पाकिस्तानी अखबारों सेः सिंध रेल हादसे की खबरें सुर्खियों में छाईं

पाकिस्तानी अखबारों सेः सिंध रेल हादसे की खबरें सुर्खियों में छाईं
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- फिल्म अदाकार दिलीप कुमार की सेहत और मरने की अफवाहों की खबर को दिया महत्व - भारत-पाकिस्तान के बीच बासमती चावल की जंग यूरोप तक पहुंचने की खबर भी दी नई दिल्ली, 08 जून (हि.स.)। पाकिस्तान से मंगलवार को प्रकाशित अधिकांश समाचारपत्रों ने सिंध प्रांत के डहरकी में दो ट्रेनों की भिड़ंत से होने वाले हादसे से सम्बंधित खबरें प्रकाशित की हैं। अखबारों ने लिखा है कि इस ट्रेन दुर्घटना में 55 लोग मारे गए हैं और लगभग 110 लोग जख्मी हुए हैं। इस हादसे पर संसद में जोरदार हंगामा होने की भी खबरें अखबारों ने दी हैं। सत्तापक्ष और विपक्ष के जरिए ट्रेन हादसे पर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जाने की भी खबरें अखबारों ने दी हैं। प्रधानमंत्री इमरान खान ने रेल हादसे की जांच कराने के निर्देश दिए जाने और मरने वालों को 15-15 रुपये का मुआवजा दिए जाने की भी खबरें अखबारों ने दी हैं। अखबारों ने यह भी बताया है कि जिस रेलवे ट्रैक पर यह हादसा हुआ है, वह अंग्रेजों के जमाने का 162 साल पुराना रेल ट्रैक है। अखबारों ने यह भी लिखा है कि इस रेल ट्रैक पर कई जगह खराबी होने की खबरें विभाग की तरफ से मंत्रालय के अधिकारियों को पहले ही दी जा चुकी थीं। फिर भी इसकी मरम्मत के लिए कोई दिशानिर्देश मंत्रालय की तरफ से जारी नहीं किया गया था। अखबारों ने बजट से पूर्व आईएमएफ के साथ सरकार की बातचीत में कोई फैसला नहीं लिए जाने से सम्बंधित खबरें भी दी हैं। आईएमएफ सरकार से 300 अरब डॉलर की वसूली के लिए दबाव बना रहा है। आईएमएफ का कहना है कि सरकार पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर और बिजली की दरों में वृद्धि करके 300 अरब डॉलर की अतिरिक्त व्यवस्था कर सकती है। अखबारों का कहना है कि ऐसा लगता है कि सरकार अभी आईएमएफ के इस सुझाव पर राजी नहीं है लेकिन बाद में राजी हो जाएगी। अखबारों ने इमरान खान के जरिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से टेलीफोन पर बात किए जाने से सम्बंधित खबरें दी हैं। अखबारों ने बताया है कि इमरान खान ने ब्रिटेन से पाकिस्तानियों की ब्रिटेन आने पर लगाई गई यात्रा सम्बंधी पाबंदियों को समाप्त करने की मांग की है। अखबारों ने यह भी बताया है कि इमरान खान जल्द ब्रिटेन का दौरा भी करेंगे। अखबारों ने फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार की सेहत सही होने और उनके इंतेकाल की झूठी खबरें सोशल मीडिया में फैलाए जाने की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने लिखा है कि फिलहाल दिलीप कुमार की सेहत ठीक है और वह जल्द अस्पताल से छुट्टी लेकर अपने घर चले जाएंगे। अखबारों ने दक्षिण अफ्रीका में सक्रिय बोको हराम संगठन के सरगना के जरिए आत्महत्या किए जाने की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने लिखा है कि बोको हराम के सरगना अबूबकर ने आत्महत्या कर ली है जिसका दावा आईएसआईएस नामक संगठन ने किया है। यह सभी खबरें रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा औसाफ, रोजनामा पाकिस्तान, रोजनामा खबरें और रोज़नामा जंग ने अपने पहले पन्ने पर प्रकाशित की हैं। रोजनामा खबरें ने जम्मू-कश्मीर में अर्धसैनिक बलों की 200 से अधिक अतिरिक्त कंपनियों को वहां पर तैनात किए जाने की खबरें दी हैं। अखबार ने कश्मीरी नेता मौलवी बशीर अब्दुल मुगनी बट का बयान छपा है जिसमें उन्होंने दावा किया है कि घाटी में अर्धसैनिक बलों की बढ़ रही नकलो-हरकत से यह साबित होता है कि यहां पर कुछ बुरा होने वाला है। अखबार ने पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का भी एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी इमरान खान की अमन पेशकश का जवाब दें। महबूबा मुफ्ती ने यह भी आरोप लगाया है कि पूरे जम्मू-कश्मीर को सेना और अर्धसैनिक बलों ने खुली जेल में तब्दील कर दिया है। कश्मीरियों को कहीं आने जाने की भी इजाजत नहीं है। रोजनामा नवाएयवक्त ने पाकिस्तान सरकार के विदेश मंत्रालय के जरिए जारी किए गए एक बयान को छापा है जिसमें कहा गया है कि भारत जम्मू-कश्मीर में मौजूदा आबादी के प्रतिनिधित्व को बदलने की कोशिश कर रहा है। अखबार ने लिखा है कि विदेश मंत्रालय ने इस बात पर भी चिंता जाहिर की है कि भारत जम्मू-कश्मीर के टुकड़े करके वहां पर पहले से मौजूद आबादी को प्रभावित करने की कोशिश में जुटा हुआ है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत की इस कोशिश का हम विरोध करते हैं। मंत्रालय का कहना है कि भारत संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्ताव के अनुसार जम्मू-कश्मीर में किसी भी तरह का कोई भी तब्दीली नहीं कर सकता है। मंत्रालय का कहना है कि भारत सरकार को संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्ताव के अनुसार अमल करना चाहिए और जम्मू कश्मीर की यथास्थिति बनाकर रखनी चाहिए। रोजनामा जंग ने भारत-पाकिस्तान के बीच अब बासमती चावल की जंग यूरोप तक पहुंचने की खबर दी है। अखबार ने लिखा है कि भारत ने विशेष ट्रेडमार्क के लिए यूरोपियन कमीशन में आवेदन किया है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद यूरोपीय यूनियन में भारत को बासमती की चावल की सप्लाई की अनुमति मिल जाएगी। अखबार का कहना है कि इसकी वजह से पाकिस्तान को बड़ा धक्का लगने वाला है। अलबरकत राइस मिल्स के मालिक गुलाम मुर्तजा का इस सम्बंध में कहना है कि अगर ऐसा हो जाता है तो हम पर एटम बम गिरने जैसा मामला होगा। अखबार ने लिखा है कि भारत की तरफ से यूरोपियन कमीशन से पीजीआई हासिल करने का पाकिस्तान विरोध कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ के जरिए जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार भारत दुनिया भर में सबसे ज्यादा चावल बेचने वाला देश है। भारत को चावल से वार्षिक 6.8 अरब डालर की कमाई होती है। जबकि पाकिस्तान का चावल बेचने के मामले में दुनिया में चौथा नंबर है और इसकी चावल से वार्षिक आमदनी 2.2 अरब डालर है। हिन्दुस्थान समाचार/एम ओवैस/मोहम्मद शहजाद