मनी लॉन्ड्रिंग केस: पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे CM अशोक गहलोत के भाई, ED ने जारी किया दूसरा नोटिस
मनी लॉन्ड्रिंग केस: पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे CM अशोक गहलोत के भाई, ED ने जारी किया दूसरा नोटिस
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मनी लॉन्ड्रिंग केस: पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे CM अशोक गहलोत के भाई, ED ने जारी किया दूसरा नोटिस

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तबीयत खराब होने के चलते राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रेसन गहलोत बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के सामने नहीं पहुंचे. ऐसे में ED ने उनसे पूछताछ के लिए एक और नोटिस जारी किया है. अब अग्रसेन गहलोत को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए 4 अगस्त को बुलाया गया है. दरअसल अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत के घर पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में के चलते ED ने छापेमारी की थी. इस दौरान ED ने कई कागजात जब्त किए थे. ED उन्हीं कागजों को दिखाते हुए अग्रसेन गहलोत से पूछताछ करना चाहती है, इस बाबत उन्हें बुधवार को ED मुख्यालय में पेश होने के लिए समन किया गया था. हालांकि उनकी खराब तबीयत के चलते उनके बेटे ED मुख्यालय पहुंचे. उनके बेटों ने ED के वरिष्ठ अधिकारियों को अग्रसेन गहलोत की तबीयत खराब होने की जानकारी दी. प्रवर्तन निदेशालय ने अशोक गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन गहलोत को मनी लांड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए समन किया था. यह मामला फर्टिलाइजर निर्यात में कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने 22 जुलाई को PMLA के तहत दर्ज मामले में अग्रसेन गहलोत के जोधपुर और कुछ अन्य जगहों पर स्थित घरों की तलाशी ली थी. क्या है मनी लॉन्ड्रिंग का पूरा मामला? 2007-09 के कस्टम डिपार्टमेंट केस में एजेंसी द्वारा ECIR (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) दर्ज करने के बाद ये छापेमारी की गई है. ECIR पुलिस की FIR की तरह ही होती है. ये मामला सब्सिडी वाले फर्टिलाइजर म्यूरेट ऑफ पोटाश (MMOP) की खरीद और निर्यात से संबद्धित है और इस मामले में जांच को 2013 में पूरा किया गया था. अधिकारियों के मुताबिक ED ने कस्टम ड्यूटी की FIR और 13 जुलाई के आरोपपत्र को संज्ञान में लेते हुए मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया ताकि अग्रसेन गहलोत, उनकी कंपनी अनुपम कृषि और अन्य द्वारा कथित रूप से संचालित ‘तस्करी गिरोह’ की जांच की जा सके. ED का कहना है कि मामला धोखाधड़ी कर MOP के निर्यात से जुड़ा है. इसे मलेशिया और ताइवान के खरीदारों को इंडस्ट्रीयल केमिकल के नाम पर निर्यात किया गया था. मालूम हो कि देश में किसानों को MOP आसानी से उपलब्ध हो सके, इसलिए इसका निर्यात प्रतिबंधित है.-newsindialive.in