नारद मामले में तृणमूल नेताओं की गिरफ्तारी को माकपा ने कहा कोरोना से ध्यान भटकाने की कोशिश

नारद मामले में तृणमूल नेताओं की गिरफ्तारी को माकपा ने कहा कोरोना से ध्यान भटकाने की कोशिश
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ओम प्रकाश कोलकाता, 17 मई (हि.स.)। नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में ममता कैबिनेट के दो मंत्रियों, एक विधायक और कोलकाता के पूर्व मेयर की गिरफ्तारी को लेकर माकपा ने भी अपनी राय जाहिर की है। पार्टी की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि आज जब पूरा देश कोरोना के भयंकर संकट से गुजर रहा है और व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं तब इससे ध्यान भटकाने के लिए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जैसी भाजपा है वैसी ही तृणमूल है। दोनों को लोगों की जान की कोई फिक्र नहीं है। लॉकडाउन और लगातार बढ़ते संक्रमण के बावजूद सत्तारूढ़ पार्टी के अनगिनत कार्यकर्ता सीबीआई दफ्तर के बाहर एकत्रित हो गए और राज्य भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह संविधान को मुंह चिढ़ाने जैसा है। भाजपा और ममता बनर्जी के खिलाफ लोगों को एकजुट आंदोलन जारी रखना होगा। उल्लेखनीय है कि सोमवार सुबह सीबीआई की टीम ने राज्य के परिवहन मंत्री फिरहाद हकीम, पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा व पूर्व मेयर शोभन चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया । इसके खिलाफ मुख्यमंत्री निजाम पैलेस स्थित जांच एजेंसी के दफ्तर जा पहुंची थीं और छह घंटो तक धरने पर बैठी रहीं। तृणमूल का आरोप है कि इसी नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में शुभेंदु अधिकारी और मुकुल रॉय भी फंसे हुए हैं लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए नहीं की जा रही है क्योंकि दोनों भाजपा से जुड़े हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने भी कहा है कि किसी को गिरफ्तार करना और किसी को छोड़ देने की नीति स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार