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मुकुल को तृणमूल में जाने से रोकने के लिए भाजपा न लगाई पूरी ताकत, रॉय बोले- बहुत देर हो चुकी

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कोलकाता, 11 जून (हि.स.)। एक दौर में ममता बनर्जी के राइट हैंड रहे और बाद में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य रणनीतिकार बने मुकुल रॉय भाजपा के बड़े नेताओं से नाराज हैं। राॅय के तृणमूल कांग्रेस में वापसी की खबरें आने के बाद भाजपा के कई बड़े नेताओं ने रॉय से संपर्क करने की कोशिश की है लेकिन उन्होंने केन्द्रीय नेताओं के फोन उठाना बंद कर दिया है। मुकुल रॉय के तृणमूल कांग्रेस में जाने से रोकने के लिए भाजपा नेताओं ने पूरी कोशिश कर ली। सूत्रों की मानें तो उन्हें मनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर बंगाल प्रभारी कैलाश विजवर्गीय, सह प्रभारी अरविंद मेनन, अमित शाह के राइट हैंड माने जाने वाले भूपेंद्र यादव समेत कई अन्य वरिष्ठ केंद्रीय नेता लगातार संपर्क साधने की कोशिश की। लेकिन रॉय किसी का भी फोन नहीं उठा रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार को मुकुल के एक करीबी सूत्र ने बताया कि उन्होंने कह दिया है कि अब बहुत देर हो चुकी। भाजपा में बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह गया है। सूत्रों ने बताया है कि 2017 के अक्टूबर महीने में भाजपा में शामिल होने के बाद मुकुल रॉय ने 2018 के पंचायत चुनाव, 2019 के लोकसभा चुनाव और 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के लिए जीतोड़ कोशिश की थी। उन्होंने ममता बनर्जी की पार्टी की जड़ें हिलाते हुए सभी बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल करा दिया था, लेकिन प्रदेश भाजपा ने उन्हें कभी भी अहमियत नहीं दी गई। यहां तक कि जब आजादी के बाद बंगाल में भारतीय जनता पार्टी 77 सीटें जीतकर पहली बार राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बनी है तब भी मुकुल रॉय को नजरअंदाज किया गया और विधायक के तौर पर उनकी जीत के बावजूद ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी को नेता प्रतिपक्ष बना दिया गया। वह भी तब जब शुभेंदु अधिकारी मुकुल रॉय से काफी जूनियर हैं। राजनीति का लंबा वक्त शुभेंदु ने मुकुल की छत्रछाया में बिताया है। माना जा रहा है कि पार्टी में उपेक्षा को रॉय बर्दाश्त नहीं कर सके। हिन्दुस्थान समाचार / ओम प्रकाश