करनाल सचिवालय पहुंच धरने पर बैठे किसान

 करनाल सचिवालय पहुंच धरने पर बैठे किसान
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करनाल, 7 सितम्बर (आईएएनएस)। करनाल के मिनी सचिवालय पहुंचने के बाद किसानों ने मंगलवार को यहां जिला प्रशासन भवन के सामने धरना पर बैठ गये। सचिवालय के रास्ते में, कुछ प्रदर्शनकारियों ने उनके रास्ते में बाधा डालने वाले एक बैरिकेड को भी हटा दिया। सचिवालय की ओर किसानों के मार्च के कारण करनाल में भारी ट्रैफिक जाम देखा गया, जो मंगलवार दोपहर को जिला अधिकारियों के साथ उनकी बैठक समाप्त होने के बाद शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों को पहले पुलिस ने नमस्ते चौक (चौराहे) पर रोका। थोड़ी देर चर्चा के बाद ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने दिया। ट्रैक्टर पर सवार सैकड़ों-हजारों आंदोलनकारी, लाठियां लेकर, करनाल के मिनी सचिवालय की ओर बढ़ने की सूचना मिली है। राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने दावा किया कि उन्हें और भारतीय किसान संघ के नेता राकेश टिकैत को पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि जिस तरह से चीजें सामने आ रही हैं उससे वह खुश नहीं हैं क्योंकि वह चाहते हैं कि पूरी मण्डली और मार्च शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाए। उन्होंने मीडिया से कहा, हम गिरफ्तार होने के लिए तैयार हैं लेकिन हम इस विषय पर कोई राजनीति नहीं चाहते हैं। किसान महापंचायत के 11 सदस्यीय किसान प्रतिनिधिमंडल ने आज सुबह लघु सचिवालय में करनाल उपायुक्त को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में किसानों ने 28 अगस्त को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने का आदेश देने वाले आईएएस अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई। बैठक के बाद योगेंद्र यादव ने मीडिया से कहा था, डीसी और एसपी के साथ हमारी बातचीत तीन दौर में हुई थी। इसमें 15 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। हमने केवल 28 अगस्त को लाठीचार्ज का आदेश देने वाले आईएएस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। हमने कोई मुआवजा नहीं मांगा। हालांकि, अधिकारी इसके लिए भी राजी नहीं हुए। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, किसान विरोध नेता राकेश टिकैत, करनाल स्थित भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता गुरनाम सिंह चादुनी, बीकेयू अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल, बीकेयू (सिद्धूपुर) के प्रदेश अध्यक्ष सदस्य जगजीत सिंह दल्लेवाल, अजय राणा, डॉ दर्शन पाल समेत कई अन्य किसान नेता शामिल हैं। --आईएएनएस एचके/एएनएम

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