पाकिस्तानी अखबारों सेः भारत से कारोबार न करने के फैसले के बाद बढ़ा चीनी संकट

पाकिस्तानी अखबारों सेः भारत से कारोबार न करने के फैसले के बाद बढ़ा चीनी संकट
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- भारत को विदेशों से मिल रही मदद के साथ-साथ लगाए जा रहे हवाई प्रतिबंध भी खबरों में छाए - मरियम नवाज की सरकार को चेतावनी, भारत से दोस्ती के नाम पर कश्मीर का सौदा नहीं होने देंगे नई दिल्ली, 28 अप्रैल (हि.स.)। पाकिस्तान से बुधवार को प्रकाशित अधिकांश समाचारपत्रों ने चीनी माफिया के तौर पर सामने आए जहांगीर तरीन के समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री इमरान खान के जरिए मुलाकात किए जाने की खबरें प्रकाशित की हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि सभी के साथ इंसाफ किया जाएगा और जो भी चीनी स्कैंडल में शामिल है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। अखबारों का कहना है कि इस मामले में प्रधानमंत्री की तरफ से जहांगीर तरीन को बचाने के लिए जांच अधिकारी को बदलने की भी खबर दी है। अखबारों ने पाकिस्तान में बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए 8 से 16 मई के बीच सभी पार्कों, ऐतिहासिक इमारतों, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल को पूरी तरह बंद किए जाने की खबरें भी दी हैं। अखबारों का कहना है कि पाकिस्तान में होने वाली सभी परीक्षाओं को 15 जून तक रद्द किए जाने का भी फैसला लिया गया है। अखबारों ने आसिफ जरदारी के खिलाफ 1.3 अरब के भ्रष्टाचार के नए मामले सामने आने के बाद नैब अदालत में मामला दर्ज किए जाने की खबर दी है। अखबारों ने सुप्रीम कोर्ट के जरिए 53 एफआईए अधिकारियों की नियुक्ति को रद्द किए जाने का हुकूमत दिए जाने से सम्बंधित खबरें भी दी हैं। अखबारों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना करके इन नियुक्तियों को अंतिम रूप दिया गया था जिसे सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। अखबारों ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के लीडर शाहबाज शरीफ का एक बयान काफी अच्छी तरह प्रकाशित किया है। इस बयान में उन्होंने कहा है कि सरकार ने चीनी के लिए आवाम को लाइन में लगा दिया है। उनका कहना है कि सरकार चीनी लेने वालों की लाइन को खत्म करे और महंगाई को कंट्रोल करे ताकि पाकिस्तान की आवाम को थोड़ा बहुत राहत मिले। अखबारों ने भारत में बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए दुनियाभर के देशों की तरफ से दी जा रही मदद और कुछ देशों की तरफ से भारत पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों से सम्बंधित खबरें भी प्रकाशित की हैं। अखबारों का कहना है कि भारत में कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए दुनियाभर की सरकारों की तरफ से मदद पहुंचना शुरू हो गई है लेकिन ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और अन्य देशों की तरफ से हवाई प्रतिबंध भी लगाए जा रहे हैं। यह सभी खबरें रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा औसाफ, रोजनामा पाकिस्तान, रोजनामा खबरें और रोजनामा जंग ने अपने पहले पन्ने पर छापी है। रोजनामा खबरें ने सीएनएन के हवाले से खबर दी है जिसमें बताया गया है कि भारत में आधी आबादी कोरोना वायरस की चपेट में आ चुकी है। अखबार का कहना है कि भारत के मद्रास हाईकोर्ट ने कोरोना से होने वाली मौतों पर इलेक्शन कमीशन के अधिकारियों पर कत्ल का मुकदमा चलाने जैसी तल्ख टिप्पणी की खबर प्रकाशित की है। अखबार का कहना है कि लोग मोटरसाइकिल के ऊपर मरीजों को अस्पतालों में पहुंचा जा रहा हैं। एक गाड़ी में दर्जनों लाशें को रखकर श्मशान घाट ले जाया जा रहा है। अस्पतालों के मुर्दाखानों में जगह नहीं है। अखबार का कहना है कि भारत में रोज तीन हजार के करीब लोगों की मौत कोरोना वायरस से हो रही है। अखबार ने लिखा है कि सरकार ने हालत पर काबू पाने के लिए फौज को तलब कर लिया है। रोजनामा जंग ने पाकिस्तान में बढ रहे कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए मंत्रिमंडल के जरिए चीन और ईरान से ऑक्सीजन मंगाने की मंजूरी दिए जाने की खबर दी है। अखबार का कहना है कि पाकिस्तान में भी तेजी से पैर पसार रहे कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए सरकार काफी चिंतित है। सरकार की तरफ से ऑक्सीजन की कमी की संभावना को देखते हुए पहले से ही चीन और ईरान से ऑक्सीजन मंगाने की मंजूरी मंत्रिमंडल ने दे दी है। अखबार का कहना है कि जल्द ही इस सिलसिले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। अखबार का कहना है कि पाकिस्तान में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी तरह की तैयारियां पहले से ही की जा रही हैं। रोजनामा नवाएवक्त ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज की लीडर मरियम नवाज का एक बयान खासी अहमियत से प्रकाशित किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि कश्मीर पर साजिश नहीं होने देंगे। उनका कहना है कि भारत से बातचीत का मतलब यह नहीं कि आप कश्मीर का सौदा करके आ जाएं। दोस्ती के लिए क्या लिया जा रहा है, आवाम के सामने आना चाहिए। अखबार का कहना है कि मरियम नवाज ने कहा है कि पाक अधिकृत कश्मीर में चुनावी मुहिम वो खुद चलाएंगी। उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर में किसी भी तरह की कोई साजिश हो रही है तो उसे हम बिल्कुल भी नहीं होने देंगे। रोजनामा पाकिस्तान ने यह खबर छापी है कि जापान ने पाकिस्तान को 367 मिलियन डॉलर के कर्ज की अदायगी को फिलहाल टाल दिया है। अखबार का कहना है कि यह कर्ज अब जनवरी 2022 से अगले 4 साल में अदा किया जाएगा। इस पर दोनों देशों की तरफ से हस्ताक्षर भी हो गए हैं। अखबार का कहना है कि जापान ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए पाकिस्तान को मदद की भी पेशकश की है। जापान ने पाकिस्तान को यह कर्ज जी-20 डेट सर्विस सस्पेंशन योजना के तहत दिया था। अखबार का कहना है कि इस कर्ज की अदायगी की तारीख बढ़ने के बाद सरकार ने काफी राहत की सांस ली है। हिन्दुस्थान समाचार/एम ओवैस/मोहम्मद शहजाद