सीईओ डॉ. वीएन शाह की सफाई- हमने सीआर पाटिल को इंजेक्शन नहीं दिए

 सीईओ डॉ. वीएन शाह की सफाई- हमने सीआर पाटिल को इंजेक्शन नहीं दिए
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- सी आर पाटिल ने जो इंजेक्शन बांटे, अहमदाबाद के ज़ाइडस के होने के अनुमान हर्ष भाई शाह अहमदाबाद,12 अप्रैल (हि.स.) | भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल की ओर से बांटे गए अथवा भविष्य में दिए जाने वाले 5 हजार इंजेक्शन के बारे में विवाद थम नहीं रहा है। संबंधित अस्पताल के सीइओे ने इंजेक्शन अपने यहां के होने से इनकार किया है। पहले दावा किया गया था कि ये इंजेक्शन किसी और राज्य से लाए गए थे। इस बीच पता चला है कि इंजेक्शन अहमदाबाद की झायडस कंपनी के ही थे। इंजेक्शन का बैच नंबर वी100122 है, जिसके आधार पर इन्हे गुजरात में बेचा गया या बाहर, यह कंपनी ही बता सकती है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सी आर पाटील की ओर से मुफ़त रेमडेसिवर इंजेक्शन देने की घोषणा के बाद काफी विवाद हुआ है। हालांकि, लगातार दूसरे दिन रविवार को भी 800 से 1 हजार लोगों को मुफ्त इंजेक्शन दिए गए। सोमवार को इंजेक्शन देने को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। भाजपा नेताओं का कहना है कि अगर इंजेक्शन की अधिक मात्रा आती है, तो इसे वितरित किया जाएगा। दूसरी ओर, इंजेक्शन विवाद के बाद, सूरत के मूजरा क्षेत्र के विधायक हर्ष संघवी ने दावा किया कि जिस राज्य में कोरोना का कोई मामला नहीं है ,वंहा से हमने पैसे देकर इंजेक्शन खरीदा है। अब लोगों की सेवा के लिए इसे मुफ्त में दिया जा रहा है। इसमें हमने कुछ भी गलत या पाप नहीं किया है। ज्ञातव्य है कि सूरत शहर में शनिवार को भाजपा नेताओं ने इंजेक्शन बॉक्स खोले थे। बॉक्स में स्पष्ट रूप से झायडस हेल्थ केयर लिखा हुआ है और इंजेक्शन का उत्पादन मार्च में बताया गया था। शुक्रवार को, झायडस अस्पताल ने घोषणा की थी कि वह अब इंजेक्शन नहीं बेचेगी। उसी दिन, गुजरात के भाजपा अध्यक्ष सी आर पाटिल सहित नेताओं ने सिविल अस्पताल का दौरा किया और उसी समय सूरतवासियों को मुफ्त इंजेक्शन देने की घोषणा की। न केवल सूरत में, बल्कि पाटिल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र नवसारी में भी इंजेक्शन भेजे। झायडस अस्पताल के सीईओ डॉ वीएन शाह ने कहा कि हमने सीआर पाटिल को इंजेक्शन नहीं दिया है। मैं एक अस्पताल में डॉक्टर के रूप में काम करता हूं, इसलिए मुझे उत्पादन और बिक्री के बारे में अधिक जानकारी नहीं है। मैं प्रोडक्शन हाउस में पता करके बताऊंगा कि कंपनी ने किस क्षेत्र में इंजेक्शन बेचे हैं| कांग्रेस ने पूरे विवाद में भाजपा सरकार की आलोचना की थी। कांग्रेस प्रवक्ता जयराज सिंह परमार ने कहा कि सरकारी और निजी अस्पतालों में इस इंजेक्शन की कमी है। पाटिल को यह इंजेक्शन कहां से मिला, जब मेडिकल सिफारिश के बिना और मरीज की पहचान पत्र के बिना यह इंजेक्शन नहीं मिलता है। यह बहुत गंभीर प्रश्न है। अब, गांधीनगर उत्तर के कांग्रेस विधायक सी जे चावड़ा ने भी राज्य के खाद्य और औषधि आयुक्त को एक पत्र लिखा है। पत्र में गांधीनगर के लिए भी कांग्रेस को 2 हजार,500 इंजेक्शन देने के लिए कहा गया है, जैसे पाटिल को सूरत के लिए 5 हजार इंजेक्शन मिले थे। हिन्दुस्थान समाचार