बीएड परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर फूटा अभ्यर्थियों का गुस्सा
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बीएड परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर फूटा अभ्यर्थियों का गुस्सा

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बीएड परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर फूटा अभ्यर्थियों का गुस्सा लखनऊ| कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस हालात में 9 अगस्त को प्रस्तावित बीएड प्रवेश परीक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से प्रवेश पत्र जारी करने के बाद अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है। अभ्यर्थी शक्ति राजभर ने सोशल मीडिया पर अपना प्रवेश पत्र साझा किया है। वह कहते हैं कि उन्होंने प्रयागराज, कानपुर और लखनऊ के परीक्षा केन्द्रों पर पेपर देने का विकल्प भरा था। उन्हें 250 किमी दूर बलरामपुर में एमएलके पीजी कॉलेज में परीक्षा केन्द्र आवंटित किया गया है। प्रयागराज के बृजेश सिंह लिखते हैं कि उन्होंने प्रयागराज में परीक्षा केन्द्र का विकल्प भरा था। केन्द्र इटावा में दिया गया है। कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात में परीक्षा देने जाने का मतलब अपनी जान जोखिम में डालना है। AICTE ने बताया- इस साल इंजीनियरिंग संस्थानों और बिजनेस स्कूलों सहित 179 कॉलेज हुए बंद प्रगति आजाद लखनऊ विश्वविद्यालय को अपनी आपत्ति टैग करते हुए सोशल मीडिया में लिखा है कि कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। विवि प्रशासन को व्यवहारिक सोच के साथ इस परीक्षा पर फैसला लेना चाहिए। अंकित गौर लिखते हैं कि इन हालात में अभ्यर्थी न तो परीक्षा केन्द्र तक पहुंचेंगे और न ही परीक्षा दे पाएंगे। अभ्यर्थी रानू कुमार ने लिखा है कि परीक्षा केन्द्रों पर भीड़भाड़ के माहौल में अगर सिर्फ एक सैनिटाइजर की बोतल और मास्क काफी होता तो देश में इस बीमारी को लेकर इतनी खतरा न बढ़ता। दिशा-निर्देशों पर भी उठाए सवाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभ्यर्थियों को दिशा-निर्देशों से जुड़े करीब 15 बिंदु जारी किए गए हैं। इसमें बिंदु 10 में अर्हता परीक्षा के नतीजे और उसका मूल अंकपत्र काउंसलिंग से पूर्व अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि अभी तक को प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में अन्तिम वर्ष की परीक्षा तक नहीं हुई है। ऐसे में यह फरमान बेमानी है। एक मिनट में 18 हजार मीटर की ऊंचाई नाप सकता है राफेल, पढ़ें विमान की खास बातें एलयू ने तैयारियों पर वीडियो जारी किया: बीएड प्रवेश परीक्षा 2020 करा रहे लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से अपनी तैयारियों को लेकर एक वीडियो जारी किया गया है। इसमें, राज्य समन्वयक प्रो. अमिता बाजपेई का कहना है कि प्रथम, द्वितीय और तृतीय वरीयता के आधार पर केन्द्र आवंटित करने के बाद भी बहुत अधिक संख्या में अभ्यर्थी बच गए हैं। उनको अन्य शहरों में भेजा गया है। दावा है कि अभ्यर्थियों की सुविधा प्राथमिकता रही है। अभ्यर्थियों से अपील है कि वह निश्चिंत होकर केन्द्रों पर जाकर परीक्षा दें। Thank You, Like our Facebook Page - @24GhanteUpdate 24 Ghante Online | Latest Hindi News-24ghanteonline.com