केंद्र की योजना : ऑक्सीजन का परिवहन सिर्फ विशेषज्ञ ड्राइवर ही करेंग

 केंद्र की योजना : ऑक्सीजन का परिवहन सिर्फ विशेषज्ञ ड्राइवर ही करेंग
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नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने देश के विभिन्न हिस्सों में लिक्विड ऑक्सीजन (एलओएक्स) और अन्य जीवन रक्षक सामग्री की त्वरित व सुचारु डिलीवरी के लिए के मौजूदा ड्राइवरों के बदले प्रशिक्षित ड्राइवरों का एक पूल बनाना शुरू कर दिया है। योजना के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रशिक्षित ड्राइवरों का एक पूल बनाने का निर्देश दिया गया है। ऐसे 500 प्रशिक्षित ड्राइवरों को तुरंत उपलब्ध कराया जाना है। अगले दो महीनों में ड्राइवरों की संख्या बढ़ाकर 2,500 की जाएगी। इस संबंध में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने घोषणा की है कि केवल पर्याप्त प्रशिक्षण वाले प्रशिक्षित ड्राइवरों और हजार्डस कार्गो लाइसेंस वाले ड्राइवरों को ही एलओएक्स ट्रकों को संचालित करने की अनुमति है। मंत्रालय ने कहा, प्रशिक्षित ड्राइवरों का एक बड़ा पूल उपलब्ध कराने की तत्काल आवश्यकता है जो 24 गुणा 7 संचालन को ध्यान में रखते हुए मौजूदा ड्राइवर की जगह ले सकें। मंत्रालय कहा, यह सुझाव दिया जाता है कि एक छोटे कार्यक्रम और शिक्षुता के माध्यम से खतरनाक रसायनों और एलएमओ से निपटने में प्रशिक्षण के साथ कौशलपूर्ण ड्राइवरों को जल्दी से चुनें। चालक को कम समय (3/4 दिन) के कार्यक्रम और शिक्षुता के माध्यम से खतरनाक रसायनों की ढुलाई और एलएमओ हैंडलिंग में कुशल भारी मोटर वाहन (एचएमवी) लाइसेंस धारक होना चाहिए। इस तरह के प्रशिक्षण मॉड्यूल लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल (एलएसएससी), इंडियन केमिकल काउंसिल (आईसीसी), नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) और मेडिकल ऑक्सीजन निर्माताओं की मदद से तैयार किए गए हैं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को चुनने के लिए एचएमवी या खतरनाक रासायनिक लाइसेंस वाले कुछ स्थानीय ड्राइवरों की सिफारिश करने का भी अनुरोध किया गया है। साथ ही, सभी कुशल ड्राइवरों की सूची एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी और इन प्रशिक्षित ड्राइवरों की सेवाओं का उपयोग क्रायोजेनिक एलएमओ टैंकरों को ले जाने के लिए किया जा सकता है। यह भी सलाह दी गई है कि एलओएक्स टैंकर ड्राइवरों को एक विशेष कोविड टीकाकरण अभियान के साथ सुविधा दी जा सकती है और यदि वे कोविड संक्रमित पाए जाते हैं तो अस्पतालों में भर्ती और उपचार में प्राथमिकता दी जा सकती है। --आईएएनएस एसजीके/एएनएम