1962 में हुई हॉलीवुड सुपरस्टार मर्लिन मनरो की मौत आज भी एक रहस्य बनी है
1962 में हुई हॉलीवुड सुपरस्टार मर्लिन मनरो की मौत आज भी एक रहस्य बनी है
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1962 में हुई हॉलीवुड सुपरस्टार मर्लिन मनरो की मौत आज भी एक रहस्य बनी है

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1962 में हुई हॉलीवुड सुपरस्टार मर्लिन मनरो की मौत आज भी एक रहस्य बनी है जिस तरह बॉलीवुड स्टार सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी अब रहस्य के बादलों में घिरी हुई है। उसी तरह हॉलीवुड की सुपरस्टार और ग्लैमरस एक्ट्रैस मर्लिन मुनरो की खुदकुशी आज भी रहस्यों में घिरी हुई है। आज भी ऐसे लोगों की कमी नहीं जो मानते हैं कि अमेरिकी की जासूसी एजेंसी सीआईए ने उन्हें मार दिया था। मर्लिन की रहस्यमय खुदकुशी की फाइलें कई बार खुलीं लेकिन इसे बंद कर दिया गया। 05 अगस्त 1962 में अमेरिका के लास एंजिल्स के सांतामोनिका समुद्र तट पर सुबह सबेरे एक कंसर्ट का आय़ोजन था। उसमें बॉबी डोरिन, एल्पिस प्रेसले और डेन शेनन जैसे जाने-माने गायक हिस्सा ले रहे थे। तभी डिक्स जॉकी ने बीच में कार्यक्रम को रोकते हुए एक श्रृद्धांजलि गीत सुनाया। जन्मदिन विशेष : गरीबों के मसीहा सोनू सूद ने इस वजह से 10 साल से नहीं मनाया अपना जन्मदिन दुखद खबर सुनाई गयी कि दुनिया की सबसे मशहूर और लोगों को दीवाना बना देने वाली एक्ट्रैस मर्लिन मनरो ने 36 साल की उम्र में आत्महत्या कर ली। हर कोई शोक में डूब गया। जैसे जैसे ये खबर फैली लोगों को विश्वास करना मुश्किल हो गया कि ऐसा कैसे हो गया। मर्लिन मनरो के बारे में कहा गया कि उसने जरूरत से ज्यादा नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या की लेकिन ये सवाल कभी सुलझ नहीं पाया कि इतनी ढेर सारी गोलियां उसके पास कहां से आईं। बाद में दवा की शीशी भी गायब पायी गई। मर्लिन के मौत की खबर आधी रात तक कई अहम जगहों तक पहुंच चुकी थी। कहा जाता है कि रातों-रात खुफिया विभाग के लोगों ने मर्लिन के घर पहुंचकर पहला काम ये किया कि फॉक्स स्टूडियो और कैनेडी बंधुओं से संबंधित कई कागजात और तस्वीरें वहां से हटा ली गईं। हालांकि मर्लिन की मौत के एक हफ्ते बाद महिला रिपोर्ट्रर मुईट ने अपने कॉलम में लिखा, लासएंजिल्स पुलिस विभाग पर इस मामले को दबाने का दबाव पड़ रहे हैं. दबाव उन असरदार लोगों की ओर से डाला जा रहा है, जो अंतिम सप्ताह में हॉलीवुड एक्ट्रैस के नजदीक संपर्क में थे. बाद में जिन खोजी पत्रकारों ने इसकी जांच करने की कोशिश की, उन्होंने इसके सभी रिकॉर्ड्स और सबूतों को गायब पाया, इस बारे में जब एक जांचपरक किताब लिखी गई तो लेखक को कोई प्रकाशक नहीं मिला, क्योंकि इसकी कड़ियां कैनेडी भाइयों तक जाती लग रही थी। मर्लिन की मौत के 20 सालों बाद फिर उसकी आत्महत्या की फाइल खोली गई, जांच हुई लेकिन ज्यादातर साक्ष्य या रिकॉर्ज नष्ट हो चुके थे, हालांकि ये महसूस हुआ कि ये आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या थी। 1982 में मर्लिन की मौत की फाइलें फिर से खुलीं, फिर से रिकॉर्डों को छाना गया, लोगों की गवाहियां हुईं. तीन साल जांच चली लेकिन इतने सालों में महत्वपूर्ण रिकॉर्ड गायब हो चुके थे। वैसे ये बात सही है कि मर्लिन की हत्या के बाद कैनेडी परिवार का पतन शुरू हो गया। ज्यादातर इस परिवार के सदस्य रहस्यमय तरीके से मारे गए। रही बात मर्लिन के मौत की तो वो आज भी रहस्य है। ज्यादातर लोग आज भी मानते हैं कि मर्लिन की मौत खुदकुशी तो नहीं ही थी। Thank You, Like our Facebook Page - @24GhanteUpdate 24 Ghante Online | Latest Hindi News-24ghanteonline.com