केएमपी एक्सप्रेस-वे पर किसानों ने किया लंच, यात्रियों को हुई परेशानी

 केएमपी एक्सप्रेस-वे पर किसानों ने किया लंच, यात्रियों को हुई परेशानी
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नई दिल्ली, 27 सितम्बर (आईएएनएस)। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बुलाए गए भारत बंद के आह्वान के मद्देनजर सोमवार को तीन विवादित कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के एक समूह को वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बीच में दोपहर का भोजन (लंच) करते देखा गया। इसे कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे (हरियाणा) के नाम से भी जाना जाता है। प्रदर्शनकारियों ने यहां आकर राजमार्ग को जाम कर दिया और उनमें से ज्यादातर लाठी और भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के झंडे लिए हुए थे। केएमपी हाईवे और दिल्ली-करनाल हाईवे दोनों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही। दोनों तरफ के यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे रास्ते से जाना पड़ा। इससे कई माल ढोने वाले वाहन सुबह से ही फंसे हुए हैं और सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। एक ट्रक चालक धीरज यादव, जो सड़क के खुलने का इंतजार कर रहे हैं, उसने कहा, मैं दिल्ली से पानीपत जा रहा था। मैं इस पर निर्णय नहीं कर सकता कि वे (किसान) क्या कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह महसूस करना चाहिए कि सड़क अवरुद्ध होने के कारण लोग प्रभावित हो रहे हैं। कई मोटर चालकों ने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने की भी कोशिश की कि उन्हें जाने दिया जाए, क्योंकि उन्हें कुछ जरूरी काम है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने हाथों में लाठी लेकर मोटर चालकों को घेर लिया और उन्हें वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया। रास्ते में फंसे रमेश कुमार ने कहा, हम आज श्राद्ध में शामिल होने के लिए पानीपत जा रहे थे, लेकिन हम यहां सुबह 8 बजे से फंसे हुए हैं। मैंने उनसे हमें जाने देने का बहुत अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। यहां पर सुबह 11 बजे तक 100 से ज्यादा किसान नहीं थे, हालांकि दोपहर होते-होते किसानों की संख्या बढ़ गई। प्रदर्शन में आसपास के गांवों के स्थानीय लोग भी शामिल हुए। पिछले साल केंद्र द्वारा बनाए गए तीन विवादास्पद कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों के किसान पिछले साल नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की तीन सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और इन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। --आईएएनएस एकेके/आरजेएस

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