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मुख्यमंत्री रावत ने उत्तराखंड की जल समस्याओं को लेकर केंद्रीय मंत्री शेखावत से की मुलाकात

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- 6 सीवेज शोधन संयंत्र और सीवर लाइन के लिए 228 करोड़ रुपये की मांग - राज्य के प्रत्येक खेत तक पहुंचेगा सिंचाई का पानी नई दिल्ली, 23 फरवरी (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को राज्य की प्रमुख जल समस्याओं को लेकर यहां केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। नई दिल्ली प्रवास के दूसरे दिन मुख्यमंत्री रावत ने आज केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से उनके आवास पर मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में 6 सीवेज शोधन संयंत्र और सीवर लाइन (अनुमानित लागत 228 करोड़ 40 लाख रुपये) के प्रस्ताव को मंजूरी देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे के अंतर्गत उत्तराखंड में गंगा और उसकी सहायक नदियों पर 8 स्नान व मोक्ष घाट (अनुमानित लागत 22 करोड़ 04 लाख रुपये) के प्रस्ताव को भी स्वीकृति देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लखवाड़ परियोजना पर कैबिनेट क्लियरेंस व किसाऊ परियोजना पर राज्यों के बीच में समझौता भी जल्द ही हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को जलशक्ति मंत्रालय से हर सम्भव सहयोग दिए जाने के प्रति आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य से संबंधित सभी लम्बित मामलों का एक माह में निस्तारण कर दिया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को वीर दुर्गादास की प्रतिमा भेंट की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की पारंपरिक लोककला ऐपण भेंट की। केंद्रीय मंत्री ने मुलाकात के दौरान उत्तराखंड में विगत दिनों आई आपदा के बारे में भी जानकारी ली। राज्य की जल संबंधी चिंताओं को हल करने के लिए मुख्यमंत्री रावत ने नमामि गंगे कार्यक्रम, बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम व प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से जुड़े हुए विभिन्न प्रस्ताव रखे। इस पर शेखावत ने कहा जल शक्ति मंत्रालय इनका उचित निराकरण करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र पोषित बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत 1108 करोड़ 38 लाख रुपये की 38 बाढ़ सुरक्षा योजनाओं को वर्ष 2014-15 व 2015-16 में भारत सरकार द्वारा टेक्नो इकोनोमिक क्लीयरेंस प्रदान की जा चुकी है। अब इनके इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस की स्वीकृति अपेक्षित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक निर्माण लागत को देखते हुए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हर खेत को पानी की वर्तमान गाइडलाइन के अनुसार 2.5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की लागत को बढ़ाकर 4 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर किया जाए। जब तक ऐसा नहीं हो जाता है तब तक राज्य सरकार को 2.5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से अधिक की लागत को स्वयं वहन करने की अनुमति दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अतिवृष्टि व दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई योजनाओं के जीर्णोद्धार, पुनरोद्धार व सुदृढ़ीकरण को भी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-हर खेत को पानी में शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-हर खेत को पानी के अंतर्गत उत्तराखंड में 349 करोड़ 39 लाख रुपये लागत की 422 नयी योजनाओं का प्रस्ताव भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने इनकी स्वीकृति का अनुरोध किया। राज्य में जल जीवन मिशन की प्रगति के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को भी कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य से जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा की थी। इनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय नागरिक उड्डयन और शहरी आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नाम शामिल हैं। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील

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