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पाकिस्तानी अखबारों सेः इमरान खान ने बढ़ती महंगाई का ठीकरा पूर्ववर्ती सरकारों पर फोड़ा

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नई दिल्ली, 27 फरवरी (हि.स.)। पाकिस्तान से शनिवार को प्रकाशित अधिकांश समाचारपत्रों ने पाकिस्तान में पिछले हफ्ते बेतहाशा बढ़ी महंगाई से सम्बंधित खबरें प्रकाशित की हैं। अखबारों ने लिखा है कि पाकिस्तान की सांख्यिकी विभाग के जरिए जारी की गई साप्ताहिक रिपोर्ट में खाने पीने की 25 वस्तुओं के दामों में बेतहाशा वृद्धि होने की बात की गई है। अखबारों का कहना है कि इस सम्बंध में प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक सभा को संबोधित करते हुए पाकिस्तान में बढ़ रही महंगाई का जिम्मेदार पूर्व की सरकारों को ठहराया है। इमरान खान का कहना है कि पाकिस्तान में राज करने वाले आसिफ जरदारी और नवाज शरीफ की सरकारों ने जो फैसले लिये हैं, उसका खामियाजा आज पाकिस्तान की अवाम को भुगतना पड़ रहा है। अखबारों ने पाकिस्तान और कतर के जरिए एलएनजी गैस सप्लाई करने से सम्बंधित समझौते की खबरें भी प्रकाशित की हैं। इस समझौते में पिछले समझौते से 31 फीसद सस्ती गैस कतर पाकिस्तान को उपलब्ध कराएगा। सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि इस समझौते से पाकिस्तान को काफी फायदा हुआ है और आने वाले दिनों में गैस की कीमतों में कमी होने की सम्भावना है। अखबारों ने नए अमेरिकी प्रशासन के जरिए सऊदी अरब के पत्रकार जमाल खाशोगी की हत्या किए जाने की रिपोर्ट जारी किए जाने से सम्बंधित खबरें भी काफी अहमियत से छापी हैं। अखबारों ने लिखा है कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रिपोर्ट जारी करने से पहले सऊदी अरब के किंग शाह सलमान से फोन पर बात की थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक 76 सऊदी नागरिकों पर अमेरिका आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। खाशोगी कत्ल केस में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस शाह मोहम्मद बिन सलमान का नाम लिया जा रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का भी एक बयान अखबारों में काफी अहमियत से छापा है। उन्होंने अपने बयान में खुलासा किया है कि भारत पाकिस्तान के बीच एलओसी पर सीजफायर का समझौता होने से पाकिस्तान की कश्मीर नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कश्मीर को लेकर पाकिस्तान अपनी पुरानी पॉलिसी पर कायम है। यह सभी खबरें रोजनामा औसाफ, रोजनामा जिन्नाह, रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा खबरें, रोजनामा पाकिस्तान और रोजनामा जंग ने अपने पहले पृष्ठ पर प्रकाशित की हैं। रोजनामा नवाएवक्त ने हुर्रियत कान्फ्रेंस नेताओं के जरिए भारत-पाकिस्तान के बीच एलओसी पर सीजफायर किए जाने के फैसले का स्वागत करने की खबर दी है। अखबार का कहना है कि भारतीय जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हुर्रियत कॉन्फ्रेंस नेताओं का कहना है कि दोनों देशों के बीच होने वाले इस समझौते से सीमा के दोनों तरफ गांव में रहने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। एलओसी पर स्थित गांव में दोनों देशों की सेनाओं के जरिए की जाने वाली फायरिंग की वजह से वहां पर रह रहे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अखबार ने एक और खबर काफी प्रमुखता से प्रकाशित की है। इस खबर में बताया गया है कि अमेरिकी प्रशासन ने भारत-पाक के जरिए एलओसी पर सीजफायर का जो समझौता किया गया है, उसकी सराहना की गई है। अखबार का कहना है कि अमेरिकी प्रशासन ने इस फैसले को सही कदम बताते हुए भारत पाकिस्तान से आपस में बातचीत करके कश्मीर समस्या का समाधान करने का आह्वान भी किया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि कश्मीर समस्या का समाधान दोनों देश बातचीत करके कर सकते हैं और अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका इसमें मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। रोजनामा खबरें में श्रीलंका से आई एक खबर को काफी अहमियत से छापा है। खबर में बताया गया है कि श्रीलंका सरकार ने कोविड-19 महामारी से मरने वाले मुसलमानों की डेड बॉडी को जलाने के बजाय अब उन्हें दफन करने से सम्बंधित एक आदेश पारित किया है। अखबार का कहना है कि प्रधानमंत्री इमरान खान के श्रीलंका दौरे के बाद वहां की सरकार के जरिए यह नया आदेश जारी किया गया है। अखबार का कहना है कि अभी तक श्रीलंका में कोविड-19 महामारी से मरने वाले मुस्लिमों को जलाए जाने का प्रावधान था लेकिन इमरान खान के दौरे के बाद उन्हें दफन करने का नया आदेश जारी किया गया है। पाकिस्तान के धार्मिक संगठनों की तरफ से श्रीलंका सरकार से मुसलमानों को जलाए जाने का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया था। हिन्दुस्थान समाचार/एम ओवैस/मोहम्मद शहजाद