ctet---january-2021-result-declared
ctet---january-2021-result-declared
देश

सीटीईटी- जनवरी 2021 का परिणाम घोष‍ित

news

- पेपर-1 में 4 लाख 14 हजार 798 और पेपर-2 में 2 लाख 39 हजार 501 उम्मीदवार पास नई दिल्ली, 26 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी )-2021 का परिणाम घोषित कर दिया। सीटीईटी के पेपर-1 में 4 लाख 14 हजार 798 और पेपर-2 में 2 लाख 39 हजार 501 उम्मीदवार पास हुए हैं। सीबीएसई ने सीटीईटी के 14वें संस्करण की परीक्षा 31 जनवरी को आयोजित की गई थी। परीक्षा का परिणाम सीटीईटी की वेबसाइट www.ctet.nic.in और सीबीएसई की वेबसाइट www.cbse.nic.in पर उपलब्ध है। अभ्यर्थियों को सीबीएसई और सीटीईटी की वेबसाइट पर लॉगिन करके अपना परिणाम देखने की सलाह दी जाती है। सीटीईटी जनवरी 2021 परीक्षा का विवरण : पेपर-1 के लिए 16,11,423 अभ्यर्थी पंजीकृत थे जबकि 12,47,217 उपस्थित हुए। इनमें से 4 लाख 14 हजार 798 ने अर्हता प्राप्त कर ली है। पेपर-2 के लिए 14,47,551 पंजीकृत थे जबकि 11,04,454 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए थे। इनमें से 2 लाख 39 हजार 501 उम्मीदवार पास हुए हैं। अभ्यर्थियों के अंकपत्र डिजिलॉकर में उपलब्ध होंगे सीबीएसई ने शुक्रवार को बताया कि सीटीईटी परीक्षा जनवरी 2021 में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों के अंकपत्र डिजिलॉकर में उपलब्ध होंगे। अर्हता प्रमाणपत्र डिजिलॉकर में अपलोड किया जाएगा और अर्हता प्राप्त अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर उनका लॉगिन विवरण प्रदान किया जाएगा अंकपत्र और पात्रता प्रमाणपत्र डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होंगे और आईटी अधिनियम के अनुसार कानूनी रूप से मान्य होंगे। अंकपत्रों और पात्रता प्रमाणपत्रों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक एन्क्रिप्टेड क्यूआर कोड भी होगा। क्यूआर कोड को डिजिलॉकर मोबाइल ऐप का उपयोग करके स्कैन और सत्यापित किया जा सकता है। इस पहल के मुख्य लाभ: अंकपत्र और पात्रता प्रमाणपत्र डिजिटल संरूप में प्रदान किए जाने से परीक्षार्थियों में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। इलेक्ट्रॉनिक अंकपत्रों के उपयोग से भौतिक अंकपत्रों व पात्रता प्रमाणपत्रों का उपयोग कम होगा। इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता का इलेक्ट्रॉनिक रूप से मान्यकरण करना आसान होगा। कागज रहित कार्य के कारण विभागों और एजेंसियों के प्रशासनिक भार/लागत में कमी आएगी। यह अभ्यर्थियों के लिए भी सुविधाजनक होगा, क्योंकि उनके अंकपत्र अब कभी भी, कहीं भी और इलेक्ट्रॉनिक रूप से साझा किए जा सकेंगे। इससे जहां धन और मूल्यवान संसाधनों कागज, पेड़, पानी की बचत होगी वहीं सबसे महत्वपूर्ण रूप से बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। यह सीबीएसई की परीक्षा संबंधित गतिविधियों में अत्याधुनिक आईटी नवाचारों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता रही है। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील