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भूकंप ने पूरे पूर्वोत्तर भारत को झकझोरा

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-प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री सोनोवाल से भूकंप को लेकर की टेलीफोनिक बात -कुछ-कुछ देर में सात झटकों से कांप उठे लोग, चारों ओर सुनाई दी चीख-पुकार गुवाहाटी, 28 अप्रैल (हि.स.)। भूकंप ने बुधवार की सुबह पूरे पूर्वोत्तर राज्य को झकझोर कर रख दिया। सुबह तकरीबन 07.51 बजे आए इस भूकंप के दौरान चारों ओर चीख-पुकार सुनी गई। भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि लोगों की आत्मा भी कांप उठी। बड़े भूकंप के बाद आफ्टर शॉक कुल सात झटकों ने लोगों को अंदर तक डरा दिया है। पहले भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 6.4 बताई गई है। भूकंप का मुख्य केंद्र असम के शोणितपुर जिला मुख्यालय तेजपुर बताया गया है। लेकिन पूरा असम और मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के साथ ही उत्तर बंगाल भी इस दौरान दहल उठा। लोग चीखते-चिल्लाते हुए अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर भागने लगे। एक तरफ कोरोना वायरस का कहर तो दूसरी तरफ भूकंप, लोग आखिर जाएं तो जाएं कहां? कुछ समय के लिए किंकर्तव्यविमूढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। लोग कई घंटों तक संयमित नहीं हो पा रहे थे। पहले झटके के समय लोग बिल्डिंगों से नीचे उतर कर आ रहे थे। अभी बिल्डिंगों से लोग उतर ही रहे थे कि भूकंप का दूसरा झटका भी लग गया। कुल सात भूकंप के झटके महसूस किये गये हैं। पहला भूकंप 7 बजकर 51 मिनट 25 सेकेंड पर 6.4 तीव्रता का, दूसरा भूकंप 08 बजकर 13 मिनट 21 सेकेंड पर 4 तीव्रता का, तीसरा भूकंप 08 बजकर 25 मिनट 40 सेकेंड पर 3.6 तीव्रता का, चौथा भूकंप 08 बजकर 34 मिनट 14 सेकेंड पर 3.1 तीव्रता का, पांचवां भूकंप 08 बजकर 44 मिनट 33 सेकेंड पर 3.6 तीव्रता का, छठा भूकंप 10 बजकर 05 मिनट 54 सेकेंड पर 3.2 तीव्रता का तथा सातवां भूकंप 10 बजकर 39 मिनट 12 सेकेंड पर 3.4 तीव्रता दर्ज हुआ है।चारों ओर कोलाहल जैसी स्थिति दिखाई दी। व्यापक पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर घर ढह गए। वहीं मकानों में दरारें व्यापक पैमाने पर देखी गई है। असम सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि इस भूकंप में व्यापक पैमाने पर बिल्डिंगों में दरार आने की सूचना प्राप्त हुई हैं। वहीं, इसकी वजह से अनेक लोगों के घायल होने की भी सूचना है। मेघालय की राजधानी शिलांग, मणिपुर की राजधानी इंफाल, नगालैंड की राजधानी कोहिमा तथा इसके एक अन्य शहर डीमापुर में भी व्यापक पैमाने पर नुकसान होने की सूचना प्राप्त हुई है। पूर्वोत्तर राज्य वैसे ही कोरोना वायरस की भारी चपेट में है। वहीं, इसके मिजोरम जैसे राज्य भीषण अग्निकांड को झेल रहे हैं। राज्य में चार दिनों से प्रायः 2671 स्थानों पर जंगलों में आग लगी हुए हैं। भारतीय वायुसेना, असम राइफल तथा आपदा प्रबंधन बल के जवान इस आग पर काबू पाने में जुटे हुए हैं। आग है कि बुझने का नाम नहीं ले रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूकंप के तुरंत बाद असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से अद्यतन स्थिति की जानकारी हासिल की। वहीं, मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने असम के जनता से संयम और धैर्य से काम लेने की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मिजोरम में लगी आग को लेकर मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा से बातचीत की है। उन्हें इस आग पर काबू पाने में भरपूर सहायता देने का आश्वासन दिया है। काफी मशक्कत के बाद भी आग पर अब तक काबू पाया नहीं जा सका है। पूर्वोत्तर में इन घटनाओं को लेकर लोगों के बीच काफी भय देखा जा रहा है। सोशल मीडिया में ऐसे-ऐसे पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं कि 1950 जैसे भूकंप फिर से यहां आने की संभावना बन रही है। सरकार को चाहिए कि इस प्रकार से लोगों में भय पैदा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें ताकि स्थितियां सामान्य हो सकें। हिंदुस्थान समाचार/ श्रीप्रकाश/ अरविंद/रामानुज