राष्ट्रपति को कांग्रेस और सम्बद्ध विधायकों का ज्ञापन: विधानसभा सत्र आहूत करने की दिलाएं अनुमति
राष्ट्रपति को कांग्रेस और सम्बद्ध विधायकों का ज्ञापन: विधानसभा सत्र आहूत करने की दिलाएं अनुमति
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राष्ट्रपति को कांग्रेस और सम्बद्ध विधायकों का ज्ञापन: विधानसभा सत्र आहूत करने की दिलाएं अनुमति

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जयपुर, 27 जुलाई (हि.स.)। कांग्रेस विधायक दल और सम्बद्ध सदस्यों ने सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन भेजकर प्रदेश के वर्तमान राजनीतिक संकट में हस्तक्षेप करने और राज्य सरकार को विधानसभा सत्र आहूत करने की अनुमति दिलाने की मांग की है। विधायकों ने कहा है कि राजस्थान सहित पूरे देश में जहां भी अलोकतांत्रिक तरीकों और भ्रष्ट आचरण के द्वारा लोकतंत्र को कमजोर करने के जो प्रयास किये जा रहे हैं, उन्हें भी राष्ट्रपति अपने स्तर से दखल देते हुए रुकवाने के लिए सख्त कदम उठाएं। ज्ञापन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक संकट की जानकारी देते हुए बताया गया है कि आज पूरा देश कोरोना की वैश्विक महामारी से जूझ रहा है, ऐसे में हम चाहते हैं कि विधानसभा का सत्र बुलाकर कोरोना सहित प्रदेश की विभिन्न आर्थिक समस्याओं के बारे में विधानसभा में सभी दलों से चर्चा करके उचित फैसले कर सकें, जिससे जनता को और अधिक राहत मिल सके, लेकिन राज्य सरकार को विधानसभा का सत्र नहीं बुलाने दिया जा रहा है। सब तरफ से हमारे संवैधानिक अधिकारों व कोशिशों को विफल किया जा रहा है। विधायकों ने ज्ञापन में बताया कि पिछले कुछ समय से लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई राज्य सरकारों को हॉर्स ट्रेडिंग व अन्य भ्रष्ट आचरण के माध्यम से अपदस्थ करने के भारतीय जनता पार्टी और इसके नेताओं के कुत्सित प्रयास न सिर्फ देश के लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं, बल्कि देश के संविधान की धज्जियां भी उड़ाई जा रही हैं। देश की जनता अवाक् है। अनेक प्रांतों के राज्यपाल अपने पद की गरिमा की चिंता किये बिना सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर संविधान की घोर अवहेलना कर रहे हैं। इन परिस्थितियों से राजस्थान जैसे शांतिप्रिय राज्य में पैसों के माध्यम से खरीद-फरोख्त के जो समाचार पूरे देश की जनता के सामने आये हैं, वे स्तब्ध करने वाले हैं। केन्द्रीय मंत्रियों के खरीद-फरोख्त और भ्रष्ट आचरण के प्रथम दृष्टि से प्रमाण पाये जाने के बावजूद भी उन्हें मंत्रिमण्डल से नहीं हटाया जाना लोकतंत्र के माथे पर कलंक के समान है। राजनीतिक बदले की भावना से लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकारों और जनप्रतिनिधियों को कमजोर करने और डराने के लिये ई.डी., इनकम टैक्स व सीबीआई का जो भारी दुरुपयोग किया जा रहा है, वह घोर निन्दनीय है। ज्ञापन में राष्ट्रपति से आग्रह किया गया है कि हमारे पास इसके अलावा कोई रास्ता नहीं बचता कि हम इस सम्बन्ध में सारी स्थितियों को आपके समक्ष रखें। वैसे तो आपको स्वयं जानकारी होगी कि राजस्थान में क्या चल रहा है। यदि किन्हीं व्यस्तता के कारण यहां की स्थिति की सम्पूर्ण जानकारी आप तक नहीं पहुंच पाई हो तो कृपा करके हमारे ज्ञापन को पढ़कर, राजस्थान से सम्बन्धित सारी जानकारी लेकर हस्तक्षेप करें और राज्य सरकार को विधानसभा का सत्र आहूत करने की अनुमति दिलाएं। हिन्दुस्थान समाचार/संदीप/बच्चन-hindusthansamachar.in