मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के संयोजक रहे हैं धनखड़
मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के संयोजक रहे हैं धनखड़
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मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के संयोजक रहे हैं धनखड़

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- धनखड़ ने पार्टी के लिए छोड़ी थी कॉलेज लेक्चरर की नौकरी संजीव शर्मा चंडीगढ़, 19 जुलाई (हि.स.)। सुभाष बराला की जगह हरियाणा भाजपा के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री ओपी धनखड़ को संगठन की राजनीति का लंबा अनुभव रहा है। एक अगस्त 1961 को वर्तमान झज्जर जिला के गांव ढाकला में जन्मे धनखड़ की पहचान संघर्षशील नेता की रही है। धनखड़ सबसे पहले वर्ष 1978 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े और रोहतक स्थित महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के माध्यम से सक्रिय राजनीति में कदम रखा। धनखड़ ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भिवानी के कॉलेज में करीब 11 साल तक भूगोल के लेक्चरर के रूप में अपनी सेवाएं दींं। इसके बाद वह नौकरी छोड़कर पूरी तरह से भाजपा की राजनीति में उतर आए। इस बीच स्वदेशी जागरण मंच के साथ जुड़कर उन्होंने लंबे समय तक स्वदेवी वस्तुओं को अपनाने के लिए आंदोलन भी छेड़ा। भाजपा की राजनीति में धनखड़ पहले ऐसे नेता हैं जिन्होंने वर्ष 2011 से लेकर 2013 व 2013 से लेकर 2015 तक भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए पूरे देश में किसानों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। ओमप्रकाश धनखड़ साल 1996 में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और उन्हें राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी मिली। यह अटल-आडवाणी युग था। इसके बाद ओपी धनखड़ को हिमाचल प्रदेश का प्रदेश प्रभारी बनाया गया। पर्वतीय प्रदेश में भाजपा के कमल को खिलाने में धनखड़ ने अहम भूमिका अदा की। साल 2014 में रोहतक संसदीय क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ा लेकिन यहां पर हरियाणा के पूर्व सीएम बीएस हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा के सामने हार का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब अपने पहले कार्यकाल के दौरान गुजरात में अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की स्थापना की तो धनखड़ को इस प्रोजेक्ट का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया। धनखड़ ने देशभर में कार्यक्रमों का आयोजन करके सरदार पटेल की प्रतिमा के लिए लोहा एकत्र करने का अभियान चलाया। 2014 में ही बादली विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर ओपी धनखड़ हरियाणा विधानसभा पहुंचे और यहां कैबिनेट मंत्री के पद से नवाजे गए। साल 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में बादली सीट से ओम प्रकाश धनखड़ को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि भाजपा आलाकमान ने हरियाणा में एक बार फिर ओम प्रकाश धनखड़ पर ही अपना विश्वास जताया है। हरियाणा भाजपा अध्यक्षों का कार्यकाल डॉ. कमला वर्मा 1980-1983 सूरजभान 1984-1985 डॉ. मंगल सेन 1986-1990 राम बिलास शर्मा 1990-1993 रमेश जोशी 1994-1998 ओ.पी. ग्रोवर 1998-2000 रतनलाल कटारिया 2000-2003 गणेशी लाल 2003-2006 आत्म प्रकाश मनचंदा 2006-2009 कृष्णपाल गुज्जर 2009-2013 रामबिलास शर्मा 2013-2014 सुभाष बराला 2014-2020 हिन्दुस्थान समाचार-hindusthansamachar.in