असम के मुख्यमंत्री ने की संघ प्रमुख से मुलाकात

असम के मुख्यमंत्री ने की संघ प्रमुख से मुलाकात
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नागपुर, 11 जून (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिश्व सरमा ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत से संघ मुख्यालय में मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने रेशमबाग स्थित डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर 'गुरुजी' की समाधि के दर्शन किए। मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. सरमा का यह पहला नागपुर दौरा था। डॉ. सरमा शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे नागपुर पहुंचने वाले थे लेकिन व्यस्तता के चलते अपराह्न 3.30 बजे विशेष विमान से नागपुर पहुंचे। नागपुर एयरपोर्ट से वह शाम 4.20 बजे संघ मुख्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने सरसंघचालक डॉ. भागवत से मुलाकात की। इस अवसर पर डॉ. सरमा ने सरसंघचालक डॉ. भागवत से पूर्वोत्तर की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। संघ मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार असम को लेकर डॉ. सरमा ने डॉ. भागवत से विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने मौजूदा परिस्थियों और चुनौतियों का जिक्र किया। इसके बाद वह रेशमबाग के लिए रवाना हुए। उल्लेखनीय है कि डॉ. सरमा 2015 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। असम के तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के साथ मतभेदों के कारण डॉ. सरमा ने कांग्रेस छोड़ी। अपने सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके पार्टी में शामिल होने के बाद असम में भाजपा की ताकत और बढ़ गई। साल 2016 के राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा को शानदार जीत मिली थी। चुनाव परिणामों के बाद डॉ. सरमा का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए चर्चा में था लेकिन उस समय सर्बानंद सोनोवाल को मुख्यमंत्री चुना गया था। उस समय सोनवाल केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री थे। सोनोवाल सरकार में डॉ. सरमा वित्त समेत कई प्रमुख विभागों के मंत्री रहे। डॉ. सरमा ने राज्य में भाजपा को दूसरी बार सत्ता दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। डॉ. सरमा असम के जलुकबारी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से लगातार पांचवीं बार जीते हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार आरसी बोरठाकुर को एक लाख से अधिक मतों से हराया। हिन्दुस्थान समाचार/ मनीष कुलकर्णी