दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा, लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर सरेंडर कराने में राजनीतिक नेतृत्व क्यों रहा विफल

दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा, लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर सरेंडर कराने में राजनीतिक नेतृत्व क्यों रहा विफल
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नई दिल्ली, 04 मई (हि.स.)। दिल्ली हाईकोर्ट ने राजनीतिक पार्टियों से सवाल किया कि उनका नेतृत्व जनता से ऑक्सीजन सिलेंडर सरेंडर करने की अपील करने में कहां फेल हो गया है। जस्टिस विपिन सांघी की अध्यक्षता वाली बेंच ने राजनीतिक दलों से कहा कि हमें बताएं कि किसी राजनीतिक पार्टी के नेता ने ऐसी कोई अपील की हो। दरअसल सुनवाई के दौरान कोर्ट की ओर से नियुक्त एमिकस क्यूरी राजशेखर राव ने कहा कि लोगों की चेतना को झकझोरना होगा कि वे तमाम जिंदगियों को बचाने के लिए जरूरी इन ऑक्सीजन सिलेंडरों को अपने पास जमा कर नहीं रख सकते हैं। राव ने कहा कि नेताओं की अपील की शायद ही रिपोर्टिंग होती है जो अप्रासंगिक होता है उसकी रिपोर्टिंग होती है। उन्होंने कहा कि मीडिया को भी जिम्मेदार होना होगा। जब कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी राजनीतिक दल के नेतृत्व ने लोगों से ऐसी अपील की है कि सिलेंडरों को अपने पास नहीं रखें। तब दिल्ली सरकार की ओर से वकील राहुल मेहरा ने कहा कि ये अपील की जाएगी। राव ने कहा कि एक अस्पताल ने मरीज को नौवें दिन तक डिस्चार्ज किया जब कोर्ट ने अस्पताल का डाटा मांगने का आदेश दिया। वकील रोहित रंजन ने एक न्यूज चैनल पर प्रसारित एक शो का जिक्र किया जिसमें कोर्ट की कार्यवाही को गलत तरीके से उद्धृत किया गया। तब कोर्ट ने कहा कि ये हम नहीं जानते हैं। मेहरा ने कहा कि एक पेज का हैंडआउट लोगों से अपील करने के लिए ठीक है। तब राव ने कहा कि इसमें बेहतर सूचना लिखी होनी चाहिए। ये सरकारी चैनल के जरिये होना चाहिए। ये वो समय है जब सरकारी चैनल का इस्तेमाल किया जा सकता है। केंद्र की ओर से एएसजी चेतन शर्मा ने कहा कि आईसीएमआर और एम्स के प्रोटोकॉल का अनुवाद किया जा सकता है। राहुल मेहरा ने कहा कि एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया के वीडियो वेबसाइट पर डाले जाने चाहिए। तब कोर्ट ने कहा कि हमें नहीं पता कि कितने लोग वेबसाइट पर जाएंगे। लेकिन वीडियो का स्रोत भरोसेमंद होना चाहिए। तब राव ने कहा कि यह वह परिस्थिति है जब सरकार लोगों के पास पहुंच सकती है। हिन्दुस्थान समाचार/ संजय