेट लिमिटेड और समस्त एफआईडीएस नामक उद्योगों ने स्थापित किया है। उनके कारखाने और उत्पादन भी शुरू कर दिया है। वहीं बहुराष्ट्रीय कंपनी कोका-कोला ने गोरखपुर में बॉटलिंग प्लांट लगाने के लिए जीआईडीए से 32 एकड़ जमीन मांगी है। इसके अलावा करीब 7,000 करोड़ रुपये की लागत से बनी खाद फैक्ट्री भी जल्द ही रोजाना 3,850 मीट्रिक टन खाद का उत्पादन शुरू करेगी। जीआईडीए के अधिकारियों के मुताबिक इससे गोरखपुर में निवेश और बढ़ेगा। अधिकारियों को लगता है कि बेहतर रेल और सड़क नेटवर्क के साथ-साथ कारखाने स्थापित करने के लिए अन्य सुविधाएं उद्योगपतियों को अपनी फर्म स्थापित करने के लिए आकर्षित कर रही हैं। --आईएएनएस एचके/एएनएम

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