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केंद्रीय एजेंसियों में सीसीटीवी लगाने के मामले में केंद्र एवं राज्य सरकारों को फटकार

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नई दिल्ली, 02 मार्च (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई, एनआईए, ईटी, एनसीबी, डीआरआई, एसएफआईओ के दफ्तरों में सीसीटीवी लगाने के आदेश पर अमल नहीं होने पर केंद्र और राज्य सरकारों को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को एक महीने के अंदर इसके लिए धन आवंटित करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान जस्टिस आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि सरकार पैर पीछे खींच रही है। कोर्ट ने कहा कि धन आवंटित करने के चार महीने के अंदर सीसीटीवी लग जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के जैसे बड़े राज्य को इसके लिए धन आवंटित करने के लिए तीन महीने और छह महीने में सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार को धन आवंटित करने के लिए दो महीने और सीसीटीवी लगाने के लिए और छह महीने दिया। कोर्ट ने चुनाव होने वाले राज्यों पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुड्डुचेरी को 31 दिसम्बर तक सभी थानों में सीसीटीवी लगाने का आदेश दिया। कोर्ट ने 2 दिसम्बर 2020 को सभी राज्यों को अपने पुलिस स्टेशनों पर आडियो रिकार्डिंग के साथ सीटीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने आने-जानेवाले द्वार समेत हर अहम स्थानों पर कैमरे लगाने और उसकी रिकार्डिंग डेढ़ साल तक संरक्षित रखने का निर्देश दिया था। यह याचिका परमवीर सिंह सैनी ने दायर की थी। कोर्ट ने वकील सिद्धार्थ दवे को इस मामले में कोर्ट की मदद करने के लिए एमिकस क्युरी नियुक्त किया था। कोर्ट ने अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल को भी कोर्ट की मदद करने का आग्रह किया था। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस ज्यादती पर रोक लगाने के लिए अप्रैल 2018 में आदेश दिया था कि देशभर के सभी थानों में सीसीटीवी लगाए जाएं। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/सुनीत