कोरोना संक्रमित शिशु को मां से अलग न करें : डॉ. सागरदीप

कोरोना संक्रमित शिशु को मां से अलग न करें : डॉ. सागरदीप
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आशुतोष पांडेय नई दिल्ली, 07 मई (हि.स.)। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में हर आयु वर्ग के लोग संक्रमित हो रहे हैं। इस लहर में बच्चे, बूढ़े, जवान सभी संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखना बहुत जरूरी है। हिंदू राव हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सागरदीप ने शुक्रवार को हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में कहा कि इस बार छोटे बच्चे कोरोना से अधिक संक्रमित हो रहे हैं। जबकि पिछली बार बच्चे कम संक्रमित हो रहे थे। इस लिए छोटे बच्चों के प्रति उनके माता-पिता को सावधान रहने की जरूरत है। बच्चों को न करें मां से अलग डॉक्टर सागरदीप ने कहा कि अगर कोई महिला कोरोना संक्रमित है और उसका छोटा बच्चा है जिसे वो दूध पिलाती है तो उस महिला को दूध पिलाना बंद नहीं करना चाहिए। क्योंकि छह महीने से कम उम्र के बच्चों को सारे पोषक तत्व मां के दूध से ही मिलता है। ऐसे में वो महिलाएं जिनके शिशु छोटे हैं उनको अपने बच्चों को दूध पिलाते रहना चाहिए। डॉक्टर सागरदीप ने कहा कि जब भी मां अपने शिशु को दूध पिलाए तो कोरोना गाइडलाइन का पालन करे जैसे मास्क लगाए बच्चे को मुंह के पास न ले जाए आदि। बच्चों को लूज मोशन है तो नजरअंदाज न करें डॉक्टर सागरदीप ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में देखा गया है कि बच्चे अधिक संक्रमित हो रहे हैं। शुरुआती लक्षण में देखा गया है कि बच्चों को लूज मोशन अधिक होता है साथ ही बुखार, सर्दी-जुकाम, सूखी खांसी, लूज मोशन, उल्टी आना, भूख न लगना, सही से खाना न खाना, थकान महसूस होना, शरीर पर रैशेज (चकत्ते) दिखें, सांस लेने में दिक्कत महसूस होना ये सभी कोरोना के सिमटम है। इनमें से कोई भी सिमटम होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कोरोना के सुपरस्प्रेडर हो सकते हैं बच्चें डॉक्टर सागरदीप ने कहा कि अगर समय रहते सावधान न रहा गया तो बच्चों के माध्यम से तेजी से फैल सकता है कोरोना। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चे परिवार में बड़े बुजुर्गों या परिवार के दूसरे सदस्यों के संपर्क में अधिक रहते हैं। ऐसे में अगर बच्चे कोरोना संक्रमित हैं तो परिवार के दूसरे सदस्यों को भी संक्रमित कर सकते हैं। इस लिए शुरुआती लक्षण दिखते ही बच्चों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराएं और अगर वो संक्रमित हैं तो परिवार के दूसरे सदस्यों से दूर रखें लेकिन अगर बच्चा छोटा है और मां का दूध पिता है तो मां से उसे अलग न करें। हिन्दुस्थान समाचार