मप्र में कांग्रेस को एक और झटका, मांधाता विधायक ने भी दिया इस्तीफा
मप्र में कांग्रेस को एक और झटका, मांधाता विधायक ने भी दिया इस्तीफा
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मप्र में कांग्रेस को एक और झटका, मांधाता विधायक ने भी दिया इस्तीफा

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भोपाल, 23 जुलाई (हि.स.)। मध्यप्रदेश में विधानसभा की 26 रिक्त सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए राज्य की दोनों ही प्रमुख पार्टियां भाजपा और कांग्रेस तैयारियों में जुटी हुई हैं। दोनों पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने में जुटे हैं। ऐसे में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। मंधाता विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक नारायण पटेल ने अपना इस्तीफा दे दिया है। मांधाता विधायक नारायण पटेल गुरुवार को भोपाल पहुंचे और विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा से मिलकर उन्होंने अपनी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा सौंप दिया। माना जा रहा है कि वे भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने गुरुवार को भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की और अपने इस्तीफे की जानकारी दी। इसके अलावा वे प्रदेश के मंत्रियों से भी मिले। एक सप्ताह पहले बड़ामल्हरा विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी अपनी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई थी। इसके दो दिन बाद ही यानी बीते शुक्रवार को नेपानगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की विधायक सुमित्रा कास्डेकर ने भी विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गई थी। उन्होंने भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। अब मंधाता से कांग्रेस विधायक नारायण पटेल ने भी गुरुवार को अपना विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। एक सप्ताह में कांग्रेस को यह तीसरा झटका है। अब तक कांग्रेस के 25 विधायक अपनी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा सौंप चुके हैं, जबकि दो विधायकों का निधन हुआ है। इस तरह अब प्रदेश विधानसभा की 27 सीटें खाली हो गई हैं, जिन पर आने वाले दिनों में उपचुनाव होंगे। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस को 114 सीटें मिली थीं। जिसके बाद कांग्रेस ने सपा-बसपा और निर्दलीय विधायकों के साथ कमलनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सरकार बनाई थी, लेकिन 19 महीने में परिस्थितियां बदल गईं और कमलनाथ सरकार गिर गई। वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 22 विधायकों के इस्तीफा देने से प्रदेश का राजनीतिक परिदृश्य बदल गया और फिर से भाजपा की सरकार आ गई। अब प्रदेश में कांग्रेस के खाते में मात्र 89 विधायक बचे हैं, जबकि विधानसभा में भाजपा के 107, बसपा के दो, सपा का एक और निर्दलीय चार विधायक हैं। हिन्दुस्थान समाचार/मुकेश/सुनीत-hindusthansamachar.in